नई दिल्ली,25 फरवरी (युआईटीवी)- तमिलनाडु,केरल,पश्चिम बंगाल,असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में अप्रैल और मई के दौरान प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पुडुचेरी और तमिलनाडु के दो दिवसीय अहम दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे को चुनाव कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा से पहले एक महत्वपूर्ण तैयारी और समीक्षा चरण के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक,मुख्य चुनाव आयुक्त बुधवार दोपहर लगभग दो बजे पुडुचेरी पहुँचेंगे। वहाँ वे केंद्र शासित प्रदेश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में मुख्य सचिव शरथ चौहान और पुलिस महानिदेशक शालिनी सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। चर्चा का केंद्र बिंदु सुरक्षा व्यवस्था,लॉजिस्टिक तैयारियाँ और स्वतंत्र तथा निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के उपाय होंगे।
चुनाव आयोग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मतदान प्रक्रिया पारदर्शी,निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। पुडुचेरी जैसे छोटे लेकिन राजनीतिक रूप से सक्रिय केंद्र शासित प्रदेश में कानून-व्यवस्था और संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान अहम मुद्दा मानी जा रही है। बैठक में बूथ स्तर पर सुरक्षा तैनाती,संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा आदर्श आचार संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त के आगमन से पहले पुडुचेरी पुलिस ने भी चुनाव संबंधी तैयारियों को गति दी है। मंगलवार को पुडुचेरी पुलिस मुख्यालय में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डीआईजी सत्या सुंदरम ने की। बैठक में चुनाव सुरक्षा प्रोटोकॉल,आचार संहिता के प्रवर्तन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उपायों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं,ताकि उनकी चिंताओं और सुझावों को सुना जा सके। चुनाव आयोग अक्सर इस प्रकार की बैठकों के माध्यम से जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझने और उन्हें दूर करने का प्रयास करता है। यह संवाद चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।
पुडुचेरी दौरे के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त गुरुवार और शुक्रवार को तमिलनाडु की यात्रा करेंगे। उनके साथ सात उप चुनाव आयुक्त भी होंगे,जो राज्य की चुनावी तैयारियों का व्यापक आकलन करेंगे। 26 फरवरी को चेन्नई में वे तमिलनाडु की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक और अन्य वरिष्ठ चुनाव अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मतदान केंद्रों की संख्या,ईवीएम और वीवीपैट की उपलब्धता,कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की जाएगी।
27 फरवरी को मुख्य चुनाव आयोग तमिलनाडु के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत परामर्श करेगा। इस परामर्श में प्रशासनिक समन्वय,केंद्रीय बलों की माँग,संवेदनशील जिलों की पहचान और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद की तैयारियों पर चर्चा होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह उप चुनाव आयुक्तों ने राज्य में प्रारंभिक निरीक्षण पूरा कर लिया था और अब यह दौरा उसी प्रक्रिया का अगला चरण है।
विश्लेषकों का मानना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की यह समीक्षा चुनाव तिथियों की घोषणा से पहले अंतिम तैयारियों को परखने का अवसर है। चुनाव आयोग आमतौर पर राज्यों की तैयारियों से संतुष्ट होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करता है। ऐसे में यह दौरा संकेत देता है कि चुनाव तिथियों की घोषणा जल्द हो सकती है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनावी मुकाबला परंपरागत रूप से कड़ा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल पहले से ही जनसभाओं और अभियान की रणनीति में जुटे हैं। ऐसे माहौल में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह सभी दलों को समान अवसर उपलब्ध कराए और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का यह दौरा चुनावी तैयारियों की गंभीरता को दर्शाता है। सुरक्षा,पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए चुनाव आयोग यह संदेश देना चाहता है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी सख्ती और ईमानदारी से लागू किया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि समीक्षा के बाद चुनाव आयोग कब औपचारिक रूप से चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करता है और राज्यों में चुनावी प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
