अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (तस्वीर क्रेडिट@KraantiKumar)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर से प्रतिबंध हटाने का आदेश जारी किया,एक ऐतिहासिक कदम

वाशिंगटन,1 जुलाई (युआईटीवी)- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया पर वर्षों से लगे प्रतिबंधों को हटाने संबंधी एक ऐतिहासिक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस फैसले की जानकारी व्हाइट हाउस की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई है,जिसे अंतर्राष्ट्र्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सीरिया पर अमेरिका ने सबसे पहले दिसंबर 1979 में प्रतिबंध लगाए थे,जब उसे “आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला देश” घोषित किया गया था। इसके बाद समय-समय पर प्रतिबंधों को और कड़ा किया गया। वर्ष 2004 में कार्यकारी आदेश 13338 के ज़रिए अतिरिक्त पाबंदियाँ लगाई गईं, जिसमें व्यापार,निवेश और संपत्ति को लेकर सख्त सीमाएँ तय की गई थीं। वर्ष 2011 में,जब सीरिया में गृहयुद्ध शुरू हुआ और सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप लगे,तब ओबामा प्रशासन ने देश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों जैसे तेल,बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्र पर कठोर प्रतिबंध लगा दिए।

व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्ट शीट के अनुसार, ट्रंप ने “देश की स्थिरता और शांति के मार्ग का समर्थन करने” के लिए इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। इस आदेश में प्रमुखतः निम्नलिखित प्रावधान शामिल हैं:

* सीरिया पर लगे अधिकांश प्रतिबंधों को हटाना – विशेष रूप से वे जो सीरियाई नागरिकों और अर्थव्यवस्था के सामान्य कार्यों को प्रभावित कर रहे थे।

* बशर अल-असद सरकार पर प्रतिबंध यथावत – आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके करीबी अधिकारियों पर लगे व्यक्तिगत प्रतिबंध जारी रहेंगे।

*निर्यात नियंत्रणों में रियायत – कुछ मानवीय और नागरिक उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात की अनुमति दी जाएगी,जिससे स्वास्थ्य सेवाएँ,शिक्षा और पुनर्निर्माण कार्यों को मदद मिलेगी।

* विदेशी सहायता पर लगी रोक हटी – सीरिया को मिलने वाली कुछ चुनिंदा विदेशी सहायता अब फिर से शुरू की जाएगी।

*राजनयिक पहल – अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को निर्देश दिया गया है कि वे संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर सीरिया में स्थिरता स्थापित करने के लिए प्रतिबंधों में राहत के रास्ते तलाशें।

ट्रंप ने 13 मई को सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एक इन्वेस्टमेंट फोरम में इस फैसले का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका लक्ष्य मध्य पूर्व में आर्थिक सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देना है और सीरिया को अलग-थलग रखना इस लक्ष्य के अनुकूल नहीं है।

इस घोषणा के बाद पश्चिम एशिया में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। कुछ देश,विशेषकर सीरिया के सहयोगी रूस और ईरान ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत किया है। वहीं, कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इस फैसले पर चिंता जाहिर की है कि इससे असद सरकार को अप्रत्यक्ष समर्थन मिल सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अमेरिका की नीति में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है। जहाँ एक ओर यह सीरियाई आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आ सकता है,वहीं दूसरी ओर यह फैसला भू-राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

हालाँकि,प्रतिबंधों को हटाने की प्रक्रिया जटिल है और इसके प्रभाव दीर्घकालिक होंगे या नहीं,यह तो आने वाला समय ही बताएगा। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि ट्रंप प्रशासन ने एक साहसिक कूटनीतिक पहल की है,जिससे शांति की संभावनाओं को बल मिल सकता है।