बॉम्बे हाईकोर्ट ने रद्द किया एफडीए का आदेश, जॉनसन एंड जॉनसन को बेबी पाउडर बनाने की अनुमति दी

मुंबई, 12 जनवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)- बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने महाराष्ट्र एफडीए के उस आदेश को खारिज कर दिया है जिसमें बेबी पाउडर बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के मुलुंड प्लांट का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। न्यायमूर्ति गौतम एस पटेल और न्यायमूर्ति शिवकुमार जी डिगे की खंडपीठ ने फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की कार्रवाई को अनुचित करार देते हुए कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को उत्पादन फिर से शुरू करने और अपने बेबी पाउडर को बेचने की अनुमति दे दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए उत्पादों में गुणवत्ता और सुरक्षा पहली प्राथमिकता होती है लेकिन अगर उत्पादन के दौरान थोड़ी कमी रह जाती है तो उसके लिए पूरी उत्पादन प्रक्रिया को बंद कर देना सही नहीं है। 15 सितंबर 2022 को एक कठोर कदम उठाते हुए एफडी के संयुक्त आयुक्त ने बेबी पाउडर उत्पादों के निर्माण के लिए कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन का लाइसेंस रद्द कर दिया था और कंपनी को बाजार से अपने स्टॉक को वापस लेने को भी कहा था। जिसके बाद कंपनी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

कंपनी नवंबर-दिसंबर 2018 में पुणे और नासिक में रैंडम जांच के बाद एफडीए की रडार पर आ गई थी। इसके बाद एफडीएन ने परीक्षण के लिए नमूने एकत्र किए थे। जब अक्टूबर 2018 बैच के नमूने का सितंबर 2019 के बाद फिर से परीक्षण किया गया, तो इसका पीएच लेवल उचित लेवल से अधिक पाया गया, लेकिन कंपनी को जनवरी 2020 में इसके बारे में सूचित किया गया और फिर से परीक्षण करने के लिए कहा गया।

हालांकि, एफडीए ने फरवरी 2021 में एक साल से अधिक समय के बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया और जुलाई 2022 में सुनवाई की एवं सितंबर 2022 में इसके निर्माण लाइसेंस को रद्द करने का आदेश दिया। अदालत ने नमूनों की जांच में देरी के लिए एफडीए को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि एफडीए जैसे वॉचडॉग होना जरूरी है लेकिन अपना काम ठीक से करना चाहिए।

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