नई दिल्ली,27 जनवरी (युआईटीवी)- भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमेरिका से एक बार फिर भारत-अमेरिका रिश्तों की मजबूती और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों की गूँज सुनाई दी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप,कई राज्यों के गवर्नरों,कांग्रेस के सदस्यों और दुनिया के जाने-माने बिजनेसमैन एवं परोपकारी बिल गेट्स ने भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए न सिर्फ भारतीय लोकतंत्र की प्रशंसा की,बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक,आर्थिक और जन-संपर्क आधारित रिश्तों पर भी जोर दिया। इन संदेशों में भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र,अमेरिका का करीबी मित्र और वैश्विक स्तर पर स्थिरता तथा नियमों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का अहम स्तंभ बताया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदेश में भारत-अमेरिका संबंधों की ऐतिहासिक गहराई और भविष्य की संभावनाओं की झलक दिखी। उन्होंने दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों,स्वतंत्रता,कानून के शासन और लोगों के बीच गहरे रिश्तों को रेखांकित किया। ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका न सिर्फ रणनीतिक साझेदार हैं,बल्कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने में एक-दूसरे के भरोसेमंद सहयोगी भी हैं। उनके संदेश को इस बात के संकेत के रूप में देखा गया कि आने वाले समय में रक्षा, व्यापार,टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और गहरा हो सकता है।
अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने भी भारत के लोकतांत्रिक रिकॉर्ड और उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका की खुलकर तारीफ की। सांसद ग्रेग लैंड्समैन ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अमेरिका का करीबी दोस्त बताते हुए कहा कि भारत वैश्विक तानाशाही प्रवृत्तियों के खिलाफ एक मजबूत दीवार की तरह खड़ा है। उनके अनुसार क्वाड और आई2यू2 जैसे बहुपक्षीय फ्रेमवर्क में भारत की भूमिका बेहद अहम है,क्योंकि ये मंच सहयोग,स्थिरता और नियमों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं। लैंड्समैन ने भारत की विदेश नीति को संतुलित,जिम्मेदार और भविष्य-उन्मुख बताया,जो न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए मायने रखती है।
कांग्रेस की सदस्य किम श्रियर ने गणतंत्र दिवस को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान और उसके मूल्यों को अपनाने और याद करने का दिन बताया। उन्होंने विशेष रूप से भारतीय और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान पर जोर दिया। श्रियर के मुताबिक वॉशिंगटन राज्य की सांस्कृतिक,शैक्षणिक और आर्थिक जिंदगी में भारतीय समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नवाचार,शिक्षा और समाज के प्रति भारतीय समुदाय की प्रतिबद्धता से पूरे समाज को लाभ होता है। उनके संदेश में यह स्पष्ट झलकता है कि भारतीय प्रवासी न सिर्फ अमेरिका की प्रगति में योगदान दे रहे हैं,बल्कि दोनों देशों के बीच एक जीवंत सेतु की तरह भी काम कर रहे हैं।
अमेरिका के विभिन्न राज्यों के गवर्नरों ने भी भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए द्विपक्षीय सहयोग के अलग-अलग पहलुओं को रेखांकित किया। साउथ डकोटा के गवर्नर लैरी रोडेन ने भारत को एक गणतांत्रिक देश के तौर पर 76 साल पूरे करने पर बधाई दी और कहा कि हाल के दिनों में भारतीय अधिकारियों के साथ हुई बातचीत कृषि,व्यापार और पर्यटन जैसे अहम क्षेत्रों पर केंद्रित रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिका और भारत आने वाले समय में भी मजबूत और व्यावहारिक साझेदारी को आगे बढ़ाते रहेंगे।
मोंटाना के गवर्नर ग्रेग जियानफोर्ट ने अपने संदेश में भारत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके राज्य के सांस्कृतिक,शैक्षणिक और आर्थिक जीवन में भारतीय समुदाय की मौजूदगी सकारात्मक बदलाव ला रही है। जियानफोर्ट ने नवाचार और सीखने के प्रति भारतीयों की प्रतिबद्धता को प्रेरणादायक बताया और गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत के लिए एक स्वस्थ और खुशहाल वर्ष की कामना की। उनका संदेश यह दर्शाता है कि भारत-अमेरिका रिश्ते सिर्फ संघीय सरकारों तक सीमित नहीं हैं,बल्कि राज्यों और स्थानीय समुदायों के स्तर पर भी लगातार मजबूत हो रहे हैं।
नेब्रास्का के गवर्नर जिम पिलेन ने गणतंत्र दिवस को एक खास मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह दिन साझा मूल्यों और लोकतांत्रिक आदर्शों पर विचार करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि नेब्रास्का भारत के साथ अपनी साझेदारी को महत्व देता है और व्यापार,तकनीक,कृषि और संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिलेन का यह संदेश बताता है कि भारत-अमेरिका सहयोग केवल रणनीतिक और सुरक्षा तक सीमित नहीं,बल्कि जमीनी स्तर पर आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक फैला हुआ है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर आए संदेशों में बिल गेट्स का वीडियो मैसेज खास तौर पर चर्चा में रहा। गेट्स फाउंडेशन के चेयर और बोर्ड मेंबर बिल गेट्स ने कहा कि गणतंत्र दिवस 1950 में भारत द्वारा खुद से किए गए एक ऐतिहासिक वादे पर सोचने का अवसर है। उनके अनुसार यह वादा न सिर्फ भारत की पहचान को परिभाषित करता है,बल्कि देश के दीर्घकालिक लक्ष्यों और नीतियों को भी दिशा देता है। बिल गेट्स ने भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे को नवाचार और समावेशी विकास के लिए एक मजबूत आधार बताया।
बिल गेट्स ने भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम की जमकर तारीफ की और कहा कि भारत में हो रहे नवाचारों का असर सिर्फ देश के भीतर ही नहीं,बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ में दिखाई दे रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य,कृषि,डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में भारत की प्रगति को उल्लेखनीय बताया। गेट्स के मुताबिक भारत ने डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे के जरिए यह दिखाया है कि कैसे तकनीक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर सामाजिक बदलाव लाने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह आने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे और उनका फाउंडेशन एक समावेशी एआई भविष्य के निर्माण के लिए साझेदारी और प्रतिबद्धता की रूपरेखा तैयार करेगा। गेट्स ने भारतीय नवाचारों की विशेष रूप से सराहना की,जो एआई आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं। उनके अनुसार ये समाधान न सिर्फ लाखों लोगों की जान बचा सकते हैं और जीवन को बेहतर बना सकते हैं,बल्कि सोशल गुड को आगे बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बिल गेट्स ने अमेरिका में भारतीय समुदाय की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय का योगदान अमेरिका की अर्थव्यवस्था,टेक्नोलॉजी और समाज में बेहद महत्वपूर्ण है और यही जुड़ाव दोनों देशों के रिश्तों को लगातार मजबूत करता रहता है। उनका यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि लोग-से-लोगों के रिश्ते भारत-अमेरिका साझेदारी की असली ताकत हैं।
अमेरिका से आए इन संदेशों ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस को एक वैश्विक संदर्भ दे दिया। इन शुभकामनाओं में भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों,उसकी बढ़ती वैश्विक भूमिका और भारत-अमेरिका रिश्तों की गहराई साफ दिखाई दी। चाहे वह राजनीति हो,व्यापार हो,टेक्नोलॉजी हो या सामाजिक सहयोग,दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार नए आयाम छू रही है। गणतंत्र दिवस पर अमेरिका से आई यह सराहना न सिर्फ भारत की उपलब्धियों की पुष्टि करती है,बल्कि भविष्य में और मजबूत सहयोग की उम्मीद भी जगाती है।
