नितिन नबीन लेंगे पहली अहम संगठनात्मक बैठक (तस्वीर क्रेडिट@PandaJay)

भाजपा में नए नेतृत्व की शुरुआत: नितिन नबीन लेंगे पहली अहम संगठनात्मक बैठक,रणनीति और मजबूती पर होगा मंथन

नई दिल्ली,21 जनवरी (युआईटीवी)- भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन बुधवार को पार्टी मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि नए अध्यक्ष के कार्यभार सँभालने के बाद यह उनकी पहली बड़ी औपचारिक बैठक होगी,जिसमें पार्टी के शीर्ष पदाधिकारी और राज्यों से जुड़े प्रमुख संगठनात्मक चेहरे शामिल होंगे। भाजपा इस बैठक के जरिए न सिर्फ अंदरूनी संवाद की शुरुआत कर रही है,बल्कि आने वाले राजनीतिक दौर के लिए अपनी दिशा और प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करना चाहती है।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक,इस बैठक में सभी भाजपा राज्य अध्यक्षों और राष्ट्रीय सचिवों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने,राज्यों में राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा करने और भविष्य की चुनावी रणनीति पर चर्चा इस बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष के भी बैठक में मौजूद रहने की उम्मीद है,जो संगठनात्मक मामलों में पार्टी की रीढ़ माने जाते हैं। उनके अनुभव और मार्गदर्शन को नए अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन को नई दिशा देने में अहम माना जा रहा है।

नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी मुख्यालय में जिस तरह का माहौल देखने को मिला,उसने साफ संकेत दिया कि भाजपा इस बदलाव को सिर्फ औपचारिक नहीं,बल्कि एक नए दौर की शुरुआत के रूप में देख रही है। नए अध्यक्ष के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उनके कार्यालय जाना इस बदलाव के राजनीतिक और संगठनात्मक महत्व को रेखांकित करता है। उनके साथ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह,नितिन गडकरी और पार्टी के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नए अध्यक्ष के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नितिन नबीन के परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने उन्हें बधाई दी और कुछ हल्की-फुल्की बातचीत के जरिए माहौल को सहज बनाया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भर नहीं थी,बल्कि यह भी दिखाती है कि भाजपा नेतृत्व अपने नए अध्यक्ष को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए व्यक्तिगत स्तर पर भी उनका उत्साह बढ़ाना चाहता है।

महज 45 वर्ष की उम्र में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले नितिन नबीन को पार्टी में एक पीढ़ीगत बदलाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। उनका चयन इस बात का संकेत है कि भाजपा आने वाले समय में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और संगठन में नई ऊर्जा भरने पर जोर दे रही है। नबीन का संगठनात्मक अनुभव,जमीनी राजनीति की समझ और युवाओं के साथ जुड़ाव उन्हें इस भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार बनाता है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि उनके नेतृत्व में भाजपा संगठनात्मक ढाँचे में कुछ नए प्रयोग और नवाचार देखने को मिल सकते हैं।

नितिन नबीन के चयन के बाद पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बयान भी काफी चर्चा में रहा। उन्होंने नितिन नबीन को अपना ‘बॉस’ बताते हुए खुद को सिर्फ एक पार्टी कार्यकर्ता कहा। जोरदार तालियों के बीच पीएम मोदी ने कहा कि जब पार्टी के मामलों की बात आती है,तो वह एक कार्यकर्ता हैं और नितिन नबीन उनके बॉस हैं। इस बयान को पार्टी के भीतर अनुशासन,संगठनात्मक सर्वोच्चता और नए अध्यक्ष के प्रति सम्मान के रूप में देखा गया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि नितिन नबीन में युवा ऊर्जा के साथ-साथ संगठन में लंबा अनुभव भी है,जो पार्टी के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। उनके मुताबिक,नबीन का नेतृत्व भाजपा को नई चुनौतियों से निपटने और बदलते राजनीतिक परिदृश्य में खुद को और मजबूत करने में मदद करेगा।

वहीं,राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद नितिन नबीन ने इसे अपने लिए “संकल्प का क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक पद नहीं सँभाल रहे हैं,बल्कि पार्टी की विचारधारा,परंपराओं और एक राष्ट्रवादी आंदोलन की बड़ी जिम्मेदारी भी अपने कंधों पर ले रहे हैं। उनके इस बयान से यह साफ झलकता है कि वह अपने नए दायित्व को गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ निभाने के लिए तैयार हैं।

बुधवार को होने वाली संगठनात्मक बैठक को इसी संदर्भ में बेहद अहम माना जा रहा है। यह बैठक न सिर्फ नए अध्यक्ष की कार्यशैली और प्राथमिकताओं की झलक देगी,बल्कि यह भी तय करेगी कि भाजपा आने वाले महीनों में संगठन और राजनीति के स्तर पर किस दिशा में आगे बढ़ेगी। पार्टी के भीतर इस बैठक को नए नेतृत्व के तहत एक मजबूत और संगठित भविष्य की नींव के रूप में देखा जा रहा है।