जरकीहोली के ‘हिंदू’ बयान पर विवाद : कर्नाटक भाजपा ने बड़े विरोध की बनाई योजना

बेंगलुरु, 9 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)- कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा ने हिंदू शब्द मूल विवाद को लेकर पूरे राज्य में एक बड़ा आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। प्रदेश भाजपा इकाई के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सभी जिला मुख्यालयों पर आंदोलन शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के सचिव सतीश जरकीहोली के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच दलित संगठनों और प्रगतिशील विचारकों ने सतीश जरकीहोली के समर्थन में सोशल मीडिया पर अभियान शुरू किया है। सूत्रों ने कहा कि जब सत्तारूढ़ भाजपा आंदोलन तेज करेगी तो दलित संगठनों के सड़कों पर आने की पूरी संभावना है।

राज्य मंत्री वी. सुनील कुमार ने कहा, युवाओं को सड़कों पर आना चाहिए। उन्हें दिखाना चाहिए कि जब भी हिंदू धर्म का अपमान होता है और राष्ट्र की नींव पर सवाल उठाया जाता है, तो क्या होता है, हम विरोध करने से नहीं हिचकिचाएंगे।

भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी के पास हिंदुत्व से जुड़ा एक मुद्दा है और वे छह महीने से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसका अधिक से अधिक उपयोग करना चाहते हैं।

बीजेपी ने अपने सभी विधायकों, सांसदों और नेताओं को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का निर्देश दिया है।

इस बीच, सतीश जरकीहोली ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को यह जांच करने के लिए एक समिति गठित करने की चुनौती दी कि क्या उन्होंने कुछ गलत कहा है।

जरकीहोली ने आगे कहा कि वह अपने बयानों का बचाव करने के लिए कांग्रेस पार्टी से कोई समर्थन नहीं चाहते हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शिवकुमार ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि जरकीहोली के बयान व्यक्तिगत स्तर पर दिए गए हैं। जरकीहोली ने खुद स्पष्ट किया कि उन्होंने एक अलग मंच पर बयान दिए थे और उनका उस वक्त पार्टी से कोई संबंध नहीं था।

जरकीहोली परिवार को पूरे राज्य में पिछड़े वर्गों और दलितों का समर्थन प्राप्त है। ये तीन भाई, भाजपा विधायक रमेश जरकीहोली और बालचंद्र जरकीहोली और कांग्रेस विधायक सतीश जरकीहोली हैं।

चुनाव जीतना उनके लिए कोई मुद्दा नहीं है। राष्ट्रीय दल, भाजपा और कांग्रेस काफी हद तक उन पर निर्भर हैं। जरकीहोली भाइयों में सतीश जारकीहोली का विशेष स्थान है।

वह समाज में अंध विश्वास को मिटाने का प्रयास कर रहे हैं। सतीश जरकीहोली कई बार पूर्णिमा के दिन कब्रगाह में सो चुके हैं, ताकि लोगों को विश्वास हो कि कोई राक्षस या आत्माएं नहीं होती हैं।

सतीश जरकीहोली अक्सर सार्वजनिक मंचों पर हिंदू धर्म पर हमला करते हैं। विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीश जारकीहोली ने कहा कि सच बोलना एक अपराध बन गया है। उन्होंने कहा, उत्पीड़ित वर्गों को न्याय देना भी एक अपराध है।

सतीश जरकीहोली ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि ‘हिंदू’ शब्द भारतीय नहीं है, बल्कि फारसी है।

रविवार को मानव बंधुत्व वेदिक द्वारा निप्पनी कस्बे में एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत और पर्सिया के बीच संबंध पर सवाल उठाया? सतीश जरकीहोली ने कहा, हिंदू एक भारतीय शब्द नहीं है। वह फारसी है। ‘हिंदू’ शब्द कैसे हमारा हो गया, इस पर बहस की जरूरत है।

सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, शब्द ईरान, इराक और कजाकिस्तान से संबंधित फारसी है। जब चीजें ऐसी होती हैं, तो यह भारतीय कैसे बन सकती है? व्हाट्सऐप, विकिपीडिया में देखें, यह शब्द पर्सिया से आया है, यह आपका नहीं है।

शब्द का महिमामंडन क्यों किया जा रहा है? यह आपका शब्द नहीं है। यदि आप इस शब्द का अर्थ जानते हैं, तो आपको शर्म आएगी। हिंदू शब्द का अर्थ गंदा होता है। यह मैं नहीं कह रहा हूं, एक स्वामीजी यह कह रहे हैं और यह एक वेबसाइट पर है। एक अलग धर्म, क्षेत्र के शब्द हम पर जबरदस्ती थोपे जा रहे हैं, इस पर बहस होनी चाहिए।

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