वाशिंगटन,26 मार्च (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी चुनाव प्रणाली में सुधार लाने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत चुनाव संचालन के तरीके में बदलाव करने की बात कही गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके। ट्रंप ने इस आदेश के माध्यम से मतदाताओं से उनकी अमेरिकी नागरिकता साबित करने का अनुरोध किया है और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है कि केवल मेल-इन या पोस्टल बैलेट्स को ही चुनाव के दिन गिना जाए। इसके अलावा,गैर-अमेरिकी नागरिकों को कुछ चुनावों में दान करने से भी रोकने का प्रस्ताव किया गया है।
ट्रंप ने अपने इस आदेश के संदर्भ में भारत और ब्राजील जैसे देशों के चुनाव प्रथाओं का हवाला दिया। उन्होंने इन देशों की मतदान प्रणालियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे बायोमेट्रिक डेटाबेस के माध्यम से मतदाता की पहचान कर रहे हैं,जबकि अमेरिका में नागरिकता की पुष्टि के लिए काफी हद तक स्व-सत्यापन पर निर्भर किया जाता है। ट्रंप ने यह तर्क दिया कि कई विकसित और विकासशील देशों में मानक बन चुके “बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा” को अमेरिका ने लागू नहीं किया है। अमेरिका “बुनियादी और आवश्यक चुनाव सुरक्षा” लागू करने में विफल रहा है। उनका कहना था कि यदि अमेरिका को अपनी चुनाव प्रक्रिया में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी है,तो उसे इस तरह की प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता है,जैसे कि भारत और ब्राजील में हैं,जो वोटर पहचान को बायोमेट्रिक डेटाबेस से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
इसके अलावा,ट्रंप ने अमेरिका में मतपत्र प्रसंस्करण के असंगत दृष्टिकोण की आलोचना की। उन्होंने जर्मनी और कनाडा जैसे देशों का उदाहरण दिया, जहाँ मतों की गिनती के लिए कागज के मतपत्रों का उपयोग किया जाता है। उनका कहना था कि इन देशों में एक स्पष्ट और मानकीकृत प्रणाली है,जबकि अमेरिका में कई तरीके हैं,जिनमें अक्सर बुनियादी सुरक्षा का अभाव होता है। ट्रंप ने यह स्पष्ट किया कि एक अधिक सुरक्षित और समान मतदान प्रणाली की आवश्यकता है,जो अमेरिकी चुनावों की अखंडता को बनाए रखे।
कार्यकारी आदेश में मेल-इन मतदान के मुद्दे पर भी ध्यान दिया गया है। ट्रंप ने डेनमार्क और स्वीडन जैसे देशों का उदाहरण दिया, जहाँ मेल-इन मतपत्रों का उपयोग केवल उन लोगों तक सीमित होता है,जो व्यक्तिगत रूप से मतदान करने में सक्षम नहीं होते। इसके अलावा,इन देशों में देर से आने वाले मतपत्रों को स्वीकार नहीं किया जाता,चाहे उनमें डाक टिकट हो या न हो। ट्रंप का कहना था कि अब कई अमेरिकी चुनावों में डाक से सामूहिक मतदान होता है,जिसमें कई अधिकारी बिना डाक टिकट वाले मतपत्रों या चुनाव के दिन के बाद प्राप्त मतपत्रों को स्वीकार करते हैं। इस तरह के उपायों से चुनावों में धांधली की संभावना बढ़ जाती है और यह प्रणाली की पारदर्शिता और ईमानदारी को खतरे में डालती है।
ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश के माध्यम से यह भी कहा कि अमेरिकी चुनावों की अखंडता को बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि चुनाव में कोई भी धोखाधड़ी, त्रुटियाँ या संदेह न हो। उनका मानना था कि केवल स्वतंत्र,निष्पक्ष और ईमानदार चुनाव ही अमेरिकी संवैधानिक गणराज्य को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, “अमेरिकी नागरिकों का यह अधिकार है कि उनके मतों की सही तरीके से गणना की जाए और उन्हें बिना किसी अवैध छेड़छाड़ के सारणीबद्ध किया जाए, क्योंकि चुनाव के वास्तविक विजेता का निर्धारण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।”
यह कार्यकारी आदेश ट्रंप के अमेरिकी चुनावों की अखंडता को बहाल करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। ट्रंप अक्सर दावा करते आए हैं कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में कोई न कोई समझौता हुआ था और उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा पर कई सवाल उठाए हैं। उनका यह मानना है कि चुनावों में किसी भी प्रकार की धांधली नहीं होनी चाहिए और हर मतदाता का वोट सही तरीके से गिना जाना चाहिए।
ट्रंप के इस आदेश के परिणामस्वरूप चुनाव प्रणाली में कई बदलाव हो सकते हैं, जिनमें मतदाता पहचान को और अधिक मजबूत बनाना,मेल-इन और पोस्टल बैलेट्स की प्रक्रिया को कड़ा करना और चुनावों की सुरक्षा को बेहतर बनाना शामिल है। उनका उद्देश्य अमेरिकी चुनावों को अधिक सुरक्षित,पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है, ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या त्रुटि से बचा जा सके और चुनाव परिणाम वास्तविक और सही रूप में सामने आएँ ।
ट्रंप ने इस कार्यकारी आदेश के माध्यम से यह संदेश दिया है कि अमेरिका को अपनी चुनाव प्रक्रिया में सुधार करने की आवश्यकता है और यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि चुनावों में कोई भी अवैध गतिविधि न हो। उनका यह कदम चुनावों की पारदर्शिता को बढ़ाने और मतदाताओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल हो सकता है,जो आने वाले समय में अमेरिकी चुनावों की ईमानदारी और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।