नई दिल्ली,14 जून (युआईटीवी)- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित शराब घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में नियमित जमानत की याचिका पर सुनवाई को दिल्ली की एक अदालत ने 19 जून तक के लिए टाल दी है।
हाल ही में अरविंद केजरीवाल की चिकित्सा कारणों से सात दिन की अंतरिम जमानत की माँग वाली याचिका को राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज कावेरी बावेजा ने खारिज कर दी थी।
अदालत के सामने मुख्यमंत्री के वकील ने शुक्रवार को एक आवेदन देकर अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को चिकित्सा जाँच के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौजूद रहने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संबंध में जब मेडिकल बोर्ड बैठक करती है,तो सुनीता केजरीवाल को भी अपने इनपुट रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
तिहाड़ जेल के अधिकारियों से अदालत ने इस आवेदन पर जवाब माँगा है,जिस पर शनिवार को सुनवाई की जाएगी।
इस बीच सीएम केजरीवाल की नियमित जमानत याचिका की सुनवाई को अदालत ने 19 जून तक के लिए टाल दिया है। उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि भी उसी दिन समाप्त हो रही है।
पिछले दिनों अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि सीएम केजरीवाल को कुछ विशेष डायग्नोस्टिक टेस्ट के निर्देश दिए गए हैं। केजरीवाल तिहाड़ जेल से इस सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए थे।
उस समय सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने जमानत याचिका के बारे में कहा था कि वह सुनवाई के लायक नहीं है। क्योंकि सीएम केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के लिए दी गई अंतरिम जमानत का “दुरुपयोग” किया है।
अदालत में मुख्यमंत्री के तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन ने दावा किया था कि उनकी अंतरिम जमानत बिगड़ती मधुमेह की स्थिति तथा अन्य स्वास्थ्य कारणों से जरूरी है।
ईडी ने कहा था कि तिहाड़ जेल में केजरीवाल के मेडिकल टेस्ट करवाए जा सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सीएम केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए 1 जून तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी,जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून को तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण किया था।

