भुवनेश्वर, 12 अक्टूबर (युआईटीवी/आईएएनएस)- फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप के अपने पहले मैच में यूएसए से हारने के बाद, कोच थॉमस डेनरबी को लगता है कि लड़कियां प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेलने से थोड़ी घबराई हुई थीं और उन्होंने खेल में कुछ शुरूआती गलतियां कीं, जिनकी कीमत भारत को चुकानी पड़ी।
भारतीय महिला फुटबॉल टीम को मंगलवार को कलिंगा स्टेडियम में फीफा अंडर-17 महिला विश्व कप 2022 के अपने पहले ग्रुप ए मैच में अमेरिका के खिलाफ 0-8 से करारी हार का सामना करना पड़ा।
मेलिना रेबिम्बास (9, 31 मिनट) ने दो गोल दागे, जबकि शार्लेट कोहलर (14 मिनट), ओनेका गेमेरो (24 मिनट), गिसेले थॉम्पसन (38 मिनट), एला एमरी (52मिनट), टेलर सुआरेज (58) और मिया भूटा (60) ने भारत के खिलाफ एक-एक गोल किया।
उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि लड़कियां विरोधियों के सामने कुछ ज्यादा ही घबराई हुई थीं। यह उनका पहला विश्व कप मैच था। वे दबाव को नहीं संभाल सकीं। इस स्तर पर और ऐसे प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ भावनाओं को नियंत्रित करना बहुत कठिन है।”
डेनरबी ने कहा, “हमने अब तक की सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ खेला और यह वास्तव में हमारे लिए कठिन था। हम गेंद को पास करने या मौका बनाने में आश्वस्त नहीं थे और उन्होंने मैच में कुछ शुरूआती गलतियां की, जिसने वास्तव में हमारे प्रदर्शन को प्रभावित किया।”
कैप्टन अस्तम उरांव ने स्वीकार किया कि यूएसए के खिलाफ क्या गलत हुआ और कहा, “हां, हम जानते हैं कि हम उनके सामने काफी अच्छे नहीं थे, उनकी गति, उच्च दबाव वाली रणनीति सब कुछ मजबूत था।”
उन्होंने कहा, “हमने मैच से बहुत कुछ सीखा है और हम उन क्षेत्रों पर काम करेंगे, जहां कमजोर हैं ताकि हम अपने अगले मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।”

