Lingayat seer suicide case; honey trapped Swamiji's conversation with woman comes out

लिंगायत संत आत्महत्या मामला में हनी ट्रैप के पीछे का कारण था प्रतिशोध और लालच

रामनगर (कर्नाटक), 31 अक्टूबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| कर्नाटक में पुलिस ने सोमवार को कहा कि लिंगायत संत की आत्महत्या के मामले की जांच से पता चला है कि उनको फंसाने और प्रताड़ित करने के पीछे प्रतिशोध और लालच था। बसवलिंगा श्री ने 24 अक्टूबर को रामनगर जिले के कुंचुगल बंदे मठ के परिसर में आत्महत्या कर ली थी।

कुदुर पुलिस ने मामले का खुलासा किया और एक इंजीनियरिंग छात्र सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस ने जांच जारी रखी है और मामले में अधिक लोगों को पकड़ने की संभावना है।

गिरफ्तार आरोपी कन्नूरू मठ के मृत्युंजय स्वामी, डोड्डाबल्लापुर की नीलंबिक उर्फ चंदा और तुमकुरु के एक वकील महादेवैया ने अपराध कबूल कर लिया है और पुलिस को बताया है कि उन्हें मृतक संत से गहरी नफरत थी और वह उन्हें हटाना चाहते थे।

पुलिस के अनुसार मृत्युंजय स्वामी की निगाह समृद्ध कंचुगल बड़े मठ के सिंहासन पर थी, जिनके भक्तों की एक बड़ी संख्या थी, जिनके पास बेंगलुरु के पास 80 एकड़ से अधिक भूमि थी और कई शिक्षण संस्थान भी चल रहे थे।

मृतक संत के चचेरे भाई मृत्युंजय स्वामी शो के प्रबंधन के लिए धन के लिए तुमकुरु के सिद्धगंगा मठ पर निर्भर थे।

लेकिन सिद्धगंगा मठ ने आरोपी संत से दूरी बना ली थी।

पुलिस ने कहा कि मृत्युंजय स्वामी ने मृतक संत के खिलाफ सिद्धगंगा में शिकायत करने के लिए गहरी नाराजगी जताई।

उसने पीड़ित के साथ लड़ाई की और उसे हनी ट्रैप करके और बदला लेने के लिए अपने मठ के मुखिया के रूप में पदभार ग्रहण करने की साजिश रची।

उसने अन्य आरोपी नीलंबिके को फंसाने के रूप में इस्तेमाल किया।

पीड़ित सहित लिंगायत मठों के संतों के साथ नीलंबिके के अच्छे संबंध थे।

वह उस पर क्रोधित थी क्योंकि उसने उसकी बातचीत को अन्य संतों के साथ गलत तरीके से रिकॉर्ड किया और ऑडियो क्लिप उन स्वामियों को भेज दिया।

एडवोकेट महादेवैया ने भी दोनों से हाथ मिलाकर आठ महीने पहले साजिश रची थी।

नीलंबिके ने मृतक साधु को फंसाकर ऑडियो व वीडियो क्लिप प्राप्त कर आरोपी संत को सौंप दिया। अधिवक्ता ने उन्हें एडिट करवाया और ब्लैकमेल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया।

आरोपी ने सोचा था कि बसवलिंगा श्री पद छोड़ देंगे, लेकिन उनकी योजना विफल हो गई जब उन्होंने आत्महत्या कर ली।

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