तेहरान, 18 अक्टूबर (युआईटीवी)- ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने चेतावनी दी कि अगर गाजा पर इजरायल ने बमबारी जारी रखी तो आगे आने वाले समय में दुनियाभर के “प्रतिरोधक ताकतों” और मुसलमानों को कोई रोक नहीं पाएगा।
ईरानी राज्य टीवी का हवाला देते हुए डेली मेल ने बताया कि ” जो अपराध ज़ायोनी (इज़रायली) शासन के द्वारा किए जा रहे हैं,वो लगातार जारी रहे और इसे यदि रोका नहीं गया तो प्रतिरोध ताकत और मुस्लिम अशांत हो जाएँगे। जिसे बाद में कोई रोक नहीं पाएगा और इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
अयातुल्ला अली खामेनी ने आगे कहा कि, “ज़ायोनी (इज़रायली) शासन कुछ भी करता है,इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह अपनी आपत्तिजनक और निंदनीय विफलता की अदायगी नहीं कर सकता।”
अयातुल्ला अली खामेनी की ये प्रतिक्रिया हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मेशाल द्वारा “जिहाद दिवस” के आह्वान के बाद की गई है। पिछले शुक्रवार को हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मेशाल ने “जिहाद दिवस” का आह्वान की थी। इससे पूर्व संकटग्रस्त गाजावासियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए दुनियाभर में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी निकले थे। क्योंकि अपने देश से भागने के लिए दस लाख से अधिक लोगों को मजबूर होना पड़ा था।
फ़िलिस्तीनी मुद्दे के समर्थन में लंबे समय से ईरान के मौलवी शासक अपनी मुखरता प्रकट कर रहे हैं।
डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक हमास को तेहरान अपना खुलकर समर्थन देता है। उन इस्लामी संगठन को वित्त की आपूर्ति करता है,जो गाजा को नियंत्रित करने का काम करता है। साथ ही उन्हें हथियारों की भी आपूर्ति करता है और यह बात किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने कहा कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ गाजा में इजरायली अधिकारियों ने जो भी अपराध किए हैं ,उसके लिए उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। घेराबंदी की ईरान ने निंदा की है और बयानबाजी तेज कर दी है। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि दूसरे मोर्चों पर चौतरफा हमले का जवाब दिया जाएगा।
