केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई)

बंगाल स्कूल नौकरी मामला : भर्ती परीक्षा के लिए ओएमआर शीट सप्लाई करने वाले एजेंसी के कार्यालयों पर सीबीआई का तलाशी और छापेमारी अभियान

कोलकाता,27 सितंबर (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में नए सिरे से जाँच अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस घोटाले में करोड़ों रुपए का नकद हेरा-फेरी हुआ है। जिसके लिए सीबीआई ने जाँच शुरू कर दिया है। आउटसोर्स एजेंसियों के कई कार्यालयों पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई ) ने बड़े पैमाने पर छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया है। ये आउटसोर्स एजेंसियाँ ही पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीपीई) को भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए ओएमआर शीट सप्लाई करने के लिए जिम्मेदार हैं।

डब्ल्यूबीएसएससी और डब्ल्यूबीबीपीई पश्चिम बंगाल के स्कूलों में शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती के लिए विभिन्न परीक्षाएँ आयोजित करता है।

सबसे पहले पूछताछ के लिए कौशिक माझी को मध्य कोलकाता के निज़ाम पैलेस में स्थित एजेंसी के कार्यालय में बुलाया गया। कौशिक माझी उक्त आउटसोर्स इकाई एस बसु रॉय एंड कंपनी के कोलकाता स्थित कार्यालय के शीर्ष अधिकारी हैं।

इसके बाद विभिन्न संगठनों पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई ) की विभिन्न टीमों ने तलाशी अभियान चलाया और छापेमारी की।

जहाँ भी सीबीआई की टीम छापेमारी और तलाशी अभियान चला रही है,उन स्थानों के बारे में सूत्रों ने बताया है कि स्थानों में आउटसोर्स इकाई के कई कार्यालय के साथ-साथ गोदाम भी स्थित है। इसके अलावा आउटसोर्स इकाई में कार्यरत कई शीर्ष अधिकारियों के वहाँ आवास भी हैं।

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले की समानांतर रूप से छानबीन ईडी के अधिकारियों द्वारा भी किया जा रहा है। जब ईडी के अधिकारियों ने इस घोटाले में संलिप्त अभिषेक बनर्जी की संपत्ति पर कलकत्ता हाईकोर्ट में अधूरा विवरण प्रस्तुत किया तो न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की एकल न्यायाधीश पीठ की नाराजगी का सामना ईडी के अधिकारियों को करना पड़ा। जिसके बाद इस मामले में सीबीआई की नई गतिविधि शुरू हुई।

पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में आउटसोर्स इकाई की भूमिका होने की बात तब सामने आई जब कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने इस साल जून में पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड (डब्ल्यूबीबीपीई) और व्यक्तिगत आउटसोर्स एजेंसी के बीच गोपनीय सेक्शन तक पहुँच होने पर सवाल उठाया। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि यह निजी आउटसोर्स एजेंसी कैसे पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के गोपनीय सेक्शन तक पहुँच रखता है ? साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या किसी निजी संस्था को डब्ल्यूबीबीपीई गोपनीय सेक्शन तक पहुँच देने का कोई कानूनी प्रावधान है ? क्योंकि कोई भी बाहरी संस्था या इकाई गोपनीय सेक्शन का हिस्सा नहीं होता है। किसी बाहरी एजेंसी को किसी भी प्रकार की जानकारी देना या डाटा साझा करने की अनुमति बोर्ड को नहीं है।

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