प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुईस इनासियो लूला दा सिल्वा (तस्वीर क्रेडिट@ransinghBJP)

भारत दौरे पर आ रहे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला,मोदी के साथ करेंगे अहम बातचीत; रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा

नई दिल्ली,18 फरवरी (युआईटीवी)- ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा के भारत दौरे से पहले दोनों देशों के रिश्तों को लेकर नई सक्रियता दिखाई दे रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि भारत और ब्राजील के संबंध मजबूत,विविध और रणनीतिक गहराई वाले हैं। राष्ट्रपति लूला 18 से 22 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे,जहाँ वे कई उच्चस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ब्राजील के राष्ट्रपति जल्द ही भारत पहुँच रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया,जिसमें भारत-ब्राजील संबंधों की झलक दिखाई गई। इस वीडियो में दोनों देशों के बीच वर्षों से चले आ रहे सहयोग, सांस्कृतिक जुड़ाव और रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित किया गया है।

राष्ट्रपति लूला का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है,जब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। भारत और ब्राजील,दोनों ही वैश्विक दक्षिण के प्रमुख देशों में गिने जाते हैं और बहुपक्षीय मंचों पर सुधारित वैश्विक व्यवस्था की वकालत करते रहे हैं। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ में भी हिस्सा लेंगे,जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक प्रभाव और इसके भविष्य पर चर्चा की जाएगी।

भारत रवाना होने से पहले राष्ट्रपति लूला ने सोशल मीडिया पर एक संदेश साझा करते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं और इस दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों के लिए नई संभावनाएँ खोल सकती है।

21 फरवरी को राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री मोदी के बीच औपचारिक वार्ता होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार,इस बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। व्यापार,रक्षा सहयोग,ऊर्जा,कृषि,विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय,वैश्विक शासन में सुधार और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहेंगे।


प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति लूला के सम्मान में एक औपचारिक लंच का आयोजन भी करेंगे। वहीं,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी ब्राजील के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक राजकीय भोज आयोजित करेंगी। इसके अलावा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी राष्ट्रपति लूला से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।

इस यात्रा की एक खास बात यह भी है कि राष्ट्रपति लूला के साथ लगभग 14 मंत्री और ब्राजील की प्रमुख कंपनियों के शीर्ष सीईओ का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल भारत आ रहा है। यह दर्शाता है कि यह दौरा केवल राजनीतिक नहीं,बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ब्राजील के मंत्री अपने भारतीय समकक्षों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए बैठकें करेंगे। वहीं,शीर्ष उद्योगपति एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे,जहाँ निवेश, व्यापार और संयुक्त परियोजनाओं पर चर्चा होगी।

भारत और ब्राजील के बीच व्यापारिक संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश कृषि,ऊर्जा,रक्षा और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। ब्राजील,भारत के लिए लैटिन अमेरिका में एक अहम साझेदार है,जबकि भारत एशिया में ब्राजील के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी के रूप में उभरा है। इस यात्रा के दौरान व्यापार और निवेश को नई गति देने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना भी जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और ब्राजील की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दे सकती है। दोनों देश ब्रिक्स, जी20 और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर पहले से ही मिलकर काम कर रहे हैं। वैश्विक दक्षिण के मुद्दों को उठाने और विकासशील देशों के हितों की रक्षा करने में दोनों देशों की सोच काफी हद तक समान रही है। ऐसे में राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों को ही नहीं,बल्कि वैश्विक स्तर पर सहयोग के नए आयामों को भी मजबूत कर सकती है।

राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा का भारत दौरा कई मायनों में अहम है। राजनीतिक,आर्थिक और तकनीकी सहयोग के नए अवसरों के साथ यह यात्रा दोनों देशों के बीच विश्वास और साझेदारी को और गहरा करेगी। आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों और संभावित समझौतों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी,क्योंकि यह दौरा भारत-ब्राजील संबंधों के इतिहास में एक नई महत्वपूर्ण कड़ी जोड़ सकता है।