पुणे,19 फरवरी (युआईटीवी)- महाराष्ट्र में गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर जहाँ पूरे राज्य में उत्साह और श्रद्धा का माहौल था,वहीं पुणे जिले के ऐतिहासिक शिवनेरी किला में एक हादसे ने कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति पैदा कर दी। भारी भीड़ के दबाव के कारण किले के अंदर लगी एक रेलिंग टूट गई,जिससे कई लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालाँकि,प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से हालात को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया और किसी भी गंभीर चोट की सूचना नहीं है।
शिवनेरी किला ऐतिहासिक और भावनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थल है,क्योंकि यही वह स्थान है,जहाँ छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। हर साल उनकी जयंती पर यहाँ हजारों की संख्या में लोग पहुँचते हैं। इस बार भी जयंती के मौके पर बुधवार रात से ही श्रद्धालुओं और विभिन्न संगठनों के सदस्यों का किले की ओर आना शुरू हो गया था। कई लोग पारंपरिक ‘शिव ज्योत’ लेकर पहुँचे थे,जबकि कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धांजलि आयोजनों में भाग लेने आए थे। देखते ही देखते किले परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।
सूत्रों के अनुसार,किले के भीतर आने-जाने के प्रमुख मार्गों पर लोगों की संख्या इतनी अधिक हो गई कि रास्ते लगभग अवरुद्ध हो गए। अंबरखाना के नीचे स्थित हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे रास्तों पर भी भीड़ का अत्यधिक दबाव बन गया। इसी दौरान भीड़ के भारी दबाव के कारण एक रेलिंग अचानक टूट गई। रेलिंग टूटते ही वहाँ मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,रेलिंग टूटने के बाद लोग तेजी से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कई लोग एक-दूसरे को सहारा देकर ऊपर चढ़ने लगे,ताकि सुरक्षित स्थान तक पहुँच सकें। इस अफरातफरी में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और कुछ लोग संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े। इसी दौरान कुछ महिलाएँ और बच्चे भी घायल हो गए। हालाँकि,स्थानीय पुलिस और प्रशासन पहले से ही बड़ी संख्या में तैनात था,इसलिए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
पुणे के पुलिस अधीक्षक संदीप गिल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन से चार लोग सामान्य रूप से घायल हुए हैं और किसी के भी गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी घायलों को तुरंत बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार,घायलों की स्थिति स्थिर है और उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दी जा सकती है।
एसपी संदीप गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की दहशत फैलाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पुलिस ने मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया और प्रवेश तथा निकास मार्गों को व्यवस्थित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित तरीके से जारी रखा गया।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन की चुनौती को उजागर कर दिया है। शिवनेरी किला पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है और यहाँ के रास्ते कई स्थानों पर संकरे हैं। ऐसे में भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मार्गों की निगरानी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान अतिरिक्त सावधानियाँ बरती जाएँगी और जरूरत पड़ने पर प्रवेश संख्या को सीमित किया जाएगा।
गौरतलब है कि शिवाजी महाराज की जयंती महाराष्ट्र में बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में शोभायात्राएं,सांस्कृतिक कार्यक्रम और श्रद्धांजलि सभाएँ आयोजित की जाती हैं। शिवनेरी किले पर आयोजित कार्यक्रम विशेष महत्व रखते हैं,क्योंकि यह स्थल मराठा साम्राज्य के संस्थापक के जन्मस्थान के रूप में ऐतिहासिक पहचान रखता है। ऐसे में हर साल यहाँ बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुँचते हैं।
हालाँकि,इस बार की घटना ने कुछ देर के लिए माहौल को तनावपूर्ण बना दिया,लेकिन प्रशासन की तत्परता से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई। पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और भीड़ को व्यवस्थित किया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना की जाँच की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि रेलिंग टूटने की वजह क्या थी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल किले में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है,ताकि ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक अवसर पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना दोबारा न हो।
