दिल्ली की अदालत ने आबकारी नीति मामले में राजेश जोशी की ईडी रिमांड 20 फरवरी तक बढ़ाई

दिल्ली की अदालत ने आबकारी नीति मामले में राजेश जोशी की ईडी रिमांड 20 फरवरी तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 14 फरवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)- दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अनुरोध करने के बाद दिल्ली आबकारी नीति से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चैरियट प्रोडक्शंस मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजेश जोशी की हिरासत 20 फरवरी तक बढ़ा दी। अदालत ने नौ फरवरी को जोशी को पूछताछ के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया था। जोशी को पहले विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने उन्हें सोमवार तक हिरासत में पूछताछ के लिए भेज दिया था। हालांकि, सोमवार को सुनवाई के दौरान जज ने हिरासत सात दिन के लिए बढ़ा दी।

ईडी ने उन्हें 8 फरवरी को गिरफ्तार किया था। ईडी के वकीलों ने प्रस्तुत किया कि कुछ गवाहों के साथ जोशी का टकराव और आगे की पूछताछ अभी बाकी है। हालांकि, जोशी के वकील ने ईडी की कही गई बातों पर आपत्ति जताई और कहा कि जांच के दौरान उनके मुवक्किल आठ बार ईडी के सामने पेश हुए और पहले ही गवाहों से उनका सामना कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि गवाहों को पहले एजेंसी ने बुलाया था और अपने बयान दिए हैं। ईडी ने पहले जोशी की हिरासत 10 दिनों के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया था। ईडी की चार्जशीट में कहा गया है कि रद्द की गई दिल्ली आबकारी नीति में उत्पन्न कथित 100 करोड़ रुपये की किकबैक का एक हिस्सा अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी के 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव अभियान में इस्तेमाल किया गया था।

एजेंसी ने इस मामले में अब तक दो अभियोजन शिकायतें दायर की हैं और जोशी सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने इस मामले में पंजाब के पूर्व शिअद विधायक दीप मल्होत्रा के बेटे गौतम मल्होत्रा को 7 फरवरी को गिरफ्तार किया था।

ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की प्रथम सूचना रिपोर्ट से उपजा है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कुछ आबकारी अधिकारियों को सीबीआई और ईडी की शिकायतों में आरोपी बनाया गया था।

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