माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला

एडोब के सीईओ पद से हटने पर शांतनु नारायण की सराहना,सत्य नडेला बोले—आपने सॉफ्टवेयर उद्योग को नई दिशा दी

नई दिल्ली,13 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में से एक एडोब के लंबे समय तक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रहे शांतनु नारायण के पद से हटने की घोषणा के बाद वैश्विक टेक उद्योग में चर्चा तेज हो गई है। लगभग दो दशकों तक कंपनी का नेतृत्व करने वाले नारायण के योगदान की सराहना कई बड़े उद्योग नेताओं ने की है। इसी क्रम में सत्य नडेला ने भी उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता और दृष्टि की प्रशंसा की है।

माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा करते हुए शांतनु नारायण को बधाई दी। नडेला ने लिखा कि एडोब में उनके शानदार सफर के लिए उन्हें बधाई। उन्होंने कहा कि नारायण ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक का निर्माण किया और इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। नडेला के अनुसार एडोब ने उनके नेतृत्व में दुनिया भर के रचनाकारों,उद्यमियों और ब्रांडों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

नडेला ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह हमेशा से नारायण की नेतृत्व शैली और उनके काम करने के तरीके से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने कहा कि रचनात्मक प्रक्रिया के प्रति नारायण की सहानुभूति और एक लीडर के रूप में उनके द्वारा स्थापित उदाहरण ने पूरे उद्योग को प्रेरित किया है। नडेला ने उन्हें एक अच्छे मित्र और मार्गदर्शक के रूप में भी याद करते हुए कहा कि एडोब और पूरे टेक उद्योग के लिए उनके योगदान के लिए वह आभारी हैं।

दरअसल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी एडोब ने हाल ही में घोषणा की है कि लंबे समय से सीईओ का पद सँभाल रहे शांतनु नारायण अब अपनी भूमिका से हटने की तैयारी कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने के बाद नारायण आधिकारिक रूप से सीईओ पद से विदा लेंगे। हालाँकि,नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए वह कंपनी के बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

कंपनी ने बताया कि नए सीईओ की तलाश के लिए बोर्ड ने एक विशेष समिति का गठन किया है। यह समिति कंपनी के भीतर और बाहर दोनों स्थानों से संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी। एडोब का कहना है कि वह ऐसे नेता की तलाश कर रही है,जो कंपनी को अगले चरण की तकनीकी और व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार कर सके।

एडोब के प्रमुख स्वतंत्र निदेशक फ़्रैंक काल्डेरोनी ने भी नारायण के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षों में कंपनी ने उनके नेतृत्व में ऐतिहासिक बदलाव देखे हैं। उन्होंने कहा कि नारायण केवल एक सीईओ ही नहीं रहे,बल्कि कंपनी के परिवर्तन के प्रमुख सूत्रधार भी रहे हैं। उनके नेतृत्व में एडोब ने तकनीकी दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई और एआई आधारित भविष्य के लिए खुद को तैयार किया।

दरअसल शांतनु नारायण के नेतृत्व में एडोब ने अपने बिजनेस मॉडल में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया। पहले कंपनी पारंपरिक तरीके से पैकेज्ड सॉफ्टवेयर बेचती थी,लेकिन नारायण ने इसे सदस्यता आधारित क्लाउड प्लेटफॉर्म की दिशा में आगे बढ़ाया। इस बदलाव ने कंपनी की रणनीति और कारोबार दोनों को नई दिशा दी। क्लाउड आधारित सेवाओं के माध्यम से एडोब ने डिजिटल मीडिया,रचनात्मक उपकरणों और ग्राहक अनुभव सेवाओं के क्षेत्र में अपने उत्पादों का तेजी से विस्तार किया।

आज एडोब के कई प्रमुख प्लेटफॉर्म दुनिया भर में रचनात्मक कार्य करने वाले लोगों और कंपनियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन चुके हैं। इनमें एडोब फोटोशॉप, एडोब एक्रोबैट और एडोब क्रिएटिव क्लाउड जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन टूल्स का इस्तेमाल दुनियाभर के डिजाइनर,फोटोग्राफर,फिल्म निर्माता,डिजिटल पब्लिशर और व्यवसायिक संस्थाएँ करती हैं।

नारायण के नेतृत्व में कंपनी ने न केवल अपने उत्पादों का विस्तार किया,बल्कि अपने वैश्विक प्रभाव को भी कई गुना बढ़ाया। उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने कंपनी का नेतृत्व सँभाला था,तब एडोब में लगभग 3,000 कर्मचारी थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुकी है। उनके अनुसार इस दौरान कंपनी की तकनीक ने अरबों लोगों तक अपनी पहुँच बनाई,चाहे वे सीधे तौर पर एडोब के उत्पादों के उपयोगकर्ता हों या वे डिजिटल अनुभव जिनका निर्माण एडोब के ग्राहकों ने किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी की वित्तीय स्थिति में भी इस अवधि के दौरान जबरदस्त वृद्धि हुई। नारायण के अनुसार उनके कार्यकाल की शुरुआत में एडोब का वार्षिक राजस्व लगभग 1 अरब डॉलर के आसपास था,जो अब बढ़कर करीब 25 अरब डॉलर तक पहुँच चुका है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि कंपनी ने वैश्विक टेक उद्योग में कितनी मजबूत स्थिति हासिल की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शांतनु नारायण का कार्यकाल केवल कंपनी के विस्तार तक सीमित नहीं रहा,बल्कि उन्होंने टेक उद्योग में रचनात्मकता और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र को भी नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में एडोब ने डिजिटल कंटेंट निर्माण,डिजाइन,मीडिया और मार्केटिंग के क्षेत्रों में ऐसे उपकरण विकसित किए जो आज आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं।

अब जबकि कंपनी नए सीईओ की तलाश में जुटी है,टेक उद्योग की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि एडोब का अगला नेता कौन होगा और वह कंपनी को किस दिशा में आगे ले जाएगा। हालाँकि,यह स्पष्ट है कि शांतनु नारायण द्वारा स्थापित मजबूत आधार आने वाले समय में कंपनी की सफलता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

टेक उद्योग के कई विश्लेषकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल कंटेंट निर्माण के बढ़ते दौर में एडोब के सामने अवसर भी बड़े हैं और चुनौतियाँ भी। ऐसे में कंपनी के नए नेतृत्व को इन दोनों पहलुओं को संतुलित करते हुए आगे बढ़ना होगा।

फिलहाल इतना तय है कि शांतनु नारायण का नाम टेक उद्योग के उन नेताओं में शामिल हो चुका है,जिन्होंने न केवल अपनी कंपनी को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया,बल्कि पूरे उद्योग को बदलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सत्य नडेला सहित कई वैश्विक तकनीकी नेताओं की ओर से मिली सराहना इस बात का प्रमाण है कि उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।