यूक्रेन की मंत्री बोलीं, भारत को पड़ोस में बढ़ते 'अभयदान' के खतरे को पहचानना चाहिए

यूक्रेन की मंत्री बोलीं, भारत को पड़ोस में बढ़ते ‘अभयदान’ के खतरे को पहचानना चाहिए

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)- यूक्रेन ने चीन और पाकिस्तान का परोक्ष संदर्भ देते हुए भारत को ‘अभयदान’ नहीं रोकने के खतरे को पहचानने का सुझाव दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेन के प्रथम उप विदेश मंत्री एमिन दझापरोवा ने मंगलवार को विश्व मामलों की भारतीय परिषद (आईसीडब्ल्यूए) में आयोजित एक इंटरैक्टिव सत्र में मीडियाकर्मियों से कहा कि भारत का भी चीन और पाकिस्तान के साथ एक कठिन पड़ोस है और क्रीमिया प्रकरण भारत के लिए भी एक सबक है।

जापरोवा ने रिपोर्ट्स के हवाले से कहा, जब भी दंडमुक्ति होती है और अगर इसे रोका नहीं जाता है, तो यह बड़ी हो जाती है।

उनकी टिप्पणियों को चीन और पाकिस्तान के साथ भारत के क्षेत्रीय विवादों के संदर्भ में देखा जा सकता है।

क्रीमिया के लिए यूक्रेन के मंत्री का संदर्भ पिछले साल यूक्रेन के पूर्ण पैमाने पर रूसी आक्रमण से पहले की घटनाओं के संबंध में था।

झापरोवा ने कहा कि ये घटनाक्रम ‘मुश्किल पड़ोसियों’ को संभालने के तरीके के उदाहरण के रूप में काम कर सकते हैं।

उन्हें आगे यह कहते हुए उद्धृत किया गया था कि यूक्रेन वास्तव में चाहता है कि भारत और यूक्रेन करीब हों। हां, हमारे बीच एक इतिहास है। लेकिन हम भारत के साथ एक नए रिश्ते की शुरुआत करना चाहते हैं।

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