अनिल कुंबले

आईपीएल के इस सत्र में 200 प्लस से ज्यादा के स्कोर बनने के पीछे इम्पैक्ट खिलाड़ी बड़ा कारण :अनिल कुंबले

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)- आईपीएल के इस सत्र में 38 मैच हो चुके हैं जिसमें 200 से ऊपर के कुल 20 स्कोर बने हैं। इस सत्र में यह 200 प्लस स्कोर का नया रिकॉर्ड है और इसने 2022 में 18 ऐसे स्कोर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। आईपीएल 2023 में स्कोरिंग दर 8.91 है जबकि 2018 में यह 8.64 और 2022 में 8.54 थी। इसके अलावा सात ऐसे मौके भी आये हैं जब दोनों टीमों ने एक ही मैच में 200 से ज्यादा का स्कोर बनाया है जो एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक है। 2022 में ऐसा पांच बार हुआ था।

200 प्लस के स्कोर और रन रेट में तेजी के पीछे आखिर क्या कारण है। लीजेंड भारतीय लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने इसके पीछे इम्पैक्ट प्लेयर का कारण बताया है।

उन्होंने कहा, “टीमें अभी नियम को समझ रही हैं लेकिन इसने अपना प्रभाव छोड़ा है। आप इस सत्र में 200 से ज्यादा के कई स्कोर देख सकते हैं। मेरी नजर में इसके पीछे अंतिम एकादश में लाने के लिए अतिरिक्त बल्लेबाज या गेंदबाज लाना एक कारण हो सकता है।”

कुंबले ने कहा, “इसका मतलब है कि आपकी टीम में एक परफेक्ट आलराउंडर है। पहले अधिकतर टीमों के साथ एक या डेढ़ आल राउंडर होते थे और कई चुनौतियां होती थीं लेकिन इस सत्र में हर टीम इम्पैक्ट खिलाड़ी का इस्तेमाल कर इस जगह को भर सकती हैं।”

जियोसिनेमा के आईपीएल विशेषज्ञ कुंबले ने एक चुनिंदा वर्चुअल मीडिया बातचीत में कहा, “मेरे ²ष्टिकोण में

लोग अब भी इस नियम को समझ रहे हैं और एकादश चुनने से पहले इम्पैक्ट खिलाड़ी पर ज्यादा ध्यान लगा रहे हैं। कुछ टीमों ने इम्पैक्ट खिलाड़ी नियम का इस्तेमाल अच्छी तरह सीख लिया है लेकिन इस सत्र में 200 प्लस के ज्यादा स्कोर बनना इम्पैक्ट खिलाड़ी नियम के कारण है।”

इम्पैक्ट खिलाड़ी नियम के कारण इस सत्र में रनों में तेजी आयी है और इसने स्पिनरों को भी फायदा पहुंचाया है। आईपीएल 2023 में अब तक स्पिनर 192 विकेट ले चुके हैं जो एक सत्र में सर्वाधिक है।

गुजरात टाइटंस, लखनऊ सुपर जायंट्स, राजस्थान रॉयल्स और कोलकाता नाईट राइडर्स ने कई अवसरों पर दो लेग स्पिनरों का एक साथ इस्तेमाल किया है।

कोलकाता ने अपनी गेंदबाजी पारी में सुयश शर्मा का इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट के तौर पर इस्तेमाल किया है जबकि लखनऊ और राजस्थान ने अमित मिश्रा और एडम जम्पा का इस्तेमाल किया है। इस रणनीति ने कुंबले का ध्यान आकर्षित किया है।

कुंबले ने कहा, “यह इस बात पर निर्भर करता है कि टीम प्रबंधन क्या चाहता है और इम्पैक्ट प्लेयर नियम का कैसे इस्तेमाल करना चाहता है। कौन सा खिलाड़ी किस टीम के खिलाफ फिट बैठेगा। इसलिए मैं एक अतिरिक्त लेग स्पिनर (इम्पैक्ट प्लेयर के जरिये) का इस्तेमाल करना चाहूंगा क्योंकि मेरा पक्ष लेग स्पिन के प्रति है।”

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