नई दिल्ली,8 नवंबर (युआईटीवी)- एशिया कप 2025 का फाइनल मुकाबला खेले जाने के बाद से ही ट्रॉफी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब यह मामला औपचारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के दफ्तर तक पहुँच गया है। दरअसल,एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नकवी ने वह एशिया कप ट्रॉफी अपने पास रखी हुई है,जो जीत के बाद भारत को दी जानी थी। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को दुबई में स्थित आईसीसी मुख्यालय में बीसीसीआई और एसीसी के प्रतिनिधियों के बीच अहम चर्चा हुई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक,शुक्रवार को हुई इस बैठक में एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी स्वयं मौजूद थे,जबकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की ओर से आईसीसी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि देवजीत सैकिया ने हिस्सा लिया। सैकिया ने इस दौरान स्पष्ट रूप से कहा कि एशिया कप ट्रॉफी भारत की है और उसे तुरंत भारत को सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को पाँच विकेट से हराकर यह खिताब अपने नाम किया था,ऐसे में ट्रॉफी किसी भी स्थिति में एसीसी अध्यक्ष के पास नहीं रहनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार,यह चर्चा औपचारिक नहीं थी,बल्कि आईसीसी बोर्ड मीटिंग के दौरान सदस्यों के बीच हुई एक अनौपचारिक बातचीत में यह मुद्दा सामने आया। हालाँकि,बीसीसीआई ने इसे बेहद गंभीरता से उठाया है और स्पष्ट किया है कि अगर जरूरत पड़ी तो वह इस विषय पर एक औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराएगा। बीसीसीआई का कहना है कि ट्रॉफी दुबई स्थित एसीसी कार्यालय में रखी हुई है और एसीसी अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि उनकी अनुमति के बिना इसे कहीं और नहीं ले जाया जाए।
आईसीसी बोर्ड में मौजूद अन्य सदस्यों ने भी इस मामले को लेकर चिंता व्यक्त की और उम्मीद जताई कि यह विवाद आपसी सहमति से जल्द सुलझ जाएगा। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात तक इस मुद्दे पर कोई पैनल गठित नहीं किया गया,लेकिन यदि आवश्यक हुआ तो आईसीसी इस मामले में एक विशेष जाँच या मध्यस्थता समिति बना सकती है।
यह पूरा विवाद 28 सितंबर को हुए भारत-पाकिस्तान फाइनल मुकाबले से जुड़ा है। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज फाइनल में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराकर एशिया कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। हालाँकि,मैच के बाद आयोजित ट्रॉफी समारोह के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने एक अप्रत्याशित निर्णय लेते हुए एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था।
दरअसल,मोहसिन नकवी न केवल एसीसी अध्यक्ष हैं,बल्कि वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष और साथ ही पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। भारतीय टीम प्रबंधन को इस बात पर आपत्ति थी कि पाकिस्तान सरकार से जुड़े एक व्यक्ति से ट्रॉफी ग्रहण करना उचित नहीं है,खासकर तब जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव जारी है। इसके अलावा,फाइनल मुकाबले के दौरान कुछ विवादित बयानों और आयोजकीय पक्षपात के आरोपों ने भी भारतीय खिलाड़ियों के रुख को कड़ा कर दिया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार,समारोह के दौरान जब नकवी ट्रॉफी लेकर मंच पर पहुँचे,तो भारतीय खिलाड़ी उनसे दूरी बनाए रखे रहे। कुछ देर इंतजार करने के बाद आयोजकों ने ट्रॉफी को लेकर मंच से नीचे उतरने का निर्णय लिया। इसके बाद एसीसी अधिकारियों ने ट्रॉफी को अपने पास रख लिया और कहा कि इसे “औपचारिक तरीके” से बाद में भारत को सौंप दिया जाएगा,लेकिन अब तक यह ट्रॉफी भारत तक नहीं पहुँची है।
इस घटना के बाद से मोहसिन नकवी को भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कई क्रिकेट विश्लेषकों और पूर्व खिलाड़ियों ने कहा कि ट्रॉफी विजेता टीम को न देना खेल भावना के विपरीत है। भारतीय प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर एसीसी और पीसीबी के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और इसे “खेल की मर्यादा का उल्लंघन” बताया। वहीं,पाकिस्तानी मीडिया ने इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की और कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का रवैया असम्मानजनक था।
अब जब यह मामला आईसीसी के स्तर तक पहुँच गया है,तो बीसीसीआई उम्मीद कर रहा है कि जल्द कोई ठोस समाधान निकलेगा। बीसीसीआई के अधिकारियों का कहना है कि “ट्रॉफी सिर्फ एक प्रतीक नहीं है,बल्कि यह उस मेहनत,समर्पण और गौरव का प्रतीक है,जो खिलाड़ियों ने देश के लिए हासिल किया।” उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था या व्यक्ति को विजेता टीम के अधिकार पर कब्जा नहीं जमाना चाहिए।
एसीसी की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है,लेकिन सूत्रों के मुताबिक,मोहसिन नकवी का मानना है कि ट्रॉफी के संबंध में जो भी निर्णय होगा,वह एसीसी की औपचारिक प्रक्रिया के तहत ही लिया जाएगा। वहीं,आईसीसी ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को “अनुशासन और पारदर्शिता” के साथ हल करना चाहता है ताकि भविष्य में इस तरह के विवाद दोबारा न हों।
एशिया कप ट्रॉफी विवाद ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं,बल्कि कूटनीतिक संवेदनशीलता का विषय भी बन चुका है। बीसीसीआई इस बार किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं दिख रहा और उसने साफ कहा है कि ट्रॉफी भारत को सौंपी जानी चाहिए,चाहे इसके लिए उसे आईसीसी के उच्चतम स्तर तक क्यों न जाना पड़े। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में आईसीसी इस विवाद को कैसे सुलझाता है और आखिर कब भारत को उसका हक यानी एशिया कप ट्रॉफी सौंपी जाएगी।
