नीतीश कुमार

इस्तीफे की अटकलों के बीच नीतीश कुमार को जेड प्लस सुरक्षा मिलती रहेगी,बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज

पटना, 2 अप्रैल (युआईटीवी)- बिहार की राजनीति इन दिनों एक बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे को लेकर जारी अटकलों के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। बिहार गृह विभाग ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस निर्णय ने न केवल उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थिति साफ कर दी है,बल्कि राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं को भी नया आयाम दे दिया है।

गृह विभाग द्वारा पुलिस महानिदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार स्पेशल सिक्यूरिटी एक्ट-2000 के तहत सुरक्षा प्रदान की जाती रहेगी। पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि नीतीश कुमार वर्तमान में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और जल्द ही वे बिहार विधान परिषद की सदस्यता तथा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा की समीक्षा की गई और उन्हें ‘जेड प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।

राज्य सरकार के इस आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ दें,लेकिन उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है,क्योंकि नीतीश कुमार लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार विशेष सतर्कता बरतना चाहती है।

राजनीतिक घटनाक्रम की बात करें तो हाल ही में नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित घोषित किया गया है। इसके बाद 30 मार्च को उन्होंने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। अब जानकारी सामने आ रही है कि वे 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए उनके 8 या 9 अप्रैल को पटना से दिल्ली रवाना होने की संभावना जताई जा रही है।

नीतीश कुमार के इस कदम के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि अभी तक उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है,लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि वे खरमास समाप्त होने के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार 14 अप्रैल को खरमास समाप्त हो रहा है,जिसके बाद किसी भी समय उनके इस्तीफे की घोषणा हो सकती है।

मुख्यमंत्री आवास से जुड़े सूत्रों के मुताबिक,नीतीश कुमार 13 अप्रैल के बाद कभी भी अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। यदि ऐसा होता है,तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित होगा। लंबे समय से राज्य की राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाने वाले नीतीश कुमार के पद छोड़ने के बाद सत्ता का समीकरण बदल सकता है और नए नेतृत्व के उभरने की संभावना बढ़ जाएगी।

नीतीश कुमार का राजनीतिक करियर काफी लंबा और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने कई बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है और राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। ऐसे में उनका मुख्यमंत्री पद छोड़ना न केवल एक प्रशासनिक बदलाव होगा,बल्कि इसका असर राज्य की राजनीतिक दिशा पर भी पड़ेगा।

सुरक्षा के लिहाज से ‘जेड प्लस’ श्रेणी देश की सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। इसमें अत्याधुनिक सुरक्षा उपकरणों के साथ प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की टीम शामिल होती है,जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। नीतीश कुमार को यह सुरक्षा दिए जाने का निर्णय इस बात का संकेत है कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर भी बिहार की स्थिति पर टिकी हुई है। सभी यह जानने को उत्सुक हैं कि नीतीश कुमार के अगले कदम क्या होंगे और उनके इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है,लेकिन इतना तय है कि आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने के फैसले से सत्ता के समीकरण बदल सकते हैं। ऐसे में सभी की नजरें 10 अप्रैल और उसके बाद होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं,जो राज्य के राजनीतिक भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।