राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी (तस्वीर क्रेडिट@SSSharma86)

बिटकॉइन घोटाले में राज कुंद्रा पर शिकंजा,पीएमएलए कोर्ट ने समन जारी कर मुकदमे की राह खोली

नई दिल्ली,19 जनवरी (युआईटीवी)- बिजनेसमैन से फिल्म प्रोड्यूसर और अभिनेता बने राज कुंद्रा की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। बिटकॉइन से जुड़े चर्चित पोंजी घोटाले के मामले में मुंबई की एक विशेष पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए राज कुंद्रा को समन जारी किया है। इसी मामले में दुबई में रहने वाले कारोबारी राजेश सतीजा को भी कोर्ट ने तलब किया है। दोनों आरोपियों को तय तारीख पर अदालत में पेश होने का निर्देश दिया गया है।

यह मामला कुख्यात ‘गैन बिटकॉइन’ पोंजी घोटाले से जुड़ा हुआ है,जिसने कुछ साल पहले देशभर में निवेशकों के बीच हलचल मचा दी थी। ईडी ने सितंबर 2025 में इस केस में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी,जिसमें राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को आरोपी बनाया गया था। जाँच एजेंसी का आरोप है कि इस घोटाले के मास्टरमाइंड और प्रमोटर अमित भारद्वाज ने बिटकॉइन माइनिंग से जुड़े एक कथित प्रोजेक्ट के लिए राज कुंद्रा को भारी मात्रा में क्रिप्टोकरेंसी सौंपी थी।

ईडी के अनुसार,अमित भारद्वाज ने यूक्रेन में बिटकॉइन माइनिंग फार्म स्थापित करने के उद्देश्य से राज कुंद्रा को कुल 285 बिटकॉइन दिए थे। हालाँकि,यह माइनिंग प्रोजेक्ट कभी साकार नहीं हो सका। इसके बावजूद,एजेंसी का दावा है कि ये 285 बिटकॉइन अब भी राज कुंद्रा के पास मौजूद हैं। मौजूदा बाजार कीमत के हिसाब से इन बिटकॉइन की कीमत 150 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है,जिससे इस मामले की गंभीरता और भी बढ़ जाती है।

चार्जशीट में कहा गया है कि राज कुंद्रा ने जाँच के दौरान खुद को इस पूरे लेनदेन में केवल एक ‘मध्यस्थ’ बताया। उनका दावा रहा कि वह सिर्फ दोनों पक्षों के बीच सौदे को आगे बढ़ाने में शामिल थे और बिटकॉइन के असली लाभार्थी नहीं थे। हालाँकि,ईडी का कहना है कि राज कुंद्रा इस दावे के समर्थन में कोई ठोस और पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। जाँच एजेंसी के मुताबिक, ‘टर्म शीट’ नाम का एक समझौता राज कुंद्रा और महेंद्र भारद्वाज के बीच हुआ था,जिससे यह संकेत मिलता है कि असली सौदा सीधे राज कुंद्रा और अमित भारद्वाज के बीच ही हुआ था।

ईडी ने अपनी चार्जशीट में इस बात पर भी जोर दिया है कि लेनदेन को सात साल से अधिक का समय बीत चुका है,इसके बावजूद राज कुंद्रा को अलग-अलग किस्तों में मिले बिटकॉइन की संख्या आज भी ठीक-ठीक याद है। एजेंसी का मानना है कि यह तथ्य इस दावे को कमजोर करता है कि वह सिर्फ एक मध्यस्थ थे। ईडी के अनुसार,किसी भी मध्यस्थ के लिए इतने लंबे समय बाद लेनदेन का इतना सटीक विवरण याद रखना असामान्य है,जबकि लाभार्थी आमतौर पर ऐसी जानकारी को सँभालकर रखते हैं।

जाँच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि 2018 से लेकर अब तक राज कुंद्रा को कई बार मौका दिया गया,ताकि वह उन वॉलेट एड्रेस की जानकारी उपलब्ध करा सकें,जिनमें कथित तौर पर 285 बिटकॉइन ट्रांसफर किए गए थे। हालाँकि,कुंद्रा हर बार इस जानकारी को देने में असफल रहे। उन्होंने इसके पीछे अपने आईफोन एक्स के खराब हो जाने का हवाला दिया,जिसमें कथित तौर पर वॉलेट से जुड़ी जानकारियाँ थीं। ईडी का कहना है कि यह तर्क संतोषजनक नहीं है और इससे यह संदेह पैदा होता है कि जानबूझकर सबूतों को छिपाने और अपराध से अर्जित धन को छुपाने की कोशिश की जा रही है।

ईडी ने अदालत को यह भी बताया कि क्रिप्टोकरेंसी जैसे डिजिटल एसेट्स के मामले में वॉलेट एड्रेस और ट्रांजैक्शन डिटेल्स बेहद अहम होती हैं। ऐसे में बार-बार जानकारी न देना या तकनीकी बहाने बनाना जाँच को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है। एजेंसी का आरोप है कि राज कुंद्रा ने जाँच में सहयोग नहीं किया और महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा करने से बचते रहे।

अब विशेष पीएमएलए कोर्ट द्वारा समन जारी किए जाने के बाद यह मामला एक नए चरण में प्रवेश कर गया है। अदालत में पेश होने के दौरान राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को अपने पक्ष में जवाब देना होगा और ईडी के आरोपों का सामना करना पड़ेगा। इस केस पर न केवल कानूनी हलकों की नजर है,बल्कि फिल्म और बिजनेस जगत में भी इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है,क्योंकि राज कुंद्रा पहले भी कई विवादों और जांचों के कारण सुर्खियों में रह चुके हैं।

गौरतलब है कि गैन बिटकॉइन घोटाला देश के सबसे बड़े क्रिप्टो पोंजी घोटालों में से एक माना जाता है,जिसमें हजारों निवेशकों को भारी नुकसान हुआ था। इस मामले में पहले ही कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। अब राज कुंद्रा के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया शुरू होने से यह साफ है कि जाँच एजेंसियाँ इस घोटाले से जुड़े हर पहलू को अदालत के सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आने वाले दिनों में इस केस की सुनवाई के दौरान कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।