वाशिंगटन,7 मार्च (युआईटीवी)- भारत और अमेरिका के बीच हवाई यात्रा को नया विस्तार मिलने जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया को संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट प्रदान कर दिया है। इस फैसले के बाद एयर इंडिया को भारत और अमेरिका के बीच यात्री उड़ानों के साथ-साथ कार्गो और चार्टर उड़ानें संचालित करने की भी अनुमति मिल गई है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह अनुमति विस्तारित परिचालन अधिकारों के साथ दी गई है,जिससे एयरलाइन दोनों देशों के बीच अपनी सेवाओं का दायरा और अधिक बढ़ा सकेगी।
अमेरिकी संयुक्त राज्य परिवहन विभाग ने इस सप्ताह अपनी समीक्षा प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम आदेश जारी किया। विभाग ने बताया कि इस फैसले पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए इच्छुक पक्षों को पहले 21 दिनों की समयसीमा दी गई थी,ताकि यदि किसी एयरलाइन,संस्था या अन्य हितधारक को प्रस्तावित निर्णय पर कोई आपत्ति हो तो वह उसे औपचारिक रूप से दर्ज करा सके। हालाँकि,निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति दाखिल नहीं की। इसके बाद विभाग ने अंतिम आदेश जारी करते हुए एयर इंडिया को संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट प्रदान कर दिया।
इस परमिट के तहत एयर इंडिया को भारत और अमेरिका के बीच निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय यात्री परिवहन की अनुमति दी गई है। इसका अर्थ यह है कि एयर इंडिया अब दोनों देशों के बीच नियमित यात्री उड़ानें पहले की तरह जारी रख सकेगी और आवश्यकतानुसार उनकी संख्या या नेटवर्क का विस्तार भी कर सकेगी। इसके साथ ही एयरलाइन को कार्गो परिवहन के लिए भी अतिरिक्त परिचालन अधिकार दिए गए हैं,जिससे वह माल ढुलाई के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार नए परमिट में एयर इंडिया को व्यापक परिचालन लचीलापन दिया गया है। इसके तहत एयरलाइन भारत से पहले के किसी स्थान से उड़ान शुरू कर सकती है,फिर भारत में रुकने के बाद बीच के अन्य पड़ावों से होते हुए अमेरिका तक पहुँच सकती है और आवश्यकता पड़ने पर उससे आगे अन्य अंतर्राष्ट्रीय गंतव्यों तक भी अपनी उड़ानें संचालित कर सकती है। इस तरह की बहु-स्टॉप अंतर्राष्ट्रीय उड़ान व्यवस्था एयरलाइन को वैश्विक मार्गों के बेहतर उपयोग की सुविधा प्रदान करती है।
नए परमिट में कार्गो उड़ानों के संचालन को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। एयर इंडिया को अब अमेरिका और दुनिया के अन्य अंतर्राष्ट्रीय स्थानों के बीच नियमित कार्गो फ्लाइट्स संचालित करने की अनुमति भी मिल गई है। इससे वैश्विक व्यापार में माल परिवहन के नए अवसर खुलेंगे और भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक गतिविधियों को और गति मिल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स और तेज़ लॉजिस्टिक्स की बढ़ती माँग के कारण एयर कार्गो का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में एयर इंडिया की सक्रियता भारत के निर्यात क्षेत्र के लिए भी फायदेमंद हो सकती है।
संशोधित परमिट में चार्टर उड़ानों के संचालन की अनुमति भी शामिल है। इसके तहत एयर इंडिया भारत और अमेरिका के बीच विशेष चार्टर उड़ानें चला सकती है। इन चार्टर उड़ानों के जरिए यात्री, कार्गो और डाक की ढुलाई की जा सकेगी। इसके अलावा एयर इंडिया को अमेरिका और किसी तीसरे देश के बीच भी चार्टर उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है, लेकिन यह सेवा भारत से जुड़ी एक ही लगातार उड़ान श्रृंखला का हिस्सा होनी चाहिए। इस प्रावधान से एयरलाइन को अंतरराष्ट्रीय चार्टर बाजार में भी अधिक लचीलापन मिलेगा।
अमेरिकी परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि यह संशोधित परमिट 2 मार्च 2026 से प्रभावी हो चुका है। अमेरिकी कानून के अनुसार विदेशी एयरलाइनों को दिया गया कोई भी परिचालन परमिट राष्ट्रपति या उनके द्वारा नामित किसी अधिकारी की समीक्षा के अधीन होता है। यदि निर्धारित अवधि के भीतर इस पर कोई आपत्ति नहीं की जाती है,तो विभाग द्वारा जारी आदेश स्वतः प्रभावी हो जाता है। एयर इंडिया के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई और किसी आपत्ति के अभाव में आदेश लागू कर दिया गया।
परमिट के साथ एयर इंडिया को कुछ परिचालन शर्तों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। एयरलाइन को अमेरिकी विमानन नियमों और सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करना होगा। इनमें संघीय विमानन प्रशासन और परिवहन सुरक्षा प्रशासन द्वारा लागू किए गए सुरक्षा और संचालन संबंधी नियम शामिल हैं। इन एजेंसियों की ओर से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सभी विदेशी एयरलाइनों के लिए अनिवार्य होता है,जो अमेरिका में उड़ान सेवाएँ संचालित करती हैं।
इसके अलावा एयर इंडिया को अपनी अंतर्राष्ट्रीय सेवाओं के लिए भारत सरकार से वैध परिचालन प्राधिकरण बनाए रखना होगा और वैश्विक विमानन सुरक्षा मानकों का भी पालन करना होगा। अधिकारियों के अनुसार इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों और कार्गो परिवहन के दौरान सुरक्षा, संचालन और नियामक मानकों का पूरा ध्यान रखा जाए।
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार एयर इंडिया ने अक्टूबर 2025 में संशोधित परमिट और संबंधित छूट के लिए आवेदन किया था। अपने आवेदन में एयरलाइन ने उन परिचालन अधिकारों को औपचारिक रूप से शामिल करने का अनुरोध किया था,जो उसे पहले से ही भारत-अमेरिका हवाई परिवहन समझौते के तहत प्राप्त थे। अमेरिकी परिवहन विभाग ने आवेदन की समीक्षा करते हुए यह पाया कि एयर इंडिया वित्तीय और परिचालन दोनों दृष्टियों से प्रस्तावित सेवाओं को संचालित करने के लिए सक्षम है।
विभाग ने अपने निष्कर्ष में कहा कि एयर इंडिया ने यह साबित किया है कि वह निर्धारित सेवाओं को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से संचालित करने की क्षमता रखती है। साथ ही यह भी माना गया कि एयरलाइन को दिए गए विस्तारित परिचालन अधिकार जनहित के अनुरूप हैं और इससे दोनों देशों के बीच विमानन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापक विमानन ढाँचा मौजूद है,जो दोनों देशों की एयरलाइनों को एक-दूसरे के बाजारों में उड़ानें संचालित करने की अनुमति देता है। इस ढाँचे के तहत दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में व्यापारिक संबंधों,पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग के कारण भारत और अमेरिका के बीच यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
इसके अलावा अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं,जिनकी वजह से दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा की माँग लगातार मजबूत बनी हुई है। भारतीय प्रवासी समुदाय,छात्र और कारोबारी यात्रियों के कारण कई एयरलाइंस इस मार्ग पर अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही हैं। एयर इंडिया के लिए भी यह बाजार रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट मिलने के बाद एयर इंडिया को अपने अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के विस्तार में काफी मदद मिलेगी। कंपनी पहले ही अमेरिका के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें संचालित कर रही है और भविष्य में नए मार्गों की संभावना भी जताई जा रही है।
कुल मिलाकर यह फैसला भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते विमानन सहयोग का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। एयर इंडिया को मिले विस्तारित अधिकार न केवल यात्री परिवहन बल्कि वैश्विक कार्गो और चार्टर सेवाओं के क्षेत्र में भी नई संभावनाएँ खोल सकते हैं,जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
