नई दिल्ली, 2 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)| भारत के सबसे बड़े ऑनलाइन स्किल गेमिंग प्लेटफॉर्म ‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ ने घोषणा की है कि वह भारत में बाल कल्याण (चाइल्ड वेलफेयर) के लिए काम करेगा।
‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ ने गुरुवार को घोषणा की है कि वह कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन (केएससीएफ), हेमकुंट फाउंडेशन, अक्षय पात्र फाउंडेशन और यूनाइटेड वे ऑफ बेंगलुरु सहित इस डोमेन में काम करने वाले कुछ प्रमुख संगठनों के साथ वित्तीय योगदान के साथ ही भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ ने चालू वित्त वर्ष में बाल कल्याण के लिए कुल 6 करोड़ रुपये के दान की घोषणा की है, जिसमें बच्चों को तस्करी से बचाना, शिक्षा की सुविधा, पोषण किट उपलब्ध कराना, शिक्षा और प्रशिक्षण में डिजिटल अंतर को पाटना शामिल है। इन पहलों से 15,000 बच्चों को उनके भविष्य के प्रगतिशील ब्लूप्रिंट को आकार देने में लाभ होगा।
‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के सह-संस्थापक और सीईओ त्रिविकिरमन थंपी ने कहा, “कोविड-19 का संकट बच्चों के लिए विशेष रूप से गंभीर है। कई अनाथ हो गए हैं, उनकी शिक्षा प्रभावित हुई है, उनके परिवार विस्थापित हो गए हैं और गरीबी में चले गए हैं, उनका टीकाकरण बाधित हो गया है। उनका पोषण भी बाधित हुआ है। इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसने कई बच्चों को शोषण, तस्करी, कुपोषण के प्रति संवेदनशील बना दिया है और उनकी स्कूली शिक्षा भी बाधित हो गई है, जो डिजिटल डिवाइड द्वारा और बढ़ गया है।”
सीईओ ने कहा कि बाल कल्याण पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय काफी सोच विचार के बाद लिया गया है।
उन्होंने आगे कहा, “एक संगठन के रूप में, हम विभिन्न मुद्दों को लेकर योगदान दे रहे हैं, लेकिन हमने तय किया है कि यहां से हमारे प्रयास और धन बाल कल्याण पर केंद्रित होंगे। यह हमारे देश के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है, जहां हमारी लगभग 40 प्रतिशत आबादी 18 वर्ष से कम उम्र की है। इस पीढ़ी का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारे देश का भविष्य तय करेगी, इसलिए हम ऐसे काम के लिए अपना विनम्र योगदान दे रहे हैं।”
सबसे पहले, समर्थित परियोजनाओं में कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में शुरू की जाने वाली पहल शामिल होगी। ‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के संस्थापकों को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं में उनकी भागीदारी इन मुद्दों के लिए जागरूकता पैदा करेगी और विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र और गेमिंग उद्योग से अधिक निवेश की सुविधा प्रदान करेगी।
‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के सह-संस्थापक और सीईओ भाविन पांड्या ने कहा, “भारत का तकनीकी क्षेत्र एक डोमेन और लोगों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें शायद भारतीय अर्थव्यवस्था के उदारीकरण से सबसे अधिक लाभ हुआ है। इसलिए यह जरूरी है कि तकनीकी क्षेत्र और स्टार्ट-अप समुदाय आबादी के उन वर्गों के संकट को कम करने की दिशा में काम करें, जो पिछले तीन दशकों में आर्थिक सुधारों से लाभ नहीं उठा सके हैं और अब कोविड-19 व्यवधान के कारण उनके और अधिक हाशिए पर जाने का खतरा है।”
‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के साथ साझेदारी के बारे में बात करते हुए, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा, “कार्रवाई में करुणा प्रदर्शित करने वाले कोर्पोरेशन सार्थक और बड़े पैमाने पर सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं। मैं बाल कल्याण और सुरक्षा के लिए ‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के साथ हमारी साझेदारी से प्रसन्न हूं। मैं अधिक कोर्पोरेशन से आगे आने और न केवल लाभ के लिए, बल्कि लोगों के लिए वास्तविक वैल्यू बनाने का आग्रह करता हूं। मुझे विश्वास है कि बच्चों के कल्याण में निवेश न केवल बच्चों के जीवन को बदल सकता है, बल्कि पूरे समुदायों और देशों का निर्माण कर सकता है।”
इस दौरान हेमकुंट फाउंडेशन के निदेशक हरतीरथ सिंह ने कहा, “हम पिछले छह महीनों से ‘गेम्स ट्वेंटी फोर इन टू सेवन’ के साथ काम कर रहे हैं। कोविड-19 राहत प्रयासों और अब बाल कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और योगदान प्रशंसनीय और अनुकरणीय है।”
