मेलबर्न,19 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए खिताब की अपनी मंशा साफ कर दी है। मेलबर्न के प्रतिष्ठित रॉड लेवर एरिना में खेले गए पहले दौर के मुकाबले में गॉफ ने उज्बेकिस्तान की कामिला राखीमोवा को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराकर दूसरे दौर में जगह बना ली। 1 घंटे 39 मिनट तक चले इस मुकाबले में गॉफ ने भले ही अपनी सर्विस में कुछ उतार-चढ़ाव दिखाए,लेकिन उनकी रिटर्न गेम,बेहतरीन कोर्ट कवरेज और लगातार दबाव बनाए रखने की क्षमता ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई।
इस जीत के साथ कोको गॉफ ने अपने करियर का 75वां ग्रैंड स्लैम मैच जीत लिया। इसके अलावा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में पहले दौर का उनका रिकॉर्ड भी और मजबूत हो गया है,जिसमें अब उनके नाम 23 जीत और सिर्फ 4 हार दर्ज हैं। यह आँकड़ें साफ तौर पर बताते हैं कि गॉफ बड़े टूर्नामेंट्स की शुरुआत में कितनी भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुकी हैं। 2026 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में वह खिताब की प्रबल दावेदारों में गिनी जा रही हैं और पहले ही मैच में उन्होंने अपने इरादों का संकेत दे दिया है।
मैच की शुरुआत से ही गॉफ ने आक्रामक अंदाज अपनाया। पहले सेट में उन्होंने अपनी ताकतवर ग्राउंडस्ट्रोक्स और तेज रिटर्न के दम पर राखीमोवा पर दबाव बनाया। हालाँकि,उनकी सर्विस पूरी तरह धारदार नहीं दिखी और पूरे मुकाबले में उन्होंने सात डबल फॉल्ट किए। इसके बावजूद गॉफ की रिटर्न इतनी प्रभावी रही कि वह लगभग हर सर्विस गेम में ब्रेक के मौके बनाती रहीं। पहले सेट में उन्होंने जल्दी ही 5-2 की बढ़त बना ली,लेकिन इसके बाद राखीमोवा ने संघर्ष का परिचय दिया।
उज्बेक खिलाड़ी ने 2-5 पर सर्व करते समय तीन सेट पॉइंट बचाए और मुकाबले को खींचने की पूरी कोशिश की। उस समय ऐसा लगा कि अगर गॉफ ने थोड़ी सी भी चूक की,तो मैच में रोमांच बढ़ सकता है,लेकिन युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने धैर्य बनाए रखा और एक बेहतरीन सर्व के जरिए पहला सेट अपने नाम कर लिया। यह पल दर्शाता है कि गॉफ अब सिर्फ प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं,बल्कि मानसिक रूप से भी काफी मजबूत हो चुकी हैं।
दूसरे सेट में राखीमोवा ने रणनीति बदलते हुए लॉब और ड्रॉप शॉट्स का इस्तेमाल शुरू किया। उन्होंने गॉफ को बेसलाइन से आगे बुलाने की कोशिश की,जिससे कुछ मौकों पर अमेरिकी खिलाड़ी को असहज भी होना पड़ा। इस दौरान दर्शकों का समर्थन भी राखीमोवा को मिला और मुकाबले में कुछ देर के लिए उत्साह बढ़ गया। हालाँकि,गॉफ की फिटनेस,तेजी और कोर्ट कवरेज के सामने यह रणनीति ज्यादा कारगर साबित नहीं हो सकी।
गॉफ ने दूसरे सेट में भी अपनी निरंतरता बनाए रखी और जल्दी ही 5-1 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। एक गेम में कुछ डबल फॉल्ट और अनफोर्स्ड एरर्स के कारण राखीमोवा को वापसी का हल्का सा मौका जरूर मिला,लेकिन गॉफ ने तुरंत ही लय वापस पा ली। उन्होंने निर्णायक ब्रेक हासिल करते हुए मैच का छठा ब्रेक अपने नाम किया और सीधे सेटों में मुकाबला खत्म कर दिया। इस जीत ने यह साफ कर दिया कि गॉफ कठिन परिस्थितियों में भी नियंत्रण बनाए रखने में सक्षम हैं।
मैच के बाद कोको गॉफ ने अपने प्रदर्शन पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले राउंड में वह खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहती थीं और उनका फोकस केवल अपना सर्वश्रेष्ठ टेनिस खेलने पर था। गॉफ ने यह भी स्पष्ट किया कि टूर्नामेंट में उनका एकमात्र लक्ष्य खिताब जीतना है। उन्होंने अपनी रिटर्न गेम को अपनी बड़ी ताकत बताया और कहा कि एक मजबूत रिटर्नर होने का फायदा यह होता है कि लगभग हर सर्विस गेम में ब्रेक का मौका बनता है,जिससे विरोधी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बना रहता है।
कोको गॉफ की यह जीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि ऑस्ट्रेलियन ओपन में पहले दौर के मैच अक्सर शीर्ष खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होते हैं। तेज कोर्ट,शुरुआती दबाव और अपेक्षाओं का बोझ कई बार बड़े नामों को भी परेशान कर देता है। ऐसे में गॉफ का आत्मविश्वास के साथ जीत दर्ज करना उनके खिताबी अभियान के लिए सकारात्मक संकेत है।
अब दूसरे दौर में कोको गॉफ का सामना लेफ्ट-हैंडेड सर्बियाई खिलाड़ी ओल्गा डैनिलोविच से होगा। डैनिलोविच ने पहले दौर में बड़ा उलटफेर करते हुए सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स को तीन सेटों में हराया है। इस जीत के बाद डैनिलोविच का आत्मविश्वास भी काफी ऊँचा होगा,जिससे गॉफ के लिए अगला मुकाबला आसान नहीं रहने वाला है। हालाँकि,मौजूदा फॉर्म और आत्मविश्वास को देखते हुए गॉफ को इस मैच में भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में कोको गॉफ की यह शुरुआती जीत न सिर्फ स्कोरलाइन के लिहाज से प्रभावशाली रही,बल्कि उनके खेल के संतुलन और परिपक्वता को भी दर्शाती है। सर्विस में सुधार की गुंजाइश जरूर है,लेकिन उनकी रिटर्न,मूवमेंट और मानसिक मजबूती उन्हें खिताब की दौड़ में आगे बनाए रख सकती है। अगर गॉफ इसी निरंतरता के साथ आगे बढ़ती रहीं,तो मेलबर्न में वह इस साल इतिहास रचने की पूरी क्षमता रखती हैं।
