शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह (तस्वीर क्रेडिट@JassPreet96)

एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी: दूसरे टेस्ट से पहले जसप्रीत बुमराह को लेकर असमंजस,गिल बोले- संयोजन पर चल रहा विचार

बर्मिंघम,2 जुलाई (युआईटीवी)- भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का दूसरा टेस्ट मैच 2 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। पहला टेस्ट मैच हार चुकी भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला सीरीज में वापसी का सुनहरा मौका है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता को लेकर है। बुमराह खेलेंगे या नहीं,इस पर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने दूसरे टेस्ट से पहले मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “जसप्रीत बुमराह उपलब्ध हैं,लेकिन अंतिम एकादश में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं,इस पर फैसला आखिरी बार पिच देखने के बाद लिया जाएगा। हम ऐसा संयोजन चाहते हैं,जो 20 विकेट ले सके और रन भी बना सके।”

जसप्रीत बुमराह को लेकर चिंताओं की शुरुआत उस समय हुई,जब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के अंतिम टेस्ट में पीठ की समस्या से जूझते नजर आए। इसके बाद उन्हें सर्जरी करानी पड़ी और वे चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हो गए थे।

टीम मैनेजमेंट,खासकर हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल,नहीं चाहते कि बुमराह की चोट फिर से उभरे। इसी कारण संकेत दिया गया था कि बुमराह इंग्लैंड दौरे पर 5 में से सिर्फ 3 टेस्ट ही खेल सकते हैं,ताकि उनका कार्यभार नियंत्रित किया जा सके।

शुभमन गिल ने स्वीकार किया कि बुमराह के बिना उतरना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, “बुमराह का टीम में न होना चुनौतीपूर्ण है,लेकिन हमारे पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का बड़ा पूल है। जो भी खिलाड़ी टीम में हैं,वे प्रदर्शन के आधार पर चुने गए हैं। हमें भरोसा है कि कोई भी खिलाड़ी मौका मिलने पर अपना सर्वश्रेष्ठ देगा।”

भारत को पहले टेस्ट में बेहद खराब फील्डिंग की वजह से हार का सामना करना पड़ा था। खासकर स्लिप कॉर्डन में कैच टपकने की घटनाएँ मैच का रुख बदल गईं। यह पहला मौका था,जब कोई टीम टेस्ट क्रिकेट में 5 शतक लगाने के बावजूद हार गई। इससे यह साफ होता है कि खराब फील्डिंग किस हद तक टीम को नुकसान पहुँचा सकती है।

गिल ने इस पर सफाई देते हुए कहा, “जब गेंद विकेट के पीछे स्विंग करती है,तो उसे देखना मुश्किल होता है,लेकिन हमने इन परिस्थितियों में खुद को ढालने के लिए काफी अभ्यास किया है। हमें अपनी गलतियों का एहसास है और दूसरे टेस्ट में हम उन्हें दोहराना नहीं चाहेंगे।”

टीम मैनेजमेंट इस समय संतुलित संयोजन पर मंथन कर रहा है। भारत को ऐसी गेंदबाज़ी इकाई चाहिए,जो इंग्लैंड की मजबूत बल्लेबाजी को चुनौती दे सके,साथ ही निचले क्रम से भी कुछ रन बनाए जा सकें। ऐसे में बुमराह की जगह किसे मौका मिलेगा,यह देखना दिलचस्प होगा।

शुभमन गिल ने संकेत दिए कि अंतिम एकादश की घोषणा पिच की स्थिति और मौसम के अनुसार ही की जाएगी। उनका कहना था कि, “हम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे,लेकिन अंतिम ग्यारह का चयन पिच और परिस्थितियों को देखकर होगा।”

पहला टेस्ट हारने के बाद भारत के पास कोई गलती की गुंजाइश नहीं बची है। टीम को इंग्लैंड की परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों की भूमिका,कैचिंग और रणनीतिक लचीलापन इन तीनों क्षेत्रों में सुधार करना होगा।

अगर बुमराह को आराम दिया जाता है,तो मोहम्मद सिराज,प्रसिद्ध कृष्णा या अर्शदीप सिंह जैसे गेंदबाजों को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी। वहीं बल्लेबाजी में गिल,यादव और कोहली पर रन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

दूसरे टेस्ट से पहले जसप्रीत बुमराह को लेकर संदेह की स्थिति टीम रणनीति का हिस्सा हो सकती है,लेकिन यह भी साफ है कि टीम मैनेजमेंट उनके कार्यभार को लेकर बेहद सतर्क है। शुभमन गिल का आत्मविश्वास दिखाता है कि टीम के पास काफी गहराई और विकल्प मौजूद हैं।

दूसरे टेस्ट में फोकस अब सिर्फ रणनीति और संयोजन पर नहीं,बल्कि प्रदर्शन और मानसिक मजबूती पर भी होगा। भारत की नजर इस मैच को जीतकर सीरीज में बराबरी करने पर है और इसके लिए हर खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा — चाहे जसप्रीत बुमराह खेलें या नहीं।