लंबी अवधि के विकास के लिए इंफ्रा, निवेश, नवाचार और समावेशिता प्रमुख तत्व : सीतारमण

लंबी अवधि के विकास के लिए इंफ्रा, निवेश, नवाचार और समावेशिता प्रमुख तत्व : सीतारमण

नई दिल्ली, 4 मई (युआईटीवी/आईएएनएस)- केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि उन्नत और विकासशील, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के दीर्घकालिक टिकाऊ विकास के लिए बुनियादी ढांचा, निवेश, नवाचार और समावेशिता जरूरी है। उन्होंने दक्षिण कोरिया के इंचियोन में 56वीं एशियाई विकास बैंक की वार्षिक बैठक के हिस्से के रूप में आयोजित ‘गवर्नर’ संगोष्ठी में भाग लेते हुए यह बात कही।

सीतारमण ने कहा कि कमजोर वर्गो की सुरक्षा भारत का प्रमुख फोकस रहा है, क्योंकि सरकार ने कोविड-19 महामारी से उबरने की दिशा में अपना प्लान तैयार किया है। वित्तमंत्री ने आगे कहा कि एमएसएमई पर भारत का ध्यान और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना भारतीय अर्थव्यवस्था को कोविड-19 महामारी से सफलतापूर्वक उबरने में सहायक रहा है।

सीतारमण ने उद्यम के लोकतंत्रीकरण के विचार का समर्थन किया और देश के भीतर उद्यमशीलता कौशल को और अधिक व्यापक और लोकतांत्रिक बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया, ताकि कोई भी कौशल सेट से चूक न जाए। खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने विकसित देशों की तुलना में उभरते बाजारों के उपचार में असमानता पर चिंता जताई, क्योंकि विश्व व्यापार संगठन के व्यापार समझौते एकतरफा हो गए हैं।

वित्तमंत्री ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से कृषि उत्पादों में व्यापार पर अपना ध्यान फिर से शुरू करने का भी आह्वान किया, यह मानते हुए कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए सब्सिडी आवश्यक होगी, क्योंकि वे महामारी के प्रभाव से उबरने का प्रयास करते हैं।

संगोष्ठी के दौरान उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे द्वारा सुगम भारत के प्रणालीगत सुधारों पर भी प्रकाश डाला, जब इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी, समय पर सशर्त नकद हस्तांतरण को सक्षम किया।

सीतारमण ने जोर देकर कहा कि पूंजीगत व्यय पर भारत के फोकस से न केवल अर्ध-कुशल आबादी को लाभ होगा, बल्कि कृषि, विनिर्माण और सेवाओं से परे प्रमुख क्षेत्रों का पता लगाने में भी मदद मिलेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *