हर्षित राणा (तस्वीर क्रेडिट@Mithile89092522)

सिडनी वनडे में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को दिया 237 रन का लक्ष्य,हर्षित राणा की घातक गेंदबाजी से चमकी टीम इंडिया की उम्मीद

सिडनी,25 अक्टूबर (युआईटीवी)- सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुँच गया है। पहले दो मैच हारकर पहले ही सीरीज गंवा चुकी टीम इंडिया इस मुकाबले में सम्मान बचाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम 46.4 ओवरों में 236 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा और 8.4 ओवरों में 39 रन देकर चार महत्वपूर्ण विकेट झटके।

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और टीम की शुरुआत अपेक्षाकृत अच्छी रही। सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड और मिचेल मार्श ने तेज शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 9.2 ओवर में 61 रन जोड़े। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बनाने की कोशिश की। हेड ने मात्र 29 रन की पारी खेली,जिसमें उनके बल्ले से 6 चौके निकले,लेकिन वह हर्षित राणा की गेंद पर वाशिंगटन सुंदर के हाथों कैच थमा बैठे और भारत को पहली सफलता दिलाई।

इसके बाद कप्तान मिचेल मार्श ने अपने स्वभाविक अंदाज में खेलते हुए कुछ आकर्षक शॉट्स लगाए। उन्होंने 50 गेंदों में 1 छक्का और 5 चौकों की मदद से 41 रन बनाए। हालाँकि,जब वे अपने अर्धशतक के करीब थे,तब कुलदीप यादव की फिरकी में फँस गए और एलबीडब्ल्यू हो गए। मार्श के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी थोड़ी धीमी पड़ गई।

टीम का स्कोर जब 88 रन पर दो विकेट था,तब मैथ्यू शॉर्ट और मैट रेनशॉ ने तीसरे विकेट के लिए साझेदारी निभाने की कोशिश की। दोनों ने पारी को संभालने की कोशिश की,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए उन्हें बाँधे रखा। शॉर्ट ने 41 गेंदों में 30 रन बनाए,जिसमें 3 चौके शामिल थे। वे प्रसिद्ध कृष्णा की गेंद पर अक्षर पटेल को कैच थमा बैठे।

यहाँ से रेनशॉ ने ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर को टिकाए रखने की कोशिश की। उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी के साथ चौथे विकेट के लिए 59 रन की अहम साझेदारी की। कैरी ने 24 रन बनाकर टीम को स्थिरता दी,लेकिन मोहम्मद सिराज की तेज गेंद पर बोल्ड हो गए। रेनशॉ ने 58 गेंदों की अपनी पारी में 2 चौके लगाए और एक जिम्मेदार अर्धशतक पूरा किया। उनका विकेट गिरने के बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी लड़खड़ाने लगी।

अंतिम ओवरों में कूपर कोनोली ने 23 और नाथन एलिस ने 16 रन का योगदान दिया,जिससे टीम का स्कोर 236 तक पहुँच सका,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा और किसी भी बल्लेबाज को लंबे समय तक क्रीज पर टिकने नहीं दिया।

भारत की ओर से गेंदबाजी में हर्षित राणा सबसे प्रभावशाली रहे। उन्होंने अपनी गति और सटीकता से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान किया। उनके अलावा वाशिंगटन सुंदर ने 2 विकेट चटकाए,जबकि मोहम्मद सिराज,प्रसिद्ध कृष्णा,कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। यह मैच हर्षित राणा के लिए खास रहा,क्योंकि उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही विदेशी सरज़मीं पर शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम के लिए एक अहम भूमिका निभाई।

ऑस्ट्रेलिया की पारी के दौरान भारतीय कप्तान केएल राहुल ने गेंदबाजों में लगातार बदलाव करते हुए आक्रामक रणनीति अपनाई। फील्डिंग में भी टीम ने बेहतरीन तालमेल दिखाया,जिसके चलते कई अहम रन बचाए गए। विकेटकीपर के रूप में राहुल ने भी दो बेहतरीन कैच लपके,जिससे टीम को बढ़त बनाए रखने में मदद मिली।

इससे पहले,ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को शुरुआती दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा था। पहला मैच डकवर्थ-लुईस नियम के तहत 7 विकेट से गया,जबकि एडिलेड में खेले गए दूसरे मुकाबले में भारत 2 विकेट से हार गया था। इन दोनों हारों के चलते भारत सीरीज पहले ही गंवा चुका है,लेकिन तीसरा मैच उसके लिए “सम्मान की जंग” बन गया है।

अब भारत के सामने 237 रन का लक्ष्य है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है,लेकिन दूसरी पारी में यहाँ गेंद थोड़ी रुककर आ सकती है। शुरुआती ओवरों में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज जोश हेजलवुड और पैट कमिंस भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा लेंगे। ऐसे में शुभमन गिल और कप्तान केएल राहुल पर बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वे टीम को ठोस शुरुआत दिलाएँ।

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच भावनाओं से भरा हुआ है। सीरीज हारने के बावजूद अगर टीम यह मुकाबला जीत लेती है,तो यह उसका मनोबल बढ़ाने वाला नतीजा साबित होगा। युवा खिलाड़ियों जैसे हर्षित राणा,रुतुराज गायकवाड़ और वाशिंगटन सुंदर के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हैं।

सिडनी वनडे अब एक रोमांचक मोड़ पर है। जहाँ एक ओर ऑस्ट्रेलिया सीरीज को क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरी है,वहीं भारत सम्मान बचाने और आत्मविश्वास पुनः हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा। पहले हाफ में गेंदबाजों ने अपनी जिम्मेदारी निभा दी है,अब देखना यह है कि बल्लेबाज इस लक्ष्य का पीछा कितनी समझदारी और संयम से करते हैं। क्रिकेट प्रेमियों को एक बार फिर रोमांचक मुकाबले की उम्मीद है,जो इस सीरीज का यादगार समापन साबित हो सकता है।