Jharkhand High Court.

झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स में आउटसोर्सिंग से नियुक्ति को बताया अदालत की अवमानना, स्वास्थ्य सचिव तलब

रांची, 23 नवंबर (युआईटीवी/आईएएनएस)| झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) की बदहाली और नियमों के विपरीत आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मियों की नियुक्ति पर नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य के स्वास्थ्य सचिव को स्वयं अदालत में उपस्थित होकर जवाब देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की बेंच ने बुधवार को रिम्स की बदहाली को लेकर दायर कई जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि स्वीकृत पदों पर नियमित नियुक्ति करने का आदेश दिया गया था। इसके बाद भी आउटसोर्सिंग पर नियुक्ति क्यों की गई? खंडपीठ ने कहा कि सरकार की ओर से आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्ति के लिए संकल्प निकाला है, जो कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनता है। ऐसे में क्यों नहीं रिम्स और सरकार के खिलाफ अवमानना का मामला चलाया चलाया जाए?

कोर्ट ने यह भी कहा कि अब पूरा झारखंड कोयले के दोहन और रिम्स की बदहाली के लिए जाना जाता है। इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को निर्धारित की गई है। स्वास्थ्य सचिव को इस दिन सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।

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