नई दिल्ली,23 अक्टूबर (युआईटीवी)- पूर्वी एशिया में शक्तिशाली समुद्री तूफान ‘सुपर टाइफून चाम्पी’ ने चिंता बढ़ा दी है। ताइवान की ओर तेजी से बढ़ रहे इस तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए हैं। तूफान के संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ताइवान में स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और शेयर बाजार को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा हवाई, रेल और समुद्री परिवहन सेवाओं पर भी व्यापक असर पड़ा है। सैकड़ों उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तूफान के करीब आने के साथ ही ताइवान में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 94 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित रखने के लिए बचाव और राहत अभियान तेज कर दिया है।
मौसम संबंधी अनुमानों के अनुसार, चाम्पी के शुक्रवार को ताइवान पहुँचने की आशंका जताई गई है। तूफान के साथ लगभग 173 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि तूफान का प्रभाव क्षेत्र लगभग 320 किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है। ऐसे में इसका असर ताइवान के बड़े हिस्से में देखने को मिल सकता है। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में उठने वाली ऊँची लहरों के कारण जनजीवन प्रभावित होने के साथ-साथ बुनियादी ढाँचे को नुकसान पहुँचने की आशंका भी बनी हुई है।
सुपर टाइफून के खतरे को देखते हुए ताइवान प्रशासन ने व्यापक स्तर पर एहतियाती इंतजाम किए हैं। शुक्रवार को देश की कुल 22 काउंटी और शहरों में से 21 में स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को बंद रखने का फैसला किया गया। इसका उद्देश्य लोगों की आवाजाही कम करना और उन्हें संभावित दुर्घटनाओं से बचाना है। हालाँकि,किनमेन क्षेत्र में सामान्य रूप से कामकाज और पढ़ाई जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
तूफान की गंभीरता को देखते हुए ताइवान के शेयर बाजार को भी शुक्रवार के लिए बंद कर दिया गया। इससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम में होने वाले बदलावों के अनुसार आगे के फैसले लेने की तैयारी कर रहा है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
चाम्पी के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्थानीय मीडिया की जानकारी के मुताबिक,ताइवान में शुक्रवार के लिए निर्धारित सभी 262 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही 660 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को भी रद्द करना पड़ा है। अचानक हुए इन बदलावों के कारण यात्रियों की यात्रा योजनाएँ प्रभावित हुई हैं। कई लोगों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी है,जबकि अन्य यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों और ठहरने की व्यवस्था के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
हवाई सेवाओं के अलावा रेल और फेरी सेवाओं को भी रोक दिया गया है। कुछ राजमार्गों को बंद करने का निर्णय लिया गया है,ताकि तेज हवाओं,भारी बारिश और संभावित भूस्खलन से होने वाले हादसों को टाला जा सके। परिवहन सेवाओं को सामान्य करने का फैसला मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद ही लिया जाएगा।
तूफान का असर जापान में भी दिखाई देने लगा है। वहाँ की प्रमुख विमानन कंपनियों ने गुरुवार से रविवार के बीच 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी हैं। इनमें जापान एयरलाइंस और एएनए जैसी बड़ी कंपनियाँ शामिल हैं। इन उड़ानों के रद्द होने से कम से कम 11 हजार यात्रियों के प्रभावित होने का अनुमान लगाया गया है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण विमानन कंपनियाँ यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों के संचालन में बदलाव कर रही हैं।
तूफान के प्रभाव के बीच ताइवान में एक व्यक्ति की जान चली गई है और 94 लोग घायल हुए हैं। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार,दक्षिण-पश्चिमी ताइवान के पास स्थित लियूचिउ द्वीप पर समुद्री लहरों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। समुद्र में उठने वाली तेज लहरें तटीय इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। अधिकारियों ने समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
घायलों में अधिकांश ऐसे लोग हैं,जिन्हें सड़क दुर्घटनाओं या गिरने के कारण चोटें आई हैं। खराब मौसम के दौरान फिसलन,तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।
आपदा प्रबंधन एजेंसियों के मुताबिक,सरकार अब तक एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा चुकी है। जिन क्षेत्रों में बाढ़, समुद्री लहरों या भूस्खलन का खतरा अधिक है,वहाँ रहने वाले लोगों को प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है। राहत और बचाव दलों को सतर्क रखा गया है,ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुँचाई जा सके।
ताइवान के मौसम प्रशासन ने राजधानी ताइपेई के कुछ इलाकों में 24 घंटे के भीतर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी दी है। इतनी अधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और पहाड़ी क्षेत्रों में मिट्टी खिसकने का खतरा बढ़ सकता है। लगातार बारिश से यातायात व्यवस्था और दैनिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका है।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार,तूफान का प्रभाव शनिवार शाम तक बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों को समुद्र तटों,पहाड़ी इलाकों और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि तूफान के दौरान केवल तेज हवाएँ ही नहीं,बल्कि भारी बारिश और समुद्र में उठने वाली ऊँची लहरें भी गंभीर नुकसान पहुँचा सकती हैं। इसलिए लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करने और आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार,चाम्पी शनिवार को उत्तर की ओर मुड़ सकता है। इसके बाद इसके जापान की दिशा में बढ़ने की संभावना है। तूफान चीन के पूर्वी तटीय क्षेत्र से गुजरते हुए जापान के कुछ हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। हालाँकि,इसके आगे के मार्ग और तीव्रता को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। तूफान की दिशा में मामूली बदलाव भी अलग-अलग क्षेत्रों में इसके प्रभाव को बदल सकता है।
पूर्वी एशिया में इस वर्ष शक्तिशाली समुद्री तूफानों की गतिविधियाँ चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक,चाम्पी जापान में इस वर्ष दर्ज किया गया 30वां टाइफून है। वर्ष 2013 के बाद पहली बार एक वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में तूफान देखे जाने की बात कही जा रही है। लगातार विकसित हो रहे तूफानों के कारण क्षेत्र के कई देशों को मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार रहना पड़ रहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार,प्रशांत महासागर के तापमान में बदलाव का असर समुद्री तूफानों की गतिविधियों पर पड़ सकता है। शक्तिशाली अल नीनो की स्थिति समुद्र की सतह के तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों को प्रभावित करती है। इसका प्रभाव वर्षा, सूखे और तूफानों जैसी चरम मौसमी घटनाओं पर भी पड़ सकता है। हालाँकि,किसी विशेष तूफान की तीव्रता और दिशा का निर्धारण कई मौसम संबंधी कारकों पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों का आकलन है कि इस वर्ष आगे भी नए टाइफून विकसित हो सकते हैं। ऐसे में पूर्वी एशिया के देशों के लिए मौसम की निगरानी,समय पर चेतावनी जारी करना और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाना महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल ताइवान में प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और तूफान से होने वाले संभावित नुकसान को कम करना है। उड़ानों तथा अन्य परिवहन सेवाओं के बाधित होने से सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। आने वाले दिनों में चाम्पी की दिशा,बारिश की तीव्रता और हवाओं की रफ्तार यह तय करेगी कि ताइवान और जापान के विभिन्न हिस्सों में इसका असर कितना गंभीर रहता है।
