नई दिल्ली,20 फरवरी (युआईटीवी)- टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। तीन मैचों में लगातार शून्य पर आउट होने के कारण युवा बल्लेबाज सवालों के घेरे में आ गए हैं। जिस खिलाड़ी से टीम को तेज और आक्रामक शुरुआत की अपेक्षा थी,वह अब तक अपना खाता भी नहीं खोल सका है। इस निराशाजनक प्रदर्शन ने न केवल टीम प्रबंधन,बल्कि प्रशंसकों को भी चिंतित कर दिया है। हालाँकि,पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि इस 25 वर्षीय बल्लेबाज पर अपेक्षाओं का बोझ कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है और उसे अपनी स्वाभाविक खेल शैली में थोड़ा संतुलन लाने की जरूरत है।
अभिषेक शर्मा ने पिछले कुछ समय में अपने विस्फोटक बल्लेबाजी अंदाज से पहचान बनाई है। घरेलू क्रिकेट और लीग मुकाबलों में उन्होंने बड़े शॉट्स लगाकर कई बार मैच का रुख बदला है। इसी कारण उन्हें टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में अहम भूमिका सौंपी गई।,लेकिन अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट का दबाव अलग होता है। बड़े मंच पर हर पारी का महत्व कई गुना बढ़ जाता है और विपक्षी टीमें भी अधिक रणनीति के साथ उतरती हैं। ऐसे में अब तक का उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है।
सुनील गावस्कर ने एक खेल कार्यक्रम के दौरान कहा कि अभिषेक एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं,लेकिन उनसे बहुत अधिक उम्मीदें की जा रही हैं। उन्होंने संकेत दिया कि युवा बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश कर रहे हैं,जो उनके लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। गावस्कर का मानना है कि उन्हें क्रीज पर समय बिताने और अपनी पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार हर गेंद पर सीमा रेखा पार करने की कोशिश करना जरूरी नहीं है। अगर सही गेंद मिले तो बड़ा शॉट खेला जा सकता है,लेकिन खुद को मजबूर करना जोखिम भरा हो सकता है।
गावस्कर ने यह भी कहा कि अगर शुरुआती मुकाबले में उन्हें अच्छी शुरुआत मिल जाती तो शायद आत्मविश्वास का स्तर अलग होता। अब लगातार असफलताओं ने मानसिक दबाव बढ़ा दिया है। टी20 प्रारूप में तेज रन बनाना जरूरी है,लेकिन उतना ही जरूरी है हालात के अनुसार खुद को ढालना। एक सलामी बल्लेबाज का काम केवल आक्रामक खेल दिखाना नहीं,बल्कि पारी को स्थिर आधार देना भी होता है।
दूसरी ओर,भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने अभिषेक के समर्थन में खुलकर बयान दिया है। उनका कहना है कि युवा बल्लेबाज ने हाल ही में अभ्यास सत्र में शानदार बल्लेबाजी की है और करीब 90 मिनट तक नेट्स में जमकर पसीना बहाया। कोच के अनुसार नेट अभ्यास के दौरान उनकी गेंद पर पकड़ और टाइमिंग में सुधार के स्पष्ट संकेत दिखे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समूह चरण के दौरान अभिषेक पूरी तरह फिट महसूस नहीं कर रहे थे और कुछ दिन अस्पताल में बिताने के कारण वह एक मुकाबला भी नहीं खेल सके। इस परिस्थिति ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया।
कोच ने भरोसा जताया कि टूर्नामेंट के अगले चरण में अभिषेक बेहतर लय में नजर आएँगे। उनका मानना है कि किसी भी युवा खिलाड़ी को कठिन दौर से उबरने के लिए थोड़ा समय और विश्वास देना जरूरी होता है। लगातार आलोचना से आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है,इसलिए टीम प्रबंधन उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का भी मानना है कि टी20 जैसे तेज प्रारूप में बल्लेबाजों का आत्मविश्वास बेहद अहम भूमिका निभाता है। एक अच्छी पारी पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकती है। अभिषेक शर्मा के पास क्षमता की कमी नहीं है,जरूरत है तो केवल सही मानसिकता और धैर्य की। अगर वह शुरुआती कुछ ओवर सँभलकर खेल लें और गेंदबाजों को परखने के बाद अपने शॉट्स लगाएँ,तो वह विपक्षी टीमों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं।
भारतीय टीम के लिए आगामी मुकाबले निर्णायक होने वाले हैं। ऐसे में सलामी जोड़ी से मजबूत शुरुआत की अपेक्षा स्वाभाविक है। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि अभिषेक जल्द ही अपनी लय हासिल करेंगे और आलोचकों को जवाब देंगे। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और यहाँ एक पारी ही खिलाड़ी की तस्वीर बदल सकती है। अब सभी की निगाहें इस युवा बल्लेबाज पर टिकी हैं कि वह दबाव को कैसे सँभालते हैं और आने वाले मैचों में किस तरह वापसी करते हैं।
