ब्रुसेल्स,5 फरवरी (युआईटीवी)- यूरोपीय संघ (ईयू) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ईयू अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अमेरिका के साथ कड़ी वार्ता करने के लिए तैयार है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यूरोपीय उत्पादों पर शुल्क लगाने की योजना की घोषणा के बाद यह बयान सामने आया है। ट्रंप का यह कदम वैश्विक व्यापार संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है और यूरोपीय संघ ने इसे अपनी आर्थिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती माना है।
वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध अत्यधिक गहरे और महत्वपूर्ण हैं। दोनों के बीच व्यापार संबंध 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचते हैं,जो दोनों पक्षों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय कंपनियाँ अमेरिका में 35 लाख लोगों को रोजगार देती हैं,जबकि यूरोप में अमेरिकी व्यापार से जुड़ी एक लाख नौकरियाँ हैं। यह दोनों देशों के लिए एक साझा व्यापारिक सफलता का प्रतीक है और इस संबंध को बनाए रखना जरूरी है,ताकि दोनों पक्षों के रोजगार,व्यापार और उद्योग के हित सुरक्षित रह सकें।
ईयू की अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा यूरोपीय उत्पादों पर शुल्क लगाने की योजना के मद्देनजर,यूरोपीय संघ कठिन वार्ताओं के लिए पूरी तरह से तैयार है। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की कठिन बातचीत की आवश्यकता होगी,तो यूरोपीय संघ इसे करने से पीछे नहीं हटेगा,लेकिन उनका उद्देश्य यह रहेगा कि बातचीत के जरिए व्यापारिक संबंधों में कोई विघ्न न आए और समाधान निकाला जाए। वे इस बात को लेकर भी दृढ़ हैं कि ईयू अपने आर्थिक हितों की रक्षा पूरी दृढ़ता से करेगा और इसे सुनिश्चित करेगा कि व्यापारिक संबंध मजबूत और टिकाऊ रहें।
वॉन डेर लेयेन ने यह भी उल्लेख किया कि यूरोपीय आयोग ने अमेरिका द्वारा कनाडा, मैक्सिको और चीन पर लगाए गए शुल्कों की आलोचना की थी। आयोग का कहना था कि यह कदम वैश्विक व्यापार के लिए हानिकारक हो सकता है और इससे सभी देशों को नुकसान हो सकता है। यदि यूरोपीय संघ को भी इसी तरह के शुल्कों का सामना करना पड़ा, तो वह जवाबी कदम उठाने का अधिकार रखता है। आयोग के एक प्रवक्ता ने कहा कि शुल्क लगाने से वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आएगी और व्यापार नियमों का उल्लंघन होगा,जिससे वैश्विक आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि खुले बाजारों और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नियमों का सम्मान करना बेहद जरूरी है,क्योंकि यह मजबूत और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। व्यापारिक विवादों से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी देशों के साथ उचित और न्यायपूर्ण व्यापारिक संबंध बनाए जाएँ। शुल्क लगाने से महँगाई में वृद्धि हो सकती है,जिससे सामान्य लोगों को नुकसान होगा। इसके अलावा,व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ने से किसी भी पक्ष को लाभ नहीं होगा।
ईयू का यह बयान ट्रंप की व्यापार नीति के खिलाफ एक स्पष्ट चुनौती है। यूरोपीय संघ ने यह सुनिश्चित करने का वादा किया है कि यदि अमेरिकी शुल्कों से यूरोपीय व्यापार प्रभावित होता है,तो वे अपना बचाव करेंगे। ईयू ने स्पष्ट किया कि वे अपने व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं,लेकिन साथ ही वे समाधान की दिशा में भी काम करेंगे।
इससे पहले,ट्रंप प्रशासन ने कनाडा,मैक्सिको और चीन पर शुल्क लगाने की योजना बनाई थी,जिसे यूरोपीय संघ ने गलत और वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ बताया था। यूरोपीय आयोग ने इसे वैश्विक आर्थिक असंतुलन और संकट का कारण बताया। आयोग का कहना था कि अमेरिका का यह कदम वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकट और महँगाई का कारण बन सकता है,जिससे सभी देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ने की संभावना है और ईयू ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने आर्थिक हितों की रक्षा करने के लिए कड़ी कार्रवाई करेंगे। यूरोपीय संघ की रणनीति यह रही है कि वे अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों में संतुलन बनाए रखें,लेकिन अपनी आर्थिक सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
