हवाई हमले

बेरूत में इजरायली एयर स्ट्राइक में 22 लोगों की मौत,हिजबुल्लाह कमांडर बच निकलने में कामयाब रहा

बेरूत,11 अक्टूबर (युआईटीवी)- इजरायली एयर स्ट्राइक में 22 लोगों की मौत और 117 लोग घायल हो गए, जब इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्र अल-नूइरी को निशाना बनाया। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि की और यह जानकारी दी कि यह हमला कथित तौर पर हिजबुल्लाह के संपर्क और कोऑर्डिनेशन यूनिट के प्रमुख वाफिक सफा को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन सफा इस हमले में बचने में कामयाब रहा।

यह इजरायल द्वारा बेरूत पर किया गया तीसरा बड़ा हमला था। इससे पहले इजरायली सेना ने अल कोला और अल-बचौरा इलाकों पर भी हमला किया था। इजरायली हमलों में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और लेबनान की राजधानी बेरूत अब इस संघर्ष का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गई है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है,जब इजरायल और लेबनान के बीच तनाव चरम पर है। पिछले कुछ वर्षों से इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है, खासकर 23 सितंबर के बाद जब इजरायल ने लेबनान में अपने सैन्य अभियानों का विस्तार किया। इन हमलों में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लेबनान सरकार के अनुसार, पिछले साल से इजरायली हमलों में 2,169 लोग मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर मौतें सितंबर के बाद हुई हैं।

इजरायल का दावा है कि उसके ये हमले हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं, जो लेबनान में सक्रिय एक शिया मिलिशिया समूह है। हिजबुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह और उसके सहयोगी भी इन हमलों का निशाना बने हैं।

27 सितंबर को बेरूत के दक्षिणी उपनगर में किए गए इजरायली हवाई हमले में हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह और उसके कई सहयोगियों की मौत हुई थी। इसके बाद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया,जो अब इस क्षेत्र में एक बड़े संघर्ष का रूप ले चुका है।

इजरायली हमलों के कारण लेबनान में एक बड़ी मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है। लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं,जिनमें से कई लोगों के पास अब अपने घर लौटने का कोई रास्ता नहीं है। इजरायली हमलों की बढ़ती तीव्रता ने लेबनान की स्थिति को और जटिल बना दिया है,जहाँ पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक संकट चल रहा था।

लेबनान के कई नागरिकों को अपनी सुरक्षा के लिए शरणार्थी शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा है और देश की स्थिति निरंतर खराब होती जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है,लेकिन अब तक किसी ठोस समाधान की दिशा में कदम नहीं उठाए गए हैं।

हिजबुल्लाह ने 8 अक्टूबर, 2023 को हमास के समर्थन में इजरायल पर रॉकेट दागने शुरू किए थे,जिससे गाजा और इजरायल के बीच के संघर्ष और भीषण हो गया। इस संघर्ष की जड़ें अक्टूबर 2023 में गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियान से जुड़ी हैं,जब हमास ने इजरायल पर एक बड़ा हमला किया था।

लगभग 1,200 लोग इस हमले में मारे गए और 250 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया गया था। इजरायल ने इस घटना के बाद से गाजा में हमास के ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं,जिससे वहाँ की स्थिति और भी खराब हो गई है। अब तक, अक्टूबर 2023 से लेकर आज तक,गाजा में इजरायली हमलों में कम-से-कम 42,065 लोग मारे गए हैं और 97,886 लोग घायल हो चुके हैं।

लेबनान और गाजा में इजरायली हमलों का नवीनतम दौर क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर चुनौती बन गया है। इस संघर्ष में हिजबुल्लाह और हमास जैसी शक्तियों की बढ़ती भूमिका से यह स्पष्ट हो गया है कि यह क्षेत्र एक लंबे और जटिल संघर्ष की दिशा में बढ़ रहा है।

इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच जारी लड़ाई का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है और इस संघर्ष का असर पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में महसूस किया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की भूमिका इस संघर्ष को सुलझाने में अहम हो सकती है,लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है।

इस संघर्ष ने लाखों निर्दोष लोगों की जान ली है और क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है, जिससे पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल बन गया है।