नई दिल्ली,27 मार्च (युआईटीवी)- दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल ने अपने अमेरिकन मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (एएमपी) के विस्तार की घोषणा करते हुए अमेरिका में विनिर्माण और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने इस कार्यक्रम के तहत नए साझेदारों को शामिल करने के साथ-साथ 2030 तक 400 मिलियन डॉलर निवेश करने की योजना भी पेश की है। इस पहल का उद्देश्य अमेरिका में अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग और महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के उत्पादन को बढ़ावा देना है।
एप्पल के सीईओ टिम कुक ने इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि कंपनी कई प्रमुख वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर अमेरिका में आवश्यक कंपोनेंट्स और मटीरियल का उत्पादन कर रही है। उन्होंने बताया कि एप्पल बॉश, सिरस लॉजिक,टीडीके और क्यूनिटी इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रहा है,जिससे न केवल सप्लाई चेन मजबूत होगी,बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
टिम कुक ने कहा कि एप्पल अमेरिकी नवाचार और मैन्युफैक्चरिंग की ताकत में विश्वास करता है। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि कंपनी अपने प्रोडक्ट्स के लिए जरूरी कंपोनेंट्स और उन्नत मटीरियल का उत्पादन अमेरिका में ही बढ़ा रही है। उनके अनुसार,यह पहल दिखाती है कि जब अमेरिकी प्रतिभा और संसाधनों में निवेश किया जाता है,तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं।
एप्पल का यह विस्तार उसके व्यापक निवेश कार्यक्रम का हिस्सा है,जिसके तहत कंपनी ने अमेरिका में अगले चार वर्षों में लगभग 600 बिलियन डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिकन मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है,जिसका उद्देश्य देश के भीतर तकनीकी उत्पादन को बढ़ाना और वैश्विक सप्लाई चेन पर निर्भरता को कम करना है।
इस कार्यक्रम के शुरुआती साझेदारों में कई बड़ी कंपनियाँ शामिल रही हैं,जिन्होंने पहले ही अमेरिका में उन्नत विनिर्माण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इनमें ब्रॉडकॉम, कॉर्निंग, एमकोर, एप्लाइड मैटेरियल्स,ग्लोबलफाउंड्रीज,कोहेरेंट,एमपी मैटेरियल्स,ग्लोबलवेफर्स अमेरिका,सैमसंग और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स जैसी प्रमुख कंपनियाँ शामिल हैं। इन साझेदारियों ने एप्पल की घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है और देश में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के विस्तार को गति दी है।
एप्पल का मानना है कि इस तरह की साझेदारियों से न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा मिलेगा,बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी मजबूती मिलेगी। इससे छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं को भी नई तकनीकों और संसाधनों तक पहुँच मिलेगी,जिससे वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
इसी दिशा में एप्पल ने पिछले साल डेट्रायट में एप्पल मैन्युफैक्चरिंग अकेडमी की स्थापना की थी। यह अकादमी छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करती है। इस पहल का उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
अब तक यह अकादमी लगभग 150 व्यवसायों को समर्थन दे चुकी है। इसमें कई मुफ्त इन-पर्सन ट्रेनिंग सेशंस और वर्चुअल प्रोग्राम्स शामिल हैं,जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक अनुभव दिया जाता है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अमेरिका का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के साथ तालमेल बनाए रख सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल का यह कदम वैश्विक स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग के रुझानों को प्रभावित कर सकता है। वर्तमान समय में कई कंपनियाँ अपनी सप्लाई चेन को विविध और सुरक्षित बनाने पर ध्यान दे रही हैं,खासकर भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक संकटों के बीच। ऐसे में एप्पल का अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने का फैसला एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इसके साथ ही,यह पहल अमेरिका में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर नौकरियों की संख्या में वृद्धि होगी,जिससे आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
कुल मिलाकर,एप्पल का यह निवेश न केवल कंपनी के लिए,बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भविष्य में तकनीकी कंपनियाँ अपने उत्पादन और सप्लाई चेन को अधिक स्थानीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
एप्पल का यह विस्तार यह भी दर्शाता है कि कंपनी केवल अपने उत्पादों तक सीमित नहीं है,बल्कि वह व्यापक स्तर पर औद्योगिक विकास,नवाचार और रोजगार सृजन में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल किस तरह वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग के स्वरूप को बदलती है और अन्य कंपनियों को किस प्रकार प्रेरित करती है।
