भारत में पिछले 3 वर्षो में कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स में 6 गुना वृद्धि दर्ज

मुंबई, 16 जून (युआईटीवी/आईएएनएस)| कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स में पिछले तीन वर्षों में भारत में 6 गुना वृद्धि देखी गई और सबसे अधिक अपनाने को त्वरित सेवा रेस्तरां, फार्मेसी, भोजन, किराना जैसे क्षेत्रों में देखा गया। गुरुवार को एक नई रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। वीजा और वल्र्डलाइन इंडिया के एक श्वेतपत्र के अनुसार, हाल के वर्षों में, विशेष रूप से महामारी के दौरान, कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स में जबरदस्त उछाल देखा गया और कुल फेस-टु-फेस लेनदेन में उनका योगदान 6 गुना से अधिक बढ़ गया, जो दिसंबर 2018 में 2.5 प्रतिशत से कम था और दिसंबर 2021 में 16 प्रतिशत हो गया।

इसके अतिरिक्त, ईएमवी चिप कार्डो को अपनाना कॉन्टैक्टलेस पेमेंट्स की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण रहा है, जो सहायक नियमों द्वारा सहायता प्राप्त है जिसने भारत में कॉन्टैक्टलेस सीमा को 2021 में 5,000 रुपये तक बढ़ा दिया है।

वीजा में हेड ऑफ प्रोडक्ट्स एंड सॉल्यूशंस, फॉर इंडिया/साउथ एशिया और उपाध्यक्ष, रामकृष्णन गोपालन ने कहा, “हमने देखा है कि कॉन्टैक्टलेस विकास के प्रमुख चालक (उपलब्धता, सुविधा, उपयोगिता और सुरक्षा) बड़े पैमाने पर अपनाने में सहायता करना जारी रखेंगे क्योंकि कॉन्टैक्टलेस कार्ड सर्वव्यापी हो गए हैं।”

वल्र्डलाइन इंडिया के अनुसार, जहां जनवरी 2020 में सुपरमार्केट में सभी लेनदेन का 25 प्रतिशत कॉन्टैक्टलेस था, इस साल जनवरी तक ये लेनदेन बढ़कर 31 प्रतिशत हो गया।

2020 और 2021 में, दिल्ली-एनसीआर, कर्नाटक, गुजरात और तेलंगाना में डेबिट और क्रेडिट कार्ड दोनों में कॉन्टैक्टलेस लेनदेन और प्रवेश का उच्चतम अनुपात था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *