अमेरिका–बांग्लादेश व्यापार संबंधों में नया अध्याय (तस्वीर क्रेडिट@QNAEnglish)

अमेरिका–बांग्लादेश व्यापार संबंधों में नया अध्याय: टैरिफ,श्रम अधिकार और डिजिटल ट्रेड पर ऐतिहासिक समझौता

वाशिंगटन,10 फरवरी (युआईटीवी)- अमेरिका और बांग्लादेश के बीच आपसी व्यापार को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है,जिसे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस समझौते के तहत आयात–निर्यात पर लगने वाले शुल्क यानी टैरिफ,बाजार तक पहुँच,श्रम नियमों,डिजिटल व्यापार और सप्लाई चेन सुरक्षा से जुड़े स्पष्ट ढाँचे तय किए गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार,यह दक्षिण एशिया में किसी देश के साथ अमेरिका का पहला ऐसा आपसी व्यापार समझौता है,जो न केवल आर्थिक सहयोग बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों को भी साथ लेकर चलता है।

यह समझौता वॉशिंगटन में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ,जहाँ अमेरिका की ओर से अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और बांग्लादेश की ओर से वाणिज्य,वस्त्र,जूट,नागरिक उड्डयन और पर्यटन मामलों के सलाहकार शेख बशीर उद्दीन ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों पक्षों ने इसे द्विपक्षीय संबंधों में एक “मील का पत्थर” करार दिया और कहा कि यह डील आने वाले वर्षों में व्यापार,निवेश और औद्योगिक सहयोग को नई गति देगी।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने समझौते की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ऐसी व्यापार नीति अपना रहा है,जिसका सीधा फायदा अमेरिकी श्रमिकों और व्यवसायों को मिले। उन्होंने कहा कि यह समझौता बाजार खोलने,व्यापार में मौजूद रुकावटों को दूर करने और अमेरिकी निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा करने की दिशा में एक ठोस कदम है। ग्रीर के मुताबिक,बांग्लादेश जैसे तेजी से बढ़ते बाजार के साथ इस तरह का समझौता अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

इस समझौते के तहत बांग्लादेश ने अमेरिका के औद्योगिक और कृषि उत्पादों को अपने बाजार में विशेष सुविधाएँ देने पर सहमति जताई है। इसमें केमिकल्स,मशीनरी, मेडिकल डिवाइस,ऊर्जा से जुड़े उत्पाद,सोयाबीन,डेयरी उत्पाद,पोल्ट्री,बीफ,ट्री नट्स और विभिन्न प्रकार के फल शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इससे अमेरिकी किसानों,उद्योगों और निर्यातकों को दक्षिण एशिया के इस महत्वपूर्ण बाजार में बेहतर पहुँच मिलेगी।

वहीं दूसरी ओर,अमेरिका भी बांग्लादेश से आयात होने वाले सामान पर एक तय सूची के अनुसार शुल्क लगाएगा। ज्यादातर मामलों में अतिरिक्त टैरिफ 19 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा,जिससे बांग्लादेशी निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में स्थिरता और अनुमानित माहौल मिलेगा। हालाँकि,कुछ चुनिंदा उत्पादों के लिए अलग नियम लागू होंगे,जिन्हें समझौते के तकनीकी प्रावधानों में स्पष्ट किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार,यह व्यवस्था बांग्लादेश के रेडीमेड गारमेंट्स और अन्य निर्यात आधारित उद्योगों के लिए खास मायने रखती है।

समझौते का एक अहम पहलू गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने से जुड़ा है। बांग्लादेश ने यह सहमति दी है कि वह अमेरिकी निर्यात पर लगने वाली तकनीकी और नियामक अड़चनों को घटाएगा। इसके तहत वाहनों,मेडिकल उपकरणों और दवाओं के लिए अमेरिकी मानकों को मान्यता दी जाएगी। साथ ही कृषि उत्पादों के मामले में अमेरिका की सुरक्षा और जांच प्रणाली को स्वीकार किया जाएगा। इससे अमेरिकी कंपनियों को बांग्लादेशी बाजार में प्रवेश के लिए लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।

इस व्यापार समझौते में श्रमिकों के अधिकारों को भी खास महत्व दिया गया है,जो इसे पारंपरिक व्यापार करार से अलग बनाता है। बांग्लादेश ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य श्रम अधिकारों की रक्षा करने,अपने श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने और जबरन या मजबूरी में बनवाए गए सामान के आयात पर रोक लगाने का वादा किया है। इसके अलावा निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्रों में श्रम से जुड़े तौर-तरीकों में सुधार करने की प्रतिबद्धता भी जताई गई है। अमेरिका लंबे समय से बांग्लादेश में श्रमिक अधिकारों, खासकर कपड़ा उद्योग में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति को लेकर चिंता जताता रहा है, ऐसे में यह प्रावधान काफी अहम माना जा रहा है।

डिजिटल व्यापार को लेकर भी इस समझौते में एक अलग अध्याय रखा गया है। इसमें डेटा फ्लो,डिजिटल सेवाओं,ई-कॉमर्स और तकनीक आधारित व्यापार के नियमों को स्पष्ट किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार,डिजिटल व्यापार भविष्य की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है और इस क्षेत्र में स्पष्ट नियम दोनों देशों की कंपनियों को भरोसा और स्थिरता प्रदान करेंगे। बांग्लादेश के लिए यह कदम डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत करने और वैश्विक सप्लाई चेन से बेहतर तरीके से जुड़ने में मददगार हो सकता है।

इस समझौते की एक और खास बात यह है कि यह व्यापार को आर्थिक सहयोग के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ता है। बांग्लादेश ने एक्सपोर्ट कंट्रोल,प्रतिबंधों को लागू करने और सप्लाई चेन सिक्योरिटी के मामलों में अमेरिका के साथ समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत बांग्लादेश कुछ खास देशों से तकनीक और रक्षा उपकरणों की खरीद को सीमित करने के लिए भी प्रतिबद्ध हुआ है,जिन्हें अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए चिंता का विषय मानता है। जानकारों के मुताबिक, यह प्रावधान अमेरिका की व्यापक इंडो-पैसिफिक और सुरक्षा रणनीति से जुड़ा हुआ है।

समझौते के लागू होने की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यह करार तब प्रभावी होगा,जब दोनों देश अपनी-अपनी आंतरिक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी कर लेंगे। इसके 60 दिन बाद यह आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा। इसके अलावा,किसी भी पक्ष को यह अधिकार होगा कि वह 60 दिन पहले लिखित सूचना देकर इस समझौते को समाप्त कर सकता है।

अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुआ यह व्यापार समझौता केवल टैरिफ और आयात–निर्यात तक सीमित नहीं है,बल्कि यह श्रम अधिकारों,डिजिटल व्यापार, राष्ट्रीय सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को एक साथ जोड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील दक्षिण एशिया में अमेरिका की व्यापार और रणनीतिक मौजूदगी को मजबूत करेगी,वहीं बांग्लादेश के लिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाने का अवसर साबित हो सकती है।