कांग्रेस नेता राहुल गांधी (तस्वीर क्रेडिट@Sudhanshuz)

‘तमिल संस्कृति पर हमला’: राहुल गांधी ने जन नायकन को अवरुद्ध करने का आरोप सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पर लगाया

नई दिल्ली,16 जनवरी (युआईटीवी)- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय पर तमिल फिल्म ‘जना नायकन’ को ब्लॉक करने का आरोप लगाते हुए इसे “तमिल संस्कृति पर हमला” और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार बताया।

एक कड़े बयान में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का यह निर्णय सत्ताधारी दल की विचारधारा से मेल न खाने वाली आवाजों और विचारों के प्रति असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सिनेमा हमेशा से सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम रहा है और इसे दबाने का कोई भी प्रयास राज्य की समृद्ध भाषाई और कलात्मक परंपराओं का अपमान है।

गांधी ने तर्क दिया कि तमिल सिनेमा ने न केवल तमिलनाडु में बल्कि पूरे देश में सामाजिक और राजनीतिक विमर्श को आकार देने में ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, “किसी फिल्म पर रोक लगाना केवल कला पर सेंसरशिप लगाना नहीं है; यह प्रश्न पूछने, बहस करने और अभिव्यक्ति के लोकतांत्रिक अधिकार को कमजोर करना है।” उन्होंने आगे कहा कि विचारों की विविधता भारत की एकता की नींव है।

खबरों के अनुसार,जन नायकन को प्रमाणन और स्क्रीनिंग की अनुमति से संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ा है,जिससे राजनीतिक नेताओं और फिल्म जगत के कुछ वर्गों की आलोचना हुई है। फिल्म के समर्थकों का दावा है कि यह सामाजिक रूप से प्रासंगिक मुद्दों को उठाती है और इसे बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के दर्शकों तक पहुँचने की अनुमति दी जानी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस फैसले को पलट दे और फिल्म को प्रदर्शित करने की अनुमति दे। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविध संस्कृतियों को दबाने में नहीं,बल्कि उनका सम्मान करने में है। उन्होंने कहा, “तमिल संस्कृति या किसी भी क्षेत्रीय पहचान को निशाना बनाना भारत की अवधारणा को कमजोर करता है।”

अब तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने राहुल गांधी के आरोपों पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। विवाद बढ़ने के साथ ही, इस मुद्दे ने सेंसरशिप,रचनात्मक स्वतंत्रता और एक विविध लोकतंत्र में कलात्मक अभिव्यक्ति को विनियमित करने में राज्य की भूमिका पर एक व्यापक बहस को फिर से हवा दे दी है।