नजफगढ़ नाले

नजफगढ़ नाले के 2 किलोमीटर के हिस्से को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है : अधिकारी

नई दिल्ली, 18 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)- नजफगढ़ ड्रेन के तिमारपुर से मॉल रोड ब्रिज तक 2 किलोमीटर के हिस्से को पूरी तरह से साफ कर दिया गया है और ड्रेन के अपस्ट्रीम का काम तेजी से चल रहा है। सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग (आईएंडएफसी) के एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। 2 किलोमीटर का खंड तिमारपुर से बसई दारापुर तक 12 किलोमीटर के खंड का पहला खंड है, जहां पहले चरण में गाद निकालने और सफाई का काम किया गया है। पार्शियल ग्रेविटेशनल डी-सिल्टिंग की अभिनव अवधारणा का उपयोग करके इस खंड पर गाद जमा, कचरा और जलकुंभी को पूरी तरह से हटा दिया गया है, जो कि नाले में बहते पानी का उपयोग करके गाद को ढीला और मथकर दूर ले जाता है। 15 अक्टूबर से एक महीने से भी कम समय में इस खंड से लगभग 17,000 मीट्रिक टन गाद हटा दी गई है।

अधिकारी ने कहा कि अभी तक गाद को भौतिक रूप से हटाया जा रहा था और नाले के किनारों पर रखा जा रहा था, जहां से बारिश के दौरान यह वापस नाले में बह जाएगा।

उन्होंने कहा, “85 लाख मीट्रिक टन ठोस कचरा उपेक्षा और उदासीनता के कारण नाले में जमा है। दो ठोस टीले के रूप में जमा हुआ यह गाद कचरा, गाजीपुर लैंडफिल साइट पर जमा हुए 85 लाख मीट्रिक टन कचरे के बराबर है। ये पानी के नीचे के टीले नाले में पानी का प्राकृतिक प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है, खासकर बारिश के मौसम में, जिसके परिणामस्वरूप नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं और शहर में बाढ़ और जल जमाव का कारण बनती हैं।”

अधिकारी ने कहा कि विभिन्न अदालती आदेशों और नाले की सफाई के निर्देशों के बावजूद पिछले 17 वर्षो के दौरान आई एंड एफसी विभाग या डीजेबी द्वारा गाद निकालने के लिए एक भी नया उपकरण हासिल नहीं किया गया है। हालांकि, एलजी वी.के. सक्सेना की प्रत्यक्ष देखरेख में कई एजेंसियों के निरंतर प्रयास से नजफगढ़ नाले का कायाकल्प करने के लिए परिणाम देना शुरू कर दिया है और स्थान की ‘तब और अब’ की तस्वीरें इसकी गवाही देती हैं।

उपराज्यपाल के निर्देश पर तिमारपुर पुल के पास डी-सिल्टिंग मॉनिटरिंग सेंटर और भारत नगर में डी-सिल्टिंग मॉनिटरिंग सेंटर बनाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि आगामी केंद्र 15 दिसंबर तक चालू हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *