जोस बटलर (तस्वीर क्रेडिट@sourabhreport)

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से इंग्लैंड के बाहर होने के बाद जोस बटलर ने कप्तानी छोड़ने का किया ऐलान

कराची,1 मार्च (युआईटीवी)- चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में इंग्लैंड का सफर अपेक्षाकृत अच्छा नहीं रहा है। टीम ने अपने पहले दोनों मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर होने का दुखद अनुभव किया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने आखिरी मैच से पहले, इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने घोषणा की कि वह टूर्नामेंट के बाद कप्तानी छोड़ देंगे। बटलर को जून 2022 में इयोन मोर्गन के बाद इंग्लैंड का कप्तान नियुक्त किया गया था और उसी वर्ष उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित टी20 विश्व कप में टीम को जीत दिलाई थी।

शुक्रवार को 34 वर्षीय बटलर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तानी छोड़ने का फैसला किया और कहा कि वह शनिवार के दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में इंग्लैंड का आखिरी बार नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा कि, “मैं इंग्लैंड की कप्तानी छोड़ने जा रहा हूँ। यह मेरे और टीम के लिए सही निर्णय है। मुझे उम्मीद है कि कोई और कप्तान टीम को वहाँ ले जाएगा,जहाँ उसे होना चाहिए।”

चैंपियंस ट्रॉफी में मिली दो हार के बाद इंग्लैंड का सफर समाप्त हो गया था और बटलर ने इस हार को लेकर अपनी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, यह टूर्नामेंट मेरी कप्तानी में महत्वपूर्ण होने वाला था,लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। टीम के साथ जब ब्रेंडन (मैककुलम) आए तो मैं उनके साथ काम करने के लिए और टीम को आगे ले जाने के लिए काफी उत्साहित था,लेकिन चीजें उम्मीद के अनुरूप नहीं हुईं,इसलिए मुझे ऐसा लगता है कि बदलाव के लिए यह सही उचित है।

बटलर ने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों में इंग्लैंड का प्रदर्शन आईसीसी टूर्नामेंटों में कुछ खास नहीं रहा। 2023 वनडे विश्व कप में लीग चरण में सातवें स्थान पर रहने के बाद इंग्लैंड को बाहर होना पड़ा था। इसके अलावा,पिछले साल के टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में उसे भारत से हार का सामना करना पड़ा था। इस निरंतर असफलता को देखते हुए बटलर ने बदलाव की जरूरत को महसूस किया और यही कारण है कि उन्होंने कप्तानी छोड़ने का निर्णय लिया।

बटलर ने अपनी निराशा और उदासी को भी व्यक्त किया,लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह आगे भी क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे और इसका पूरी तरह से लुत्फ़ उठाएँगे। उन्होंने कहा, “एक तरह की निराशा और उदासी है,लेकिन मुझे पूरा यकीन है कि यह निराशा और उदासी समय के साथ दूर हो जाएगी और मैं अपने क्रिकेट का लुत्फ उठा पाउँगा। मैं यह भी सोचूँगा कि अपने देश की कप्तानी करना कितने बड़े सम्मान की बात है।

बटलर का यह कदम इंग्लैंड क्रिकेट के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने पहले कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों में जीत हासिल की,लेकिन हाल के कुछ वर्षों में टीम की लगातार हार ने उन्हें खुद इस बदलाव के लिए प्रेरित किया। बटलर का यह बयान इंग्लैंड क्रिकेट में एक नए युग की शुरुआत का संकेत हो सकता है,जिसमें नई कप्तानी और नई रणनीतियों की जरूरत होगी।