सेंथिल बालाजी

करूर भगदड़ मामले में सीबीआई समन पर सेंथिल बालाजी की प्रतिक्रिया,कहा—17 मार्च को पेश होकर दूँगा सभी सवालों के जवाब

चेन्नई,10 मार्च (युआईटीवी)- तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल लगातार जारी है। इस मामले में केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा भेजे गए समन को लेकर तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) नेता सेंथिल बालाजी ने मीडिया में चल रही खबरों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों में सीबीआई के समन को लेकर विरोधाभासी खबरें प्रसारित की जा रही हैं,जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।

सेंथिल बालाजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें केंद्रीय जाँच ब्यूरो की ओर से जो समन मिला है,उसमें उनसे 17 मार्च को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि वे तय तारीख पर एजेंसी के सामने पेश होंगे और जाँच से जुड़े सभी सवालों का उचित जवाब देंगे। उनके इस बयान को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है,जब करूर भगदड़ मामले की जाँच राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।

गौरतलब है कि यह मामला 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में हुई एक बड़ी त्रासदी से जुड़ा है। उस दिन अभिनेता-राजनेता विजय की राजनीतिक पार्टी तमिलागा वेत्री कज़गम की एक बड़ी रैली आयोजित की गई थी। इस रैली में अचानक भगदड़ मच गई,जिसके परिणामस्वरूप 41 लोगों की मौत हो गई थी,जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इस हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था और इसके बाद से ही इस घटना को लेकर व्यापक जाँच की माँग उठने लगी थी।

हादसे के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले लिया था। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग की थी। इसके बाद मामला अदालत तक पहुँचा और अंततः भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इस पूरे प्रकरण की जाँच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया।

सुप्रीम कोर्ट ने जाँच की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष निगरानी व्यवस्था भी बनाई है। अदालत ने इस जाँच की निगरानी के लिए एक सुपरवाइजरी कमेटी का गठन किया है,जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अजय रस्तोगी कर रहे हैं। इस समिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जाँच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़े और किसी भी महत्वपूर्ण पहलू को नजरअंदाज न किया जाए।

करूर में हुई इस भगदड़ की वजह को लेकर शुरुआती जाँच में यह सामने आया था कि रैली में अनुमान से कहीं अधिक लोग पहुँच गए थे। कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी,जिसके कारण अचानक अव्यवस्था फैल गई और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। इसी अफरातफरी के दौरान भगदड़ मच गई,जिससे बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए और कई लोगों की जान चली गई।

इस दुखद घटना के बाद अभिनेता और टीवीके पार्टी के प्रमुख विजय ने भी गहरा शोक व्यक्त किया था। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। इसके अलावा उन्होंने कुछ पीड़ित परिवारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत भी की थी और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया था।

विजय लंबे समय से तमिल सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली कलाकारों में से एक माने जाते हैं। तीन दशकों से अधिक समय से फिल्म उद्योग में सक्रिय विजय को उनके प्रशंसक प्यार से “थलापति” के नाम से बुलाते हैं। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत एक बाल कलाकार के रूप में की थी और धीरे-धीरे तमिल फिल्म उद्योग में एक बड़े सितारे के रूप में स्थापित हो गए।

विजय ने 2024 में अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलागा वेत्री कज़गम की स्थापना की थी और उसके बाद से वे राजनीति में भी सक्रिय हो गए हैं। उनकी रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं,जिससे यह स्पष्ट होता है कि उनका जनाधार काफी व्यापक है। हालाँकि,करूर की इस घटना के बाद भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल भी उठे हैं।

जहाँ तक विजय के फिल्मी करियर की बात है,उन्होंने तमिल सिनेमा में अपने शुरुआती दिनों में कॉमेडी और रोमांटिक फिल्मों में काम किया। धीरे-धीरे उन्होंने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्मों में अभिनय करना शुरू किया,जिससे उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली। उनकी कई फिल्में सामाजिक संदेश और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर आधारित रही हैं।

विजय की पहली प्रमुख फिल्म “नालैया थीरपु” थी,जो उनकी माँ द्वारा लिखी गई थी। हालाँकि,यह फिल्म औसत रही,लेकिन इससे उन्हें पहचान मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया और तमिल सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई।

करूर भगदड़ मामले की जाँच अभी जारी है और सीबीआई इस घटना के हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है। जाँच एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस हादसे के पीछे किन कारणों और लापरवाहियों की भूमिका रही। सेंथिल बालाजी को भेजा गया समन भी इसी जाँच प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

अब सभी की नजरें 17 मार्च पर टिकी हुई हैं,जब सेंथिल बालाजी सीबीआई के सामने पेश होंगे और इस मामले में अपना पक्ष रखेंगे। आने वाले दिनों में जाँच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट हो सकेगा कि करूर की इस दुखद घटना के लिए आखिर जिम्मेदारी किसकी थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।