नई दिल्ली, 24 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| भारत में आईटी खर्च 2022 में 105.2 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2021 से 5.5 फीसदी अधिक है। ओमिक्रॉन वेरिएंट के संभावित प्रभावों के बावजूद, डिजिटल बाजार की समृद्धि के लिए उच्च उम्मीदों के साथ आर्थिक सुधार देश में प्रौद्योगिकी निवेश को बढ़ावा देना जारी रखेगा।
गार्टनर के वरिष्ठ शोध निदेशक नवीन मिश्रा ने कहा, “2022 एक विकास वर्ष है क्योंकि भारतीय सीआईओ भारत में चल रहे ओमिक्रॉन डर के बावजूद अपनी दीर्घकालिक डिजिटल पहल में तेजी ला रहे हैं।”
अपने वैश्विक साथियों की तरह, भारतीय सीआईओ को भी कौशल की कमी के साथ चुनौती दी जाएगी, जिससे बाहरी सेवा भागीदारों पर निर्भरता बढ़ेगी।
मिश्रा ने कहा, “यह आईटी सेवा खंड पर खर्च को बढ़ावा देगा, 2021 की तुलना में 9 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है।”
भारत में सॉफ्टवेयर सेगमेंट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के लिए क्लाउड-आधारित सॉ़फ्टवेयर खपत सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक होगी, जबकि डेटा सेंटर प्रौद्योगिकियों की मांग में वृद्धि 2022 में डेटा सेंटर सेगमेंट में 4 प्रतिशत की वृद्धि लाएगी।
क्लाउड 2022 में एंटरप्राइज सॉ़फ्टवेयर सेगमेंट में लगभग 11 प्रतिशत खर्च वृद्धि के लिए जि़म्मेदार होगा क्योंकि संगठन निरंतर फ्लिेक्सिबिलिटी और एगिलिटी का समर्थन करने के लिए अपने सॉ़फ्टवेयर स्टैक को सॉ़फ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (एसएएएस) में अपग्रेड करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
वैश्विक स्तर पर, 2022 में आईटी खर्च कुल 4.5 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है, जो 2021 से 5.1 प्रतिशत की वृद्धि है।
