मुंबई,10 मार्च (युआईटीवी)- फिल्मी दुनिया में दोस्ती की कई कहानियाँ सुनने को मिलती हैं,लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं,जो समय और परिस्थितियों से भी आगे निकल जाते हैं। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर और दिवंगत अभिनेता-निर्देशक सतीश कौशिक की दोस्ती भी ऐसी ही मिसाल है। सतीश कौशिक भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं,लेकिन उनके सबसे करीबी दोस्त अनुपम खेर आज भी इस रिश्ते को उसी ईमानदारी और अपनापन के साथ निभा रहे हैं। हाल ही में अनुपम खेर अपने दोस्त की बेटी वंशिका कौशिक का हौसला बढ़ाने के लिए उसके स्कूल पहुँचे,जहाँ उन्होंने अभिभावक के रूप में उसकी प्रस्तुति देखी और उसे प्रोत्साहित किया।
दरअसल,सतीश कौशिक का वर्ष 2023 में निधन हो गया था। उनके जाने से फिल्म उद्योग के साथ-साथ उनके परिवार और करीबी दोस्तों को गहरा आघात लगा था,लेकिन अनुपम खेर ने अपने दोस्त के परिवार को कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। वे लगातार सतीश कौशिक की बेटी वंशिका का ध्यान रखते हैं और उसे हर कदम पर प्रोत्साहित करते रहते हैं। इसी सिलसिले में हाल ही में वे वंशिका के स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुँचे,जहाँ वंशिका ने नुक्कड़ नाटक में अभिनय किया।
इस खास मौके का एक वीडियो अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किया है। इस वीडियो में वे वंशिका के साथ दिखाई दे रहे हैं और उसके अभिनय की जमकर तारीफ करते नजर आते हैं। वीडियो में अनुपम खेर बताते हैं कि वंशिका ने अचानक उनके सामने संवाद बोलना शुरू कर दिया,जिसे देखकर वे खुद थोड़े नर्वस हो गए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वंशिका का आत्मविश्वास और अभिनय देखकर उन्हें हैरानी भी हुई और खुशी भी।
अनुपम खेर ने अपने पोस्ट में लिखा कि वंशिका के स्कूल समारोह में अभिभावक के रूप में शामिल होना और उसे मंच पर अभिनय करते देखना उनके जीवन के सबसे खुशी भरे पलों में से एक था। उन्होंने कहा कि यह पल उनके लिए भावुक भी था क्योंकि सालों पहले वे और सतीश कौशिक दिल्ली की गलियों में नुक्कड़ नाटक किया करते थे। अब जब सतीश की बेटी उसी मंच पर अभिनय कर रही है,तो यह उनके लिए बेहद खास अनुभव है।
View this post on Instagram
उन्होंने वंशिका की तारीफ करते हुए कहा कि वह बेहद प्रतिभाशाली,मेहनती और आत्मविश्वासी लड़की है। अनुपम खेर ने यह भी कहा कि वे उसके भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित हैं और उसके आने वाले सभी कार्यक्रमों में शामिल होने की कोशिश करेंगे। उनकी इस भावना ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है और कई प्रशंसकों ने उनकी दोस्ती और संवेदनशीलता की सराहना की है।
दरअसल,अनुपम खेर और सतीश कौशिक की दोस्ती कई दशकों पुरानी है। दोनों की मुलाकात दिल्ली में हुई थी,जब वे अभिनय की पढ़ाई कर रहे थे। दोनों ने प्रतिष्ठित संस्थान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में साथ पढ़ाई की और थिएटर की दुनिया में अपने करियर की शुरुआत की। उस समय वे दिल्ली की गलियों और मंचों पर नुक्कड़ नाटक और थिएटर प्रस्तुतियां किया करते थे।
समय के साथ दोनों कलाकारों ने बॉलीवुड में भी अपनी अलग पहचान बनाई। अनुपम खेर और सतीश कौशिक ने कई फिल्मों में साथ काम किया और अपनी शानदार अभिनय क्षमता से दर्शकों का दिल जीता। उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और ऑफ-स्क्रीन दोस्ती दोनों ही लोगों को खूब पसंद आती थी।
दोनों कलाकारों ने अपने करियर के दौरान कई फिल्मों में साथ काम किया। इनमें गुरु दक्षिणा,हवा दादा,आगाह,ठिकाना और कागज़ 2 जैसी फिल्में शामिल हैं। इन फिल्मों में दोनों कलाकारों ने अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और अपने अभिनय से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।
सतीश कौशिक केवल एक अभिनेता ही नहीं थे,बल्कि एक प्रतिभाशाली निर्देशक भी थे। साल 2009 में उन्होंने फिल्म निर्देशन में कदम रखा और तेरे संग का निर्देशन किया। इस फिल्म का निर्माण अनुपम खेर ने किया था। फिल्म में मशहूर अभिनेत्री नीना गुप्ता ने भी अहम भूमिका निभाई थी। यह फिल्म किशोरावस्था और सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी और इसे काफी चर्चा भी मिली थी।
सतीश कौशिक के निधन के बाद अनुपम खेर ने कई बार सार्वजनिक रूप से अपने दोस्त को याद किया है। वे अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ बिताए पलों की तस्वीरें और किस्से साझा करते रहते हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि सतीश उनके लिए सिर्फ एक दोस्त नहीं,बल्कि परिवार का हिस्सा थे।
वंशिका के स्कूल कार्यक्रम में अनुपम खेर का पहुँचना इसी गहरी दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। एक दोस्त के रूप में वे सतीश कौशिक के परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी बेटी को उसी तरह समर्थन दे रहे हैं जैसे कोई पिता या अभिभावक देता है।
सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद प्रशंसकों और फिल्मी हस्तियों ने भी अनुपम खेर की सराहना की है। कई लोगों ने कहा कि यह घटना साबित करती है कि सच्ची दोस्ती केवल अच्छे समय में साथ देने तक सीमित नहीं होती,बल्कि मुश्किल वक्त में भी निभाई जाती है।
अनुपम खेर और सतीश कौशिक की दोस्ती आज भी लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गई है। सतीश कौशिक भले ही इस दुनिया में नहीं हैं,लेकिन उनके दोस्त का यह स्नेह और जिम्मेदारी यह दिखाती है कि सच्चे रिश्ते समय और दूरी से कभी खत्म नहीं होते। वंशिका के लिए अनुपम खेर का यह साथ केवल एक समर्थन नहीं,बल्कि उस दोस्ती की विरासत है जो आने वाली पीढ़ियों तक याद रखी जाएगी।
