वाशिंगटन,13 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया की अग्रणी सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल एडोब के लंबे समय से कार्यरत मुख्य कार्यकारी अधिकारी शांतनु नारायण ने अपने पद से हटने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि लगभग दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद शांतनु नारायण सीईओ पद से हट जाएँगे। हालाँकि,यह बदलाव तुरंत लागू नहीं होगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नए सीईओ की नियुक्ति होने तक नारायण अपनी मौजूदा भूमिका में बने रहेंगे और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। इसके बाद वे कंपनी के बोर्ड के चेयरमैन के रूप में जुड़े रहेंगे और नए नेतृत्व को मार्गदर्शन देते रहेंगे।
सैन जोस,कैलिफोर्निया स्थित एडोब ने बताया कि कंपनी के बोर्ड ने नए सीईओ की तलाश के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने और उनके अनुभव,नेतृत्व क्षमता तथा कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप उनकी योग्यता का मूल्यांकन करने का काम करेगी। कंपनी के अनुसार यह खोज प्रक्रिया केवल संगठन के भीतर ही सीमित नहीं होगी,बल्कि बाहरी उद्योग विशेषज्ञों और अनुभवी नेताओं पर भी विचार किया जाएगा,ताकि कंपनी को भविष्य के लिए सबसे उपयुक्त नेतृत्व मिल सके।
एडोब के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर फ़्रैंक काल्डेरोनी ने इस अवसर पर शांतनु नारायण के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि नारायण के नेतृत्व में कंपनी ने पिछले लगभग 18 वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। काल्डेरोनी के अनुसार नारायण ने न केवल एडोब के व्यवसाय को नई दिशा दी,बल्कि कंपनी को उस दौर के लिए भी तैयार किया,जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल क्रिएटिविटी का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य अब ऐसे नेता का चयन करना है,जो कंपनी को विकास के अगले चरण में आगे ले जा सके।
फ्रैंक काल्डेरोनी ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन जैसी प्रक्रियाएँ किसी भी बड़ी कंपनी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि एडोब के बोर्ड ने इस प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ शुरू किया है। उनके मुताबिक कंपनी का लक्ष्य केवल नया सीईओ चुनना नहीं है,बल्कि ऐसा नेतृत्व सुनिश्चित करना है जो आने वाले वर्षों में डिजिटल क्रिएटिविटी,क्लाउड सेवाओं और एआई आधारित समाधानों के क्षेत्र में कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रख सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस संक्रमण काल में शांतनु नारायण का अनुभव और मार्गदर्शन कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
गुरुवार को शांतनु नारायण ने कंपनी के कर्मचारियों को भेजे गए एक विस्तृत संदेश में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि उन्होंने बोर्ड को सूचित कर दिया है कि 18 से अधिक वर्षों तक सीईओ के रूप में सेवा देने के बाद अब वह इस भूमिका से अलग होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी अचानक बदलाव का परिणाम नहीं है,बल्कि यह कंपनी के दीर्घकालिक भविष्य और नेतृत्व के स्वाभाविक परिवर्तन को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अपने संदेश में नारायण ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि आने वाले महीनों में वह बोर्ड और फ्रैंक काल्डेरोनी के साथ मिलकर अपने उत्तराधिकारी की पहचान करने और नेतृत्व परिवर्तन को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी का अगला नेता एक मजबूत कार्यकारी टीम के साथ एडोब को नई ऊँचाइयों तक ले जा सके।
नारायण ने यह भी स्पष्ट किया कि सीईओ पद छोड़ने के बाद भी उनका एडोब से रिश्ता समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह कंपनी के बोर्ड के चेयर के रूप में जुड़े रहेंगे और नए सीईओ को उसी प्रकार सहयोग देंगे,जैसा उन्हें उस समय मिला था जब उन्होंने यह जिम्मेदारी सँभाली थी। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि जब उन्होंने सीईओ का पद सँभाला था,तब भी कंपनी के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें पूरा समर्थन दिया था और अब वह भी नए नेतृत्व के साथ वैसा ही सहयोग करेंगे।
अपने लंबे कार्यकाल को याद करते हुए शांतनु नारायण ने कहा कि पिछले दो दशकों में एडोब ने असाधारण विकास और परिवर्तन का अनुभव किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कंपनी का नेतृत्व सँभाला था,तब एडोब में लगभग 3,000 कर्मचारी थे,जबकि आज कंपनी में 30,000 से अधिक लोग काम कर रहे हैं। यह वृद्धि केवल कर्मचारियों की संख्या में ही नहीं,बल्कि कंपनी की वैश्विक पहुँच और तकनीकी प्रभाव में भी दिखाई देती है।
नारायण के अनुसार एडोब की तकनीक आज दुनिया भर के अरबों लोगों तक पहुँच चुकी है। चाहे वे सीधे तौर पर कंपनी के उत्पादों का उपयोग करने वाले ग्राहक हों या वे डिजिटल अनुभव जो एडोब के उपकरणों के माध्यम से बनाए जाते हैं,कंपनी की तकनीक आज वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी की आय भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। जब उन्होंने नेतृत्व सँभाला था,तब कंपनी की वार्षिक आय लगभग 1 अरब डॉलर थी,जबकि आज यह बढ़कर 25 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी है।
एडोब की इस सफलता का एक प्रमुख कारण उसका बिजनेस मॉडल में किया गया परिवर्तन भी माना जाता है। शांतनु नारायण के नेतृत्व में कंपनी ने पारंपरिक पैकेज्ड सॉफ्टवेयर बेचने की रणनीति से हटकर सब्सक्रिप्शन आधारित क्लाउड मॉडल अपनाया। इस परिवर्तन ने कंपनी के व्यवसाय को पूरी तरह बदल दिया और उसे डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया। कंपनी के एडोब क्रिएटिव क्लाउड जैसे प्लेटफॉर्म ने डिजाइनरों, फोटोग्राफरों,वीडियो निर्माताओं और डिजिटल कलाकारों को एक नया कार्य वातावरण प्रदान किया।
आज एडोबी फोटोशॉप, एडोबी एक्रोबैट और क्रिएटिव क्लाउड जैसे प्लेटफॉर्म दुनिया भर के रचनाकारों,कंपनियों और मीडिया संगठनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण बन चुके हैं। इन उत्पादों ने डिजिटल सामग्री निर्माण के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है और रचनात्मक उद्योगों में नए अवसर पैदा किए हैं।
भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए शांतनु नारायण ने कहा कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रचनात्मकता और डिजिटल कार्यप्रणाली को एक नई दिशा देने वाला है। उन्होंने कहा कि एडोब का मूल मिशन हमेशा से “हर व्यक्ति को सृजन करने के लिए सक्षम बनाना” रहा है। एआई के युग में यह मिशन और भी व्यापक हो गया है क्योंकि अब रचनात्मकता केवल पेशेवर डिजाइनरों तक सीमित नहीं रही,बल्कि सामान्य उपयोगकर्ता भी उन्नत तकनीकों की मदद से नए प्रकार की डिजिटल अभिव्यक्ति कर सकते हैं।
नारायण ने कहा कि रचनात्मकता का अगला दौर अभी लिखा जा रहा है और इसे एआई, नए वर्कफ्लो और डिजिटल अभिव्यक्ति के बिल्कुल नए तरीकों द्वारा आकार दिया जाएगा। उनके मुताबिक एडोब इस परिवर्तन के केंद्र में रहना चाहता है और कंपनी पहले से ही एआई आधारित कई तकनीकों और उपकरणों पर काम कर रही है।
शांतनु नारायण की इस घोषणा के बाद टेक उद्योग के कई प्रमुख नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। सत्या नडेला ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा कि एडोब में उनका सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। नडेला ने कहा कि नारायण ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का निर्माण किया और रचनाकारों,उद्यमियों तथा ब्रांड्स के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले।
टेक उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि शांतनु नारायण का कार्यकाल आधुनिक सॉफ्टवेयर उद्योग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में एडोब ने न केवल तकनीकी नवाचारों को अपनाया,बल्कि अपने व्यापार मॉडल को भी पूरी तरह बदल दिया। इस बदलाव ने कंपनी को क्लाउड और सब्सक्रिप्शन आधारित सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया।
एडोब ने अपनी घोषणा में यह भी स्पष्ट किया है कि नए सीईओ की खोज पूरी होने तक शांतनु नारायण कंपनी का नेतृत्व करते रहेंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान कंपनी की रणनीति,संचालन और विकास योजनाओं पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
नारायण ने अपने संदेश के अंत में कहा कि उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि एडोब आने वाले दशक की चुनौतियों और अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार हो। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और मजबूत कार्यकारी टीम के साथ कंपनी भविष्य में भी नवाचार और रचनात्मकता के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाती रहेगी।
लगभग तीन दशक पहले एडोब से जुड़े शांतनु नारायण ने वर्ष 2007 में कंपनी के सीईओ का पद सँभाला था। उस समय से लेकर आज तक उन्होंने कंपनी को डिजिटल क्रिएटिविटी,क्लाउड सेवाओं और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। अब जब वह सीईओ पद से हटने की तैयारी कर रहे हैं,तो यह एडोब के इतिहास में एक महत्वपूर्ण संक्रमण काल माना जा रहा है। हालाँकि,उनके अनुभव और मार्गदर्शन के साथ कंपनी के अगले अध्याय की शुरुआत भी उतनी ही मजबूत होने की उम्मीद की जा रही है।
