नई दिल्ली,24 जनवरी (युआईटीवी)- अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी में नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक,कंपनी अगले हफ्ते कर्मचारियों की कटौती के दूसरे दौर की शुरुआत कर सकती है,जिसमें करीब 30,000 कर्मचारियों की नौकरियों पर असर पड़ने की आशंका है। बताया जा रहा है कि इस फैसले की प्रमुख वजह कंपनी के कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का तेजी से बढ़ता उपयोग है, जिससे कई पारंपरिक भूमिकाओं की जरूरत कम होती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार,छंटनी के इस नए दौर में सबसे ज्यादा असर अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), मानव संसाधन (एचआर),अमेजन प्राइम वीडियो और रिटेल सेगमेंट में काम करने वाले कर्मचारियों पर पड़ सकता है। ये ऐसे विभाग हैं,जहाँ ऑटोमेशन और एआई टूल्स के जरिए कई प्रक्रियाओं को पहले से कहीं अधिक कुशल और कम लागत में किया जा सकता है। इसी वजह से कंपनी अपने संगठनात्मक ढाँचे में बदलाव कर रही है।
यह पहली बार नहीं है,जब अमेजन इस तरह की बड़ी छंटनी करने जा रही है। इससे पहले अक्टूबर में कंपनी ने 14,000 व्हाइट कॉलर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। वह कदम भी कंपनी की 30,000 कर्मचारियों की कुल छंटनी योजना का हिस्सा माना गया था। अब रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दूसरे चरण में भी लगभग इतनी ही संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। हालाँकि,अमेजन की ओर से अब तक इन रिपोर्ट्स पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
अक्टूबर में हुई छंटनी के बाद कंपनी ने एक आंतरिक पत्र के जरिए कर्मचारियों को इस फैसले के पीछे की वजह समझाने की कोशिश की थी। उस पत्र में साफ तौर पर कहा गया था कि एआई सॉफ्टवेयर के बढ़ते इस्तेमाल ने कंपनी के काम करने के तरीके को बदल दिया है। पत्र में लिखा गया था कि एआई की मौजूदा पीढ़ी इंटरनेट के बाद सबसे क्रांतिकारी तकनीक है,जो कंपनियों को पहले से कहीं अधिक तेजी से नवाचार करने में सक्षम बना रही है। इस बयान से यह संकेत मिला था कि तकनीकी बदलावों के कारण कुछ पद अब उतने जरूरी नहीं रह गए हैं।
हालाँकि,बाद में अमेजन के सीईओ एंडी जेसी ने इस मुद्दे पर थोड़ा अलग रुख अपनाया। कंपनी की तीसरी तिमाही की आय घोषणा के दौरान उन्होंने विश्लेषकों से बातचीत में कहा था कि यह छंटनी सीधे तौर पर न तो वित्तीय दबाव की वजह से थी और न ही इसे पूरी तरह एआई-प्रेरित कहा जा सकता है। उनके मुताबिक,यह ज्यादा “कल्चर” से जुड़ा मामला था। उन्होंने कहा कि कंपनी के भीतर जरूरत से ज्यादा नौकरशाही बढ़ गई थी,जिससे कामकाज में सुस्ती आ रही थी।
एंडी जेसी ने स्पष्ट किया कि समय के साथ अमेजन में कर्मचारियों की संख्या बढ़ती चली गई और इसके साथ ही कई अतिरिक्त मैनेजमेंट लेयर्स भी बन गईं। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया जटिल हो गई थी और नवाचार की गति प्रभावित हो रही थी। ऐसे में कंपनी को अपने ढाँचे को सरल बनाने और ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने की जरूरत महसूस हुई।
अगर यह छंटनी पूरी होती है,तो यह अमेजन के लगभग तीन दशक के इतिहास में सबसे बड़ी कटौती होगी। इससे पहले 2022 में कंपनी ने करीब 27,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी,जिसे उस वक्त एक बड़ा कदम माना गया था। हालाँकि,मौजूदा योजना उससे भी आगे जाती दिख रही है। इसके बावजूद, 30,000 कर्मचारियों की छंटनी अमेजन के कुल 15 लाख कर्मचारियों के मुकाबले एक छोटा सा हिस्सा ही होगी। फिर भी,इतने बड़े पैमाने पर नौकरियों का जाना कर्मचारियों और टेक इंडस्ट्री दोनों के लिए चिंता का विषय है।
रिपोर्ट्स के अनुसार,जिन कर्मचारियों पर छंटनी की गाज गिरेगी,उन्हें कुछ राहत भी दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को 90 दिनों तक कंपनी के वेतनमान में रखा जा सकता है। इस दौरान वे अमेजन के भीतर अन्य पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं या फिर बाहर नई नौकरी की तलाश कर सकते हैं। यह व्यवस्था कर्मचारियों को अचानक बेरोजगारी के झटके से बचाने की कोशिश मानी जा रही है।
अमेजन की यह संभावित छंटनी ऐसे समय में सामने आई है,जब पूरी दुनिया में एआई के प्रभाव को लेकर बहस तेज है। इसी सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कई बड़ी टेक कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि एआई का मकसद इंसानों की नौकरियों को पूरी तरह खत्म करना नहीं है। उनका मानना था कि एआई कई कार्यों को स्वचालित करके काम करने के तरीकों को बदलेगा,जिससे कुछ नई भूमिकाएं भी पैदा होंगी।
इसके बावजूद,जमीनी हकीकत यह है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से कई पारंपरिक नौकरियाँ दबाव में आ रही हैं। अमेजन का उदाहरण दिखाता है कि कैसे एक बड़ी और स्थापित कंपनी भी तकनीकी बदलावों के साथ खुद को ढालने के लिए कठोर फैसले लेने को मजबूर हो रही है। खासकर ऐसे विभाग,जहाँ डेटा प्रोसेसिंग, कस्टमर सपोर्ट,कंटेंट मैनेजमेंट और बैक-एंड ऑपरेशंस शामिल हैं,वहाँ ऑटोमेशन का असर ज्यादा दिख रहा है।
फिलहाल,अमेजन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है,लेकिन अगर रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं,तो यह छंटनी न सिर्फ कंपनी के कर्मचारियों,बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संकेत होगी कि आने वाले समय में एआई किस तरह से कार्यबल की संरचना को बदल सकता है। ऐसे में कर्मचारियों और कंपनियों दोनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वे इस तकनीकी बदलाव के साथ खुद को कैसे ढालते हैं और भविष्य के लिए तैयार करते हैं।
