अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास (तस्वीर क्रेडिट@Rambilas4BJP)

अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने लखनऊ पीजीआई में ली अंतिम सांस,मुख्यमंत्री आदित्यनाथ,अमित शाह समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया

नई दिल्ली,12 फरवरी (युआईटीवी)- अयोध्या स्थित राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का बुधवार को लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर दौड़ गई और कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

2 फरवरी को स्ट्रोक के कारण सत्येंद्र दास को अयोध्या के अस्पताल में भर्ती कराया गया था,फिर बेहतर इलाज के लिए उन्हें लखनऊ एसजीपीजीआई भेजा गया। वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप से भी प्रभावित थे। 4 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल जाकर उनका कुशलक्षेम जाना था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर प्रदेश के गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री योगी ने अपने शोक संदेश में लिखा, “परम राम भक्त,श्री राम जन्मभूमि मंदिर,श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं सामाजिक व आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!” सत्येंद्र दास जी के निधन से धार्मिक जगत में शोक की लहर है और उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी का निधन संत समाज और श्रद्धालुओं के लिए अपूरणीय क्षति है। आचार्य जी राम भक्तों के बीच श्रद्धा और आस्था के प्रतीक थे।उनका जीवन प्रभु की सेवा और भक्तों के मार्गदर्शन में सदैव समर्पित रहा। उन्होंने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। पुण्यात्मा को प्रभु श्री राम अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों एवं अनुयायियों को संबल प्रदान करें।”

आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी शोक व्यक्त किया। एक्स पर उन्होंने लिखा, “श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी,प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त,आचार्य सत्येंद्र दास जी के निधन की सूचना अत्यंत दुःखद व पीड़ादायक है। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से श्री रामलला के पुनर्स्थापन तक उनका योगदान अविस्मरणीय है,जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देगा। उनका निधन संत समाज तथा आध्यात्मिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। प्रभु श्रीराम जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल अनुयायियों को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति दें।”

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त करते हुए एक्स पर लिखा, “प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त,श्री राम जन्मभूमि मंदिर,श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येंद्र कुमार दास जी महाराज के देवलोकगमन के समाचार से हृदय स्तब्ध है। श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर श्री रामलला के पुनर्स्थापन तक उनके द्वारा दिए गए योगदान अविस्मरणीय है। भगवान श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके शिष्यों व अनुयायियों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।”

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए लिखा, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी रामभक्त आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज के परलोकगमन का समाचार अत्यंत दुःखद है। पूज्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज जीवन पर्यंत श्री रामलला सरकार की सेवा में लगे रहे। उनका जाना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्हें प्रभु श्रीराम अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।”

आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी गहरा शोक व्यक्त किया और उन्होंने लिखा, “श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास जी के निधन का समाचार शोक प्रद है। उन्होंने अपना पूरा जीवन राम जी की सेवा में व्यतीत करने के साथ-साथ समाज को सदैव भक्ति का मार्ग दिखलाया था। प्रभु रामचंद्र जी से मेरी प्रार्थना है कि वे अपने अनन्य भक्त आचार्य सत्येंद्र दास जी को निजधाम में शरण दें और उनके परिजनों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”

आचार्य सत्येंद्र दास जी का जीवन श्री राम के प्रति अडिग श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था। वह श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल रहे और इस आंदोलन के साथ उनका नाम हमेशा जुड़ा रहेगा। राम मंदिर के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही,जिसके कारण उन्हें श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था। उन्होंने न केवल रामलला के पुनर्स्थापन के लिए काम किया,बल्कि समाज को राम के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित भी किया।

आचार्य जी का निधन न केवल राम मंदिर से जुड़े भक्तों के लिए,बल्कि पूरे संत समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से जो खालीपन हुआ है,वह लंबे समय तक महसूस किया जाएगा। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके कार्यों से आने वाली पीढ़ियाँ प्रेरणा लेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आचार्य सत्येंद्र दास जी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणास्त्रोत रहेगा। आचार्य जी के निधन से उनके अनुयायी और शिष्य गहरे दुख में डूबे हुए हैं और उनके कार्यों का अनुसरण करने का संकल्प लेते हुए वे उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।

आचार्य सत्येंद्र दास जी का योगदान राम मंदिर आंदोलन और भारतीय धार्मिक चेतना में अनमोल रहेगा। उनका जीवन संप्रदाय और आस्था की सेवा में समर्पित था, और वह एक आदर्श के रूप में हमेशा याद किए जाएँगे।