विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (तस्वीर क्रेडिट@sanjoychakra)

अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी हवाई हमलों की भारत ने की कड़ी निंदा,कहा– ‘रमजान में गैरजिम्मेदाराना कार्रवाई’

नई दिल्ली,23 फरवरी (युआईटीवी)- अफगानिस्तान में रविवार सुबह पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारत ने इन हमलों को गैरजिम्मेदाराना और अस्वीकार्य बताते हुए स्पष्ट किया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता,क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के समर्थन में खड़ा है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में अफगान क्षेत्र पर की गई इस सैन्य कार्रवाई की भारत सख्त निंदा करता है।

जानकारी के मुताबिक,पाकिस्तानी सेना ने रविवार तड़के अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयरस्ट्राइक की। इन हमलों में कई महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई,जबकि छह अन्य के लापता होने की खबर है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है,क्योंकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब रमजान का पवित्र महीना चल रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह हरकत उसकी आंतरिक विफलताओं को बाहरी मोर्चे पर ढकने की एक और कोशिश प्रतीत होती है। भारत ने दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और किसी भी प्रकार की बाहरी सैन्य कार्रवाई का समर्थन नहीं करता जो आम नागरिकों को नुकसान पहुँचाए।

हमलों के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अफगान सरकार के अनुसार,बमबारी में दर्जनों लोग मारे गए या घायल हुए हैं। अफगान पक्ष का कहना है कि हमले सीधे तौर पर नागरिक आबादी को प्रभावित कर रहे हैं,जिससे मानवीय संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पिछली रात नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और बच्चों सहित कई लोग इन हमलों में मारे गए और घायल हुए हैं। मुजाहिद ने इसे अंतराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के बीच स्थापित मानदंडों का उल्लंघन बताया।

वहीं पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई बताया गया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान ने खुफिया जानकारी के आधार पर सीमा क्षेत्र में सक्रिय टीटीपी और उसके सहयोगियों के सात आतंकी कैंपों को निशाना बनाया है। पाकिस्तान का दावा है कि ये ठिकाने उसकी सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे और कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर लंबे समय से तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान का आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के लड़ाके अफगान क्षेत्र में शरण लेकर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं। दूसरी ओर,अफगान प्रशासन ने कई बार कहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ नहीं होने देगा और सीमा पार हमलों को उकसावे की कार्रवाई मानता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस ताजा घटनाक्रम से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध और जटिल हो सकते हैं। पहले भी सीमा पार गोलीबारी और हवाई हमलों को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बयानबाजी होती रही है। हालाँकि,इस बार नागरिकों के हताहत होने की खबरों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी आकर्षित किया है।

भारत की प्रतिक्रिया को क्षेत्रीय राजनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत ने हमेशा अफगानिस्तान में स्थिरता और विकास का समर्थन किया है। नई दिल्ली ने मानवीय सहायता,बुनियादी ढाँचे और शिक्षा के क्षेत्र में अफगानिस्तान को सहयोग प्रदान किया है। ऐसे में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई पर भारत की कड़ी टिप्पणी दक्षिण एशिया की जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों को दर्शाती है।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट पर हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से संयम बरतने और संवाद के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या दोनों देश कूटनीतिक माध्यमों से तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाते हैं या फिर सीमा पर टकराव और बढ़ता है।