नई दिल्ली,5 दिसंबर (युआईटीवी)- दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी,बिटकॉइन ने 1,00,000 डॉलर की ऐतिहासिक ऊँचाई पर पहुँचकर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि का श्रेय उद्योग विशेषज्ञ बाजार की गतिशीलता,अमेरिका द्वारा प्रदान की जा रही नियामक स्पष्टता और बिटकॉइन ईटीएफ के माध्यम से इंस्टीट्यूशनल एडॉप्शन को देते हैं।
बिटकॉइन ने 4.39 प्रतिशत की बढ़त के बाद 1,03,095 डॉलर पर कारोबार किया। बिनेंस के क्षेत्रीय बाजारों के प्रमुख विशाल सचेंद्रन का कहना है कि ब्लॉकचेन तकनीक को दुनिया भर की सरकारें और संस्थानों द्वारा अपनाया जा रहा है,जिससे क्रिप्टोकरेंसी बाजार में सकारात्मकता आई है। उनका मानना है कि इस बदलाव से डिजिटल एसेट्स को अपनाने और निवेश के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
सचेंद्रन ने आगे कहा,”यह नया उत्साह एक मैच्योर और लगातार विकास के लिए तैयार इकोसिस्टम को दिखाता है।” उनका यह भी कहना था कि बिटकॉइन रिजर्व और कॉरपोरेट ट्रेजरी इंटीग्रेशन के बारे में अमेरिका की ओर से की जाने वाली चर्चाएँ बिटकॉइन को मुख्यधारा में लाने का संकेत देती हैं। इसके अलावा,आने वाला साल बेहतर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क,अधिक पारदर्शिता व ब्लॉकचेन इंटरऑपरेबिलिटी में इनोवेशन का समय होगा।
जेबपे के सीईओ राहुल पगिदिपति ने बिटकॉइन की बढ़ती कीमत के बारे में कहा कि अब बिटकॉइन दुनिया की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान संपत्तियों में से एक बन गया है, जो सोने के बाद सभी वस्तुओं और अधिकांश कंपनियों से अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि क्रिप्टो बाजार का कुल पूँजीकरण 3.5 ट्रिलियन डॉलर के आँकड़े को पार कर गया है,जो इस क्षेत्र में बढ़ती रुचि और व्यापकता को अपनाने को दर्शाता है।
एक महीने पहले,डेवेरे ग्रुप के निगेल ग्रीन ने भविष्यवाणी की थी कि यदि डोनाल्ड ट्रंप फिर से राष्ट्रपति का चुनाव जीत जाते हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बन जाते हैं,तो बिटकॉइन 1,00,000 डॉलर की ऊँचाई तक पहुँच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा था, “मुझे विश्वास है कि बिटकॉइन 2025 की पहली तिमाही में 1,20,000 डॉलर तक पहुँच सकता है। बिटकॉइन की डिजिटल गोल्ड के रूप में तेजी को नजरअंदाज करना अब मुश्किल हो रहा है। मुद्रास्फीति के खिलाफ इसे एक बचाव तथा पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन के एक टूल के रूप में देखा जा रहा है।”
यह वृद्धि न केवल बिटकॉइन के लिए,बल्कि समग्र क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है,क्योंकि इससे यह साबित होता है कि क्रिप्टोकरेंसी मुख्यधारा के वित्तीय बाजारों में एक महत्वपूर्ण स्थान बना रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट्स की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है, खासकर जब संस्थागत निवेश और नियामक समर्थन अधिक मजबूत होता है।
