पीवी सिंधु (तस्वीर क्रेडिट@irvpaswan)

बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप: सिंधु और प्रणॉय की जीत से उम्मीदें बरकरार,लक्ष्य-श्रीकांत बाहर

निंगबो,9 अप्रैल (युआईटीवी)- बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के पहले दिन भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा,जहाँ एक तरफ अनुभवी खिलाड़ियों ने जीत हासिल कर देश की उम्मीदों को जिंदा रखा,वहीं कुछ बड़े नामों को निराशा हाथ लगी। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और अनुभवी शटलर एचएस प्रणॉय ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर दूसरे दौर में जगह बना ली,जबकि लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा।

महिला एकल वर्ग में पीवी सिंधु को मलेशिया की वोंग लिंग चिंग के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। मुकाबले की शुरुआत सिंधु के लिए अच्छी नहीं रही और उन्होंने पहला गेम 15-21 से गंवा दिया। इस दौरान सिंधु की लय पूरी तरह बिगड़ी हुई नजर आई और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी ने उनके कमजोर पलों का भरपूर फायदा उठाया। हालाँकि,दूसरे गेम में सिंधु ने शानदार वापसी की और अपने अनुभव का प्रदर्शन करते हुए 21-11 से जीत दर्ज कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।

तीसरा और निर्णायक गेम बेहद रोमांचक रहा। दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली और स्कोर लगातार बराबरी पर चलता रहा। जब स्कोर 19-19 पर पहुँचा,तब मैच किसी भी ओर जा सकता था,लेकिन ऐसे दबाव के क्षणों में सिंधु ने अपने अनुभव का परिचय दिया और लगातार दो अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला एक घंटे सात मिनट तक चला और इस जीत के साथ सिंधु ने दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया,जहाँ उनका सामना चीन की मजबूत खिलाड़ी वांग झी यी से होगा।

पुरुष एकल वर्ग में एचएस प्रणॉय ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए वियतनाम के गुयेन हाई डांग को सीधे गेम में हराकर अगले दौर में जगह बनाई। पहला गेम बेहद कांटे का रहा,जिसमें प्रणॉय को कई गेम प्वाइंट बचाने पड़े। उन्होंने धैर्य और संयम के साथ खेलते हुए 24-22 से पहला गेम अपने नाम किया। इस जीत ने उन्हें आत्मविश्वास दिया,जिसका असर दूसरे गेम में साफ दिखाई दिया। दूसरे गेम में प्रणॉय ने पूरी तरह दबदबा बनाया और 21-12 से आसानी से जीत दर्ज की। अब दूसरे राउंड में उनका मुकाबला चीन के वेंग होंग यांग से होगा,जो एक कठिन चुनौती साबित हो सकते हैं।

हालाँकि,भारत के लिए दिन पूरी तरह सफल नहीं रहा। युवा स्टार लक्ष्य सेन को हांगकांग के ली चेउक यियू के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा। यह मुकाबला 41 मिनट तक चला,जिसमें लक्ष्य सेन शुरुआत से ही संघर्ष करते नजर आए। पहला गेम उन्होंने 12-21 से गंवाया और दूसरे गेम में थोड़ी बेहतर वापसी करने के बावजूद 19-21 से हार गए। इस हार के साथ उनका अभियान पहले ही दौर में समाप्त हो गया,जो भारतीय प्रशंसकों के लिए निराशाजनक रहा।

इसी तरह अनुभवी खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और उन्हें भी शुरुआती दौर में हार का सामना करना पड़ा। श्रीकांत से काफी उम्मीदें थीं,लेकिन वे अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखा पाए और टूर्नामेंट से जल्दी बाहर हो गए।

दिन का सबसे बड़ा आकर्षण उभरते हुए भारतीय खिलाड़ी आयुष शेट्टी का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने चीन के विश्व नंबर 7 ली शी फेंग को सीधे गेम में हराकर सभी को चौंका दिया। यह जीत भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। आयुष ने पूरे मैच में आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा खेल दिखाया और अपने प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है,जहाँ उनका अगला मुकाबला ताइपे के ची यू जेन से होगा।

महिला एकल वर्ग में भारत को निराशा भी हाथ लगी। मालविका बंसोड़ और तन्वी शर्मा अपने-अपने मुकाबलों में सीधे गेम में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। दोनों खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी,लेकिन वे अपने खेल में धार नहीं दिखा सकीं और शुरुआती दौर में ही बाहर हो गईं।

बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के पहले दिन भारत के लिए मिश्रित परिणाम देखने को मिले। जहाँ सिंधु और प्रणॉय जैसे अनुभवी खिलाड़ियों ने जीत के साथ उम्मीदों को कायम रखा,वहीं लक्ष्य सेन और श्रीकांत जैसे खिलाड़ियों की हार ने कुछ सवाल भी खड़े किए हैं। हालाँकि,आयुष शेट्टी का प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। अब सभी की नजरें दूसरे दौर के मुकाबलों पर होंगी,जहाँ भारतीय खिलाड़ी अपने अभियान को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।