यमन में अमेरिकी हवाई हमले (तस्वीर क्रेडिट@rio10314)

यमन में अमेरिकी हवाई हमलों में 53 लोग मारे गए,100 से अधिक हुए घायल

सना,17 मार्च (युआईटीवी)- यमन की राजधानी सना में रातभर हुए अमेरिकी हमलों में कम-से-कम 53 लोगों की मौत हो गई,जिसमें पाँच महिलाएँ और दो बच्चे भी शामिल हैं। हूती द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक,इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ अमेरिका ने अपने हमलों को तेज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को गाजा के साथ ‘एकजुटता’ में लाल सागर में अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर हमले करने वाले विद्रोहियों के खिलाफ ‘अत्यधिक घातक बल’ का उपयोग करने की शपथ ली थी। इसके बाद,यमन की राजधानी सना और अन्य क्षेत्रों में कई अमेरिकी हवाई हमलों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।

हूती विद्रोहियों ने इन हमलों का जवाब देने की कसम खाई है और उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अमेरिका के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया को और तेज करेंगे। अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध की शुरुआत के बाद से उन्हें अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक का सामना करना पड़ सकता है। यमन में अमेरिका ने रविवार आधी रात से कई ठिकानों पर हवाई हमले किए,जिसमें सना और हूती के गढ़ सदा प्रांत समेत अन्य स्थान शामिल थे। ट्रंप ने कहा कि हूतियों को लाल सागर में अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर अपने हमले बंद करने चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं,तो उनके खिलाफ ऐसे हमले किए जाएँगे,जो पहले कभी नहीं देखे गए होंगे।

सीबीएस न्यूज को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि जब तक ईरान समर्थित लड़ाकों के पास अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर हमले करने की क्षमता ‘पूरी तरह खत्म’ नहीं हो जाती है,तब तक ये हमले जारी रहेंगे। पिछले 18 महीनों में हूती विद्रोहियों ने अमेरिकी नौसेना पर 174 बार हमला किया और कमर्शियल शिपिंग को 145 बार निशाना बनाया। इन हमलों में सटीक एंटी-शिप हथियारों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा,हूतियों ने लाल सागर में अंतर्राष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाते हुए दो जहाजों को डुबो दिया है। वे इसे गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ अपनी एकजुटता दिखाने के रूप में देखते हैं, जहाँ इजरायल और हमास के बीच युद्ध जारी है। उल्लेखनीय है कि हमास,जो ईरान का एक सहयोगी है,इस समय इजरायल से लड़ रहा है।

रूबियो ने कहा कि इन हमलों को रोकने के लिए अमेरिका की तरफ से कठोर कदम उठाए जा रहे हैं और ये हमले तब तक जारी रहेंगे,जब तक हूती विद्रोहियों की अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर हमला करने की क्षमता को पूरी तरह से नष्ट नहीं कर दिया जाता। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज ने रविवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए कहा कि इन हमलों के दौरान कई हूती नेताओं को निशाना बनाया गया और उन्हें मार गिराया गया है, हालाँकि,उन्होंने इन नेताओं की पहचान नहीं बताई और न ही कोई सबूत पेश किया।

अमेरिकी हमलों का जवाब देने के लिए हूती विद्रोहियों ने बढ़ते तनाव के बीच अपनी प्रतिक्रिया की घोषणा की है। हूती विद्रोहियों के राजनीतिक ब्यूरो के अनुसार,वे अमेरिकी हमलों का जवाब देंगे और बढ़ते तनाव को और बढ़ाने की कोशिश करेंगे। मीडिया आउटलेट्स ने हूतियों के अधिकारियों के हवाले से बताया कि इन हमलों का उद्देश्य विद्रोहियों की कुछ सुविधाओं को नष्ट करना था और इसका असर हूती के सैन्य संचालन पर पड़ा है।

हालाँकि,अमेरिकी हमलों का असर हूती विद्रोहियों पर पड़ सकता है,लेकिन वे इस संघर्ष को खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। अमेरिकी सेना की योजना है कि वे हूतियों को अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग के खिलाफ और हमले करने की अनुमति न दें,जो वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं। इस समय,अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस हिंसा को खत्म करने के लिए संघर्ष विराम की अपील की है,लेकिन यह संघर्ष अभी भी जारी है और विभिन्न ताकतें अपनी-अपनी स्थिति में जूझ रही हैं।

इसी बीच,यह संघर्ष यमन और आसपास के क्षेत्रों में और अधिक अस्थिरता का कारण बन सकता है,जो पहले ही मानवाधिकारों के उल्लंघन,मानवीय संकट और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। अमेरिका और अन्य देशों की तरफ से इस संघर्ष को सुलझाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं,लेकिन स्थिति को सामान्य करना आसान नहीं है। इससे साफ है कि यमन में युद्ध और तनाव के बीच लोगों की जान की कीमत बढ़ रही है और इस संघर्ष के असर से कई परिवारों को अपार दुख और क्षति का सामना करना पड़ रहा है।