लखनऊ, 29 अक्टूबर (युआईटीवी/आईएएनएस)- भड़काऊ भाषण मामले में तीन साल की सजा के ऐलान के बाद रामपुर से सपा विधायक आजम खान को एक और बड़ा झटका लगा है। उनकी विधानसभा की सदस्यता को रद्द कर दिया गया है।
रामपुर की एमपी एमएलए कोर्ट द्वारा बृहस्पतिवार को सुनाई गई सजा के बाद शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय में आजम खां की सदस्यता समाप्त करते हुए रामपुर सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। विधान सभा सचिवालय ने रामपुर सीट रिक्त घोषित किए जाने संबंधी सूचना चुनाव आयोग को भी भेज दी है। अब चुनाव आयोग इस सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा करेगा।
भड़काऊ भाषण मामले में रामपुर के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम/विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए निशांत मान ने सपा महासचिव व रामपुर शहर विधायक आजम खां को गुरुवार को तीन साल कैद व छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। 93 मुकदमों में फंसे आजम को यह पहली सजा है। सजा सुनाने के कुछ देर बाद ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। सजा के एक दिन बाद ही उनकी विधायकी भी चली गई है। यह संयोग है कि पिछली विधानसभा के कार्यकाल के दौरान आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम की सदस्यता खत्म कर दी गई थी। इस बार उनकी सदस्यता खत्म हुई है।
गौरतलब हो कि 2019 के लोकसभा चुनाव में आजम खां रामपुर संसदीय सीट से सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी थे। उन्होंने सात अप्रैल 2019 को अपने चुनाव प्रचार के दौरान मिलक कोतवाली क्षेत्र के खातानगरिया गांव में जनसभा को संबोधित किया था। आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था। आजम खां के भाषण का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में वीडियो अवलोकन टीम के प्रभारी अनिल कुमार चौहान की ओर से मिलक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। इस मामले में आजम खां जमानत पर चल रहे थे। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस 21 अक्तूबर को पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसले के लिए 27 अक्तूबर की तिथि फैसले के लिए निर्धारित की थी।
गुरुवार को एमपी-एमएलए (मजिस्ट्रेट ट्रायल) निशांत मान की कोर्ट में सपा नेता आजम खां को दोषी करार कर दिया। कोर्ट ने शाम लगभग साढ़े चार बजे अपने फैसला सुनाया। अभियोजन अधिकारी अमरनाथ तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने आजम खां को तीन साल की कैद और छह हजार रुपये जुमार्ना अदा करने की सजा सुनाई गई। इसके बाद आजम खां के अधिवक्ता की ओर से जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25-25 हजार के दो जमानती दाखिल करने पर अपील दाखिल तक आजम खां को अंतरिम जमानत दे दी।
