जेरूसलम, 13 अक्टूबर (युआईटीवी) – हमास के घातक हमलों के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अमेरिकी समर्थन दिखाने के लिए इजरायल पहुँचे। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन इजरायल के दौरे पर पहुँचे। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन अपने विमान से तेल अवीव पहुँचे। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये उम्मीद जताई जा रही है कि हमास ने जिन लोगों को बंधक बना कर रखा है,अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन उनकी रिहाई की माँग करेंगे। क्योंकि बंधक बनाए गए लोगों में कुछ अमेरिकी भी शामिल हैं।
गाजा के नागरिकों के लिए संभावित इजरायली जमीनी हमले से एंटनी ब्लिंकन सुरक्षित रास्ते की खोज करेंगे साथ ही लोगों से धैर्य बनाए रखने का भी आग्रह करेंगे। हमास के हमलों में कम से कम 1,200 इजरायली के मारे जाने की बात बताई जा रही है और 1,100 से अधिक फिलिस्तीनियों के गाजा पर हवाई हमलों में मारे जाने की संभावना है।
इस हमले में इजरायल में 22 अमेरिकी नागरिकों की मारे जाने की भी जानकारी मिली है। लगभग 150 लोगों को हमास ने बंधक बनाकर रखा है। गाजा पट्टी में कई स्थानों पर सीमा बाड़ को तोड़कर हमास के लड़ाकों ने इजरायल पर हमला किया। अमेरिका पहले ही हमास को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार यह बताया जा रहा है कि इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मुलाकात की। बाद में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से विदेश मंत्री ब्लिंकन के मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला से विदेश मंत्री ब्लिंकन जॉर्डन की राजधानी अम्मान में मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहले ही कहा था,कि इज़रायल को युद्ध के नियमों के अनुसार ही काम करना है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इज़रायल को हमास के हमलों के जवाब में युद्ध के नियमों के उल्लंघन करने से बचने का निवेदन किया था और स्पष्ट कर दिया था कि इज़रायल युद्ध के नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि हमास के हमलों का जवाब देने का अधिकार इजरायल को है। इजरायल का कर्तव्य भी है कि वह इन हमलों का जवाब दें। साथ ही उन्होंने हमास के हमलों को दुष्टतापूर्ण कृत्य बताया।
गाजा पर हमलों के बाद से भोजन, ईंधन और अन्य जरुरी सामाग्री सामग्री की आपूर्ति पर रोक लगा दी गई है। जब तक बंधक बनाए गए लोगों को रिहा नहीं कर दिया जाता,तब तक यह रोक भी नहीं हटाया जाएगा।

